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Mahendragarh-Narnaul News: भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता मलेरिया से बचाव के प्रति किया जागरूक
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फोटो 9मोहल्ला फ्रांस खाना में मलेरिया के प्रति बच्चों को जागरुक करते स्वास्थ्य विभाग की टीम।
नारनौल। विश्व मलेरिया दिवस पर शनिवार को मोहल्ला फ्रांसखाना में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को पैंपलेट वितरित किए। भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के माध्यम से मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया।
जिले में अब तक 149 टीमों ने घर-घर जाकर 32,084 बुखार के मरीजों की जांच की है। 40 घरों में मलेरिया का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही तालाबों और जोहड़ों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है जिससे मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा सके।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार के आदेशानुसार और उप सिविल सर्जन डॉ. मनीष यादव के निर्देशानुसार पूरे जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिन को जागरूकता अभियान के रूप में मनाते हुए लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जिले में वर्ष 2026 के दौरान अब तक मलेरिया का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। जबकि वर्ष 2025 में दो, 2024 में पांच, 2023 में तीन और 2022 में भी तीन मरीज मिले थे। मलेरिया की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच व उपचार उपलब्ध है।
उप सिविल सर्जन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि किसी भी प्रकार का बुखार मलेरिया का संकेत हो सकता है, इसलिए बुखार आने पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बार-बार बुखार आना, ठंड लगना, सिरदर्द और उल्टी होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इस अवसर पर स्कूल संचालिका अनीता मराठा सहित नरेश कुमार, सोनिया, ज्योति, मुकेश कुमार, सतीश कुमार, मनोज कुमार, अजय कुमार, महेश कुमार, संजय कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग व स्कूल स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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जिले में अब तक 149 टीमों ने घर-घर जाकर 32,084 बुखार के मरीजों की जांच की है। 40 घरों में मलेरिया का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही तालाबों और जोहड़ों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है जिससे मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा सके।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार के आदेशानुसार और उप सिविल सर्जन डॉ. मनीष यादव के निर्देशानुसार पूरे जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिन को जागरूकता अभियान के रूप में मनाते हुए लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जिले में वर्ष 2026 के दौरान अब तक मलेरिया का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। जबकि वर्ष 2025 में दो, 2024 में पांच, 2023 में तीन और 2022 में भी तीन मरीज मिले थे। मलेरिया की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच व उपचार उपलब्ध है।
उप सिविल सर्जन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि किसी भी प्रकार का बुखार मलेरिया का संकेत हो सकता है, इसलिए बुखार आने पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बार-बार बुखार आना, ठंड लगना, सिरदर्द और उल्टी होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इस अवसर पर स्कूल संचालिका अनीता मराठा सहित नरेश कुमार, सोनिया, ज्योति, मुकेश कुमार, सतीश कुमार, मनोज कुमार, अजय कुमार, महेश कुमार, संजय कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग व स्कूल स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।