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Mahendragarh-Narnaul News: छुट्टियों में भी पढ़ाई रहेगी जारी, स्कूलों ने बच्चों को दिया मजेदार होमवर्क
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फोटो नंबर-09पीटीएम में भाग लेते शिक्षक-अभिभावक व बच्चे। स्रोत: विभाग
नारनौल। जिले के सभी 455 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की गई। इस दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई, उनकी प्रगति और कमियों को लेकर खुलकर बातचीत की। छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यार्थियों को गृहकार्य भी दिया गया।
शिक्षकों ने बताया कि यह होमवर्क बच्चों पर बोझ डालने के लिए नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने के लिए तैयार किया गया है। इसमें पढ़ाई के साथ चित्रकला, लेखन, कहानी पढ़ना और रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़ी चीजें शामिल की गई हैं ताकि बच्चे छुट्टियों में भी पढ़ाई से जुड़े रहें।
पीटीएम के दौरान अभिभावकों को यह भी समझाया गया कि बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए घर और स्कूल दोनों की साझेदारी जरूरी है। जिला एफएलएन समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि अगर माता-पिता रोज थोड़ा समय बच्चों के साथ बिताएं और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करें तो बच्चों की सीखने की क्षमता काफी बेहतर हो सकती है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने अभिभावकों से अपील की कि वे छुट्टियों में बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखते हुए रचनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और आदतों को निखारने का भी अच्छा मौका हैं।
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शिक्षकों ने बताया कि यह होमवर्क बच्चों पर बोझ डालने के लिए नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने के लिए तैयार किया गया है। इसमें पढ़ाई के साथ चित्रकला, लेखन, कहानी पढ़ना और रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़ी चीजें शामिल की गई हैं ताकि बच्चे छुट्टियों में भी पढ़ाई से जुड़े रहें।
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पीटीएम के दौरान अभिभावकों को यह भी समझाया गया कि बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए घर और स्कूल दोनों की साझेदारी जरूरी है। जिला एफएलएन समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि अगर माता-पिता रोज थोड़ा समय बच्चों के साथ बिताएं और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करें तो बच्चों की सीखने की क्षमता काफी बेहतर हो सकती है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने अभिभावकों से अपील की कि वे छुट्टियों में बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखते हुए रचनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और आदतों को निखारने का भी अच्छा मौका हैं।