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Mahendragarh-Narnaul News: नीट में कम नंबर आने पर छात्रा ने दी जान
Mon, 04 Aug 2025 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:50 AM IST
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मंडी अटेली (नारनौल)। नीट के बाद सीईटीमें भी कम अंक आने से आहत छात्रा ने जान दे दी। छात्रा राजस्थान के भगवाड़ी में एक कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा भी थी।
अटेली के गांव कुंजपुरा निवासी अंशु ने शनिवार देर शाम को जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।
अंशु ने इसी साल नीट दी थी। इसमें उसे अच्छे नंबर आने की संभावना थी, लेकिन परिणाम आने के बाद 470 नंबर ही आए। कम नंबर आने की वजह से वह डिप्रेशन में चली गई। उसका किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं हुआ। इसके बाद उसने बीएससी में एडमिशन लिया। गांव के सरपंच दलीप ने बताया कि अंशु ने हाल ही में सीईटी भी दी थी। इसकी आंसर-की के मिलान करने पर उसके 46 नंबर ही बन रहे थे। इसके बाद वह और ज्यादा डिप्रेशन में आ गई थी। हो सकता है कि वह कम नंबर का मानसिक तनाव नहीं झेल पाई और उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने भी किया समझाने का प्रयास किया था।
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सूचना मिलने पर पुलिस सामान्य अस्पताल गई थी। जहां परिजनों ने बताया कि लड़की भगवाड़ी के एक कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही थी। परीक्षा में कम अंक आने से लड़की मानसिक रूप से परेशान थी, लेकिन काफी समझाने के बाद भी हालत ठीक नहीं हुए। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।-देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी मंडी अटेली।
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अटेली के गांव कुंजपुरा निवासी अंशु ने शनिवार देर शाम को जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।
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अंशु ने इसी साल नीट दी थी। इसमें उसे अच्छे नंबर आने की संभावना थी, लेकिन परिणाम आने के बाद 470 नंबर ही आए। कम नंबर आने की वजह से वह डिप्रेशन में चली गई। उसका किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं हुआ। इसके बाद उसने बीएससी में एडमिशन लिया। गांव के सरपंच दलीप ने बताया कि अंशु ने हाल ही में सीईटी भी दी थी। इसकी आंसर-की के मिलान करने पर उसके 46 नंबर ही बन रहे थे। इसके बाद वह और ज्यादा डिप्रेशन में आ गई थी। हो सकता है कि वह कम नंबर का मानसिक तनाव नहीं झेल पाई और उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने भी किया समझाने का प्रयास किया था।
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सूचना मिलने पर पुलिस सामान्य अस्पताल गई थी। जहां परिजनों ने बताया कि लड़की भगवाड़ी के एक कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही थी। परीक्षा में कम अंक आने से लड़की मानसिक रूप से परेशान थी, लेकिन काफी समझाने के बाद भी हालत ठीक नहीं हुए। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।-देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी मंडी अटेली।