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Mahendragarh-Narnaul News: समाज कल्याण विभाग ने रोकी 1470 लोगों की पेंशन
Sun, 26 Mar 2023 11:01 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 26 Mar 2023 11:01 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। परिवार पहचान पत्र से सामाजिक सुरक्षा व अन्य पेंशन लिंक होने के बाद गलत तरीके से पेंशन ले रहे लोगों पर लगाम कसी गई है। जिले में 2079 लोग ऐसे मिले हैं जो गलत तरीके से पेंशन ले रहे थे। जांच में कोई सरकारी पेंशनर मिला तो कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी मिला। यही नहीं सबसे ज्यादा 1470 लोग ऐसे मिले जिनकी परिवार पहचान पत्र में खुद या जीवनसाथी की इनकम ज्यादा थी। इन सभी की पेंशन रोकी गई है। सबसे ज्यादा मामले ऐसे ही मिले हैं। हालांकि जिन केसों में परिवार पहचान पत्र में गलती से कॉलम भरे गए, उनको ठीक कराकर पेंशन दोबारा भी चालू करवाई गई।
समाज कल्याण विभाग की ओर से अलग-अलग तरह की पेंशन दी जाती है। इनमें वृद्घावस्था, विधवा, लाडली और दिव्यांग पेंशन शामिल है। ऐसे लोगों के खाते में हर माह पेंशन की राशि भेजी जाती है। फिलहाल 2500 रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है। लगभग एक साल पहले सरकार ने परिवार पहचानपत्र से सभी पेंशन को लिंक किया था। इसमें सामने आया है कि जिले के 2079 लोग ऐसे हैं, जो अलग-अलग पेंशन ले रहे थे। इसमें 164 केस ऐसे मिले, जिनको परिवार पहचान पत्र में मृत घोषित किया हुआ था, लेकिन इनकी पेंशन जारी थी। इसके अलावा 115 केस ऐेसे सामने आए जो पहले ही सरकारी विभाग से रिटायर होने की पेंशन लेते मिले। इसी प्रकार से 1470 केस मामले ऐसे आए जिनकी खुद या जीवनसाथी के परिवार पहचान में इनकम ज्यादा थी। इसके अलावा 17 केस ऐसे मिले जिन्हें एक्स सर्विसमैन की पेंशन मिल रही थी। इसी प्रकार 23 केस ऐसे थे, जिनके नाम ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम में दर्शाए गए थे। 290 केस ऐसे मिले, जिनके जीवनसाथी परिवार पहचान पत्र में जीवित होते हुए भी वह विधवा की पेंशन ले रही थी। हालांकि कुछ केस में परिवार पहचान पत्र में गलती से पेंशनर के पति को जीवित दिखाया गया था जिसे ठीक कराया गया।
परिवार पहचानपत्र से अब तक 1491 की बनी पेंशन
परिवार पहचानपत्र के जरिये अब बुढ़ापा पेंशन बनती है। इसमें 60 साल की उम्र होने पर विभाग के कर्मचारी घर जाकर पात्र से लिखित में लेते हैं कि वह पेंशन लेना चाहते हैं। परिवार पहचान पत्र के जरिये अब तक 1491 लोगों की पेंशन जिले में बन चुकी है।
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जिले में 129473 लोग ले रहे पेंशनर
जिले में एक लाख 29 हजार 473 लोग पेंशन ले रहे हैं। इनमें 87424 वृद्धावस्था पेंशन, 6930 दिव्यांग पेंशन, 27028 विधवा पेंशन, 6492 निराश्रित बच्चे, 1292 लाडली पेंशन, 302 स्कूल न जाने पर दिव्यांग बच्चे, 4 किन्नर तथा 1 बौना पेंशन ले रहा है।
कारण रोकी गई पेंशन
-परिवार पहचान पत्र में मृत घोषित 164 केस
-परिवार पहचान पत्र में सरकारी पेंशनर 115 केस
-खुद या जीवनसाथी की अधिक आय 1470 केस
परिवार पहचान पत्र में एक्स सर्विसमैन 17 केस
-एचआरएमएस पोर्टल पर नाम 23 केस
-परिवार पहचान पत्र में विधवा पेंशन लेने वालों के पति जीवित दर्शाना- 290 केस
वर्जन
परिवार पहचान पत्र से पेंशन लिंक होने के बाद कई मामलों में पेंशन रोकी गई है। कुछ ने परिवार पहचान पत्र में गलती से कॉलम भरे थे, जिनको ठीक कराकर पेंशन चालू भी कराई गई है। जो लोग गलत तरीके से पेंशन लेते हैं और शिकायत आती है तो उनकी रिकवरी भी करवाई जाती है।-अमित कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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नारनौल। परिवार पहचान पत्र से सामाजिक सुरक्षा व अन्य पेंशन लिंक होने के बाद गलत तरीके से पेंशन ले रहे लोगों पर लगाम कसी गई है। जिले में 2079 लोग ऐसे मिले हैं जो गलत तरीके से पेंशन ले रहे थे। जांच में कोई सरकारी पेंशनर मिला तो कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी मिला। यही नहीं सबसे ज्यादा 1470 लोग ऐसे मिले जिनकी परिवार पहचान पत्र में खुद या जीवनसाथी की इनकम ज्यादा थी। इन सभी की पेंशन रोकी गई है। सबसे ज्यादा मामले ऐसे ही मिले हैं। हालांकि जिन केसों में परिवार पहचान पत्र में गलती से कॉलम भरे गए, उनको ठीक कराकर पेंशन दोबारा भी चालू करवाई गई।
समाज कल्याण विभाग की ओर से अलग-अलग तरह की पेंशन दी जाती है। इनमें वृद्घावस्था, विधवा, लाडली और दिव्यांग पेंशन शामिल है। ऐसे लोगों के खाते में हर माह पेंशन की राशि भेजी जाती है। फिलहाल 2500 रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है। लगभग एक साल पहले सरकार ने परिवार पहचानपत्र से सभी पेंशन को लिंक किया था। इसमें सामने आया है कि जिले के 2079 लोग ऐसे हैं, जो अलग-अलग पेंशन ले रहे थे। इसमें 164 केस ऐसे मिले, जिनको परिवार पहचान पत्र में मृत घोषित किया हुआ था, लेकिन इनकी पेंशन जारी थी। इसके अलावा 115 केस ऐेसे सामने आए जो पहले ही सरकारी विभाग से रिटायर होने की पेंशन लेते मिले। इसी प्रकार से 1470 केस मामले ऐसे आए जिनकी खुद या जीवनसाथी के परिवार पहचान में इनकम ज्यादा थी। इसके अलावा 17 केस ऐसे मिले जिन्हें एक्स सर्विसमैन की पेंशन मिल रही थी। इसी प्रकार 23 केस ऐसे थे, जिनके नाम ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम में दर्शाए गए थे। 290 केस ऐसे मिले, जिनके जीवनसाथी परिवार पहचान पत्र में जीवित होते हुए भी वह विधवा की पेंशन ले रही थी। हालांकि कुछ केस में परिवार पहचान पत्र में गलती से पेंशनर के पति को जीवित दिखाया गया था जिसे ठीक कराया गया।
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परिवार पहचानपत्र से अब तक 1491 की बनी पेंशन
परिवार पहचानपत्र के जरिये अब बुढ़ापा पेंशन बनती है। इसमें 60 साल की उम्र होने पर विभाग के कर्मचारी घर जाकर पात्र से लिखित में लेते हैं कि वह पेंशन लेना चाहते हैं। परिवार पहचान पत्र के जरिये अब तक 1491 लोगों की पेंशन जिले में बन चुकी है।
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जिले में 129473 लोग ले रहे पेंशनर
जिले में एक लाख 29 हजार 473 लोग पेंशन ले रहे हैं। इनमें 87424 वृद्धावस्था पेंशन, 6930 दिव्यांग पेंशन, 27028 विधवा पेंशन, 6492 निराश्रित बच्चे, 1292 लाडली पेंशन, 302 स्कूल न जाने पर दिव्यांग बच्चे, 4 किन्नर तथा 1 बौना पेंशन ले रहा है।
कारण रोकी गई पेंशन
-परिवार पहचान पत्र में मृत घोषित 164 केस
-परिवार पहचान पत्र में सरकारी पेंशनर 115 केस
-खुद या जीवनसाथी की अधिक आय 1470 केस
परिवार पहचान पत्र में एक्स सर्विसमैन 17 केस
-एचआरएमएस पोर्टल पर नाम 23 केस
-परिवार पहचान पत्र में विधवा पेंशन लेने वालों के पति जीवित दर्शाना- 290 केस
वर्जन
परिवार पहचान पत्र से पेंशन लिंक होने के बाद कई मामलों में पेंशन रोकी गई है। कुछ ने परिवार पहचान पत्र में गलती से कॉलम भरे थे, जिनको ठीक कराकर पेंशन चालू भी कराई गई है। जो लोग गलत तरीके से पेंशन लेते हैं और शिकायत आती है तो उनकी रिकवरी भी करवाई जाती है।-अमित कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी