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Mahendragarh-Narnaul News: देवी भागवत कथा में छह चक्रों का किया वर्णन
Tue, 19 Mar 2024 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:16 AM IST
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फोटो संख्या:69- माता मसानी मंदिर में श्रद्धालुओं को कथा सुनाते कथावाचक हेमराज भारद्वाज--स्रोत स
महेंद्रगढ़। मंदिर कमेटी व शहरवासियों के सहयोग से माता मसानी मंदिर में चल रही श्रीमद्देवी भागवत कथा के छठे दिन दुर्गा का देवी अवतार, योग के छह चक्रों का वर्णन की कथा सुनाई गई।
कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को हरिश्चंद्र द्वारा विश्वामित्र को दान व स्वर्गारोहण की कथा सुनाते हुए कहा कि विश्वामित्र ने चुनौती दी कि वह उसे झूठ बताएगा। वह शाप नहीं देता है, लेकिन राजा के पास जाता है और कहता है कि उसने अपना राज्य ऋषि को देने का वादा किया है और उसे अपना वादा निभाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हरिश्चंद्र सहमत होते हैं और अपना राज्य दान करते हैं। तब ऋषि कहते हैं कि उन्होंने दान की पूरी प्रक्रिया के लिए दक्षिणा दी थी। उन्होंने देवी के अवतार के बारे में भी श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि यह कथा 21 मार्च तक चलेगी। 22 मार्च को हवन व प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चलेगी।
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कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को हरिश्चंद्र द्वारा विश्वामित्र को दान व स्वर्गारोहण की कथा सुनाते हुए कहा कि विश्वामित्र ने चुनौती दी कि वह उसे झूठ बताएगा। वह शाप नहीं देता है, लेकिन राजा के पास जाता है और कहता है कि उसने अपना राज्य ऋषि को देने का वादा किया है और उसे अपना वादा निभाना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि हरिश्चंद्र सहमत होते हैं और अपना राज्य दान करते हैं। तब ऋषि कहते हैं कि उन्होंने दान की पूरी प्रक्रिया के लिए दक्षिणा दी थी। उन्होंने देवी के अवतार के बारे में भी श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि यह कथा 21 मार्च तक चलेगी। 22 मार्च को हवन व प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चलेगी।
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