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बीस वर्षों को दोगुनी हो गई सतनाली की आबादी, पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव
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सतनाली रेलवे स्टेशन। संवाद
- फोटो : Narnol
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पिछले बीस वर्षों में सतनाली कस्बे की आबादी 10 हजार से बढ़कर 20 हजार हो गई है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से कस्में में मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ी जिसके कारण कस्बे में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। समय के साथ कुछ विकास भी हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को महेंद्रगढ़, भिवानी व रेवाड़ी जाना पड़ रहा है।
बीस वर्षों में सतनाली गांव से कस्बे में तो बदल गया लेकिन शहर नहीं बन पाया है। ऐसा नहीं की यहां विकास कार्य नहीं हुए, लेकिन लोगों की मांग के अनुरूप विकास कम हुआ है। कहने को तो कस्बे में बस स्टैंड, कॉलेज, उप तहसील, खंड बनाने के साथ पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी भी बना दिया गया है, लेकिन लंबी दूरी व रात्रिकालीन बस सेवा का अभाव है। कालेज में स्नातकोत्तर की कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पाई हैं।
उधार के भवन में चल रहा उप तहसील कार्यालय
उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा तो दूर, खुद का भवन नसीब नहीं हो पाया है और उधार के भवन में चल रही है। वहीं पुलिस स्टेशन का भवन भी पुराना हो चुका है। अस्पताल के नए भवन के लिए बजट मंजूर हो चुका है लेकिन अभी निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे स्टेशन पर दो सुपरफास्ट गाड़ियों का ठहराव है, लेकिन बीकानेर इंटरसिटी सहित कई गाड़ियों के ठहराव की मांग अभी भी लंबित है।
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पुराने एवं जर्जर भवन में चल रहा अस्पताल
सीएचसी के नए भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा करीब 12 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है और मुख्यमंत्री मनोहरलाल गत 23 अक्तूबर को माधोगढ़ के किले से सीएचसी भवन निर्माण का प्रतीकात्मक शिलान्यास भी कर चुके हैं, लेकिन भवन निर्माण प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। अस्पताल अभी भी अपने पुराने जर्जर हो चुके भवन में ही चल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। गंभीर मरीजों के उपचार की यहां कोई व्यवस्था नहीं है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद महेंद्रगढ़ के लिए भेज दिया जाता है। कस्बे में सीवरलाइन तो डाली जा चुकी है, लेकिन अनेक गलियों में काम अभी बाकी है।
अन्य कस्बों से पिछड़ा है सतनाली
सतनाली कस्बा विकास के मामले में प्रदेश के अन्य कस्बों से काफी पिछड़ा हुआ है। उप तहसील से बढ़ाकर तहसील का दर्जा दिया जाए और उपमंडल बनाया जाए इसके अलावा सतनाली कॉलेज में स्नात्कोत्तर की कक्षाएं शुरू करने, लड़कियों के लिए अलग कॉलेज, उप तहसील को तहसील बनाना व इसका भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करवाई जाए। सवाई सिंह राठौड़
बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से नहीं हुआ विकास
सतनाली कस्बे में पर्याप्त रूप से विकास नहीं हो रहा है। कस्बे में बीस वार्ड हैं और आबादी बीस हजार। नगरपालिका व उपमंडल बनाने की मांग अभी पूरी नहीं हो पाई है। सीएचसी के भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द से जल्द शुरू करवाई जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। -संतू शेखावत
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बीस वर्षों में सतनाली गांव से कस्बे में तो बदल गया लेकिन शहर नहीं बन पाया है। ऐसा नहीं की यहां विकास कार्य नहीं हुए, लेकिन लोगों की मांग के अनुरूप विकास कम हुआ है। कहने को तो कस्बे में बस स्टैंड, कॉलेज, उप तहसील, खंड बनाने के साथ पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी भी बना दिया गया है, लेकिन लंबी दूरी व रात्रिकालीन बस सेवा का अभाव है। कालेज में स्नातकोत्तर की कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पाई हैं।
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उधार के भवन में चल रहा उप तहसील कार्यालय
उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा तो दूर, खुद का भवन नसीब नहीं हो पाया है और उधार के भवन में चल रही है। वहीं पुलिस स्टेशन का भवन भी पुराना हो चुका है। अस्पताल के नए भवन के लिए बजट मंजूर हो चुका है लेकिन अभी निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे स्टेशन पर दो सुपरफास्ट गाड़ियों का ठहराव है, लेकिन बीकानेर इंटरसिटी सहित कई गाड़ियों के ठहराव की मांग अभी भी लंबित है।
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पुराने एवं जर्जर भवन में चल रहा अस्पताल
सीएचसी के नए भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा करीब 12 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है और मुख्यमंत्री मनोहरलाल गत 23 अक्तूबर को माधोगढ़ के किले से सीएचसी भवन निर्माण का प्रतीकात्मक शिलान्यास भी कर चुके हैं, लेकिन भवन निर्माण प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। अस्पताल अभी भी अपने पुराने जर्जर हो चुके भवन में ही चल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। गंभीर मरीजों के उपचार की यहां कोई व्यवस्था नहीं है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद महेंद्रगढ़ के लिए भेज दिया जाता है। कस्बे में सीवरलाइन तो डाली जा चुकी है, लेकिन अनेक गलियों में काम अभी बाकी है।
अन्य कस्बों से पिछड़ा है सतनाली
सतनाली कस्बा विकास के मामले में प्रदेश के अन्य कस्बों से काफी पिछड़ा हुआ है। उप तहसील से बढ़ाकर तहसील का दर्जा दिया जाए और उपमंडल बनाया जाए इसके अलावा सतनाली कॉलेज में स्नात्कोत्तर की कक्षाएं शुरू करने, लड़कियों के लिए अलग कॉलेज, उप तहसील को तहसील बनाना व इसका भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करवाई जाए। सवाई सिंह राठौड़
बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से नहीं हुआ विकास
सतनाली कस्बे में पर्याप्त रूप से विकास नहीं हो रहा है। कस्बे में बीस वार्ड हैं और आबादी बीस हजार। नगरपालिका व उपमंडल बनाने की मांग अभी पूरी नहीं हो पाई है। सीएचसी के भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द से जल्द शुरू करवाई जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। -संतू शेखावत