{"_id":"691cbe7d74ecb1fe4d0b3184","slug":"restrictions-are-being-flouted-crushers-are-running-rampantly-administration-is-silent-narnol-news-c-196-1-nnl1004-132449-2025-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: धुल में उड़ रही पाबंदी, धड़ल्ले से चल रहे क्रशर, प्रशासन मौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: धुल में उड़ रही पाबंदी, धड़ल्ले से चल रहे क्रशर, प्रशासन मौन
Wed, 19 Nov 2025 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
फोटो 9धोलेड़ा-बिगोपुर जोन में चलता क्रशर।संवाद
नांगल चौधरी (नारनौल)। जिले में हवा जहरीली होने से दिल्ली एनसीआर समेत महेंद्रगढ़ जिले में ग्रेप-3 के नियम लागू है लेकिन धोलेड़ा, बिगोपुर, जैनपुर, खातोली, गांगोताना, बायल समेत विभिन्न जोन में क्रशरों पर धड़ल्ले से पत्थरों की पिसाई का कार्य हो रहा है।
ऐसे में विभागीय आदेश मजाक बनकर रह गए वहीं लोगों को विभिन्न बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को नारनौल व नांगल चौधरी का एक्यूआई 200 के करीब दर्ज किया गया।
नांगल चौधरी-निजामपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों की सीमा में संचालित 300 से अधिक क्रशरों पर रोजाना हजारों मीट्रिक टन पत्थरों की पिसाई होती है जिसकी डस्ट से गांवों का पर्यावरण प्रदूषित बना हुआ है।
विज्ञापन
इससे धोलेड़ा, बिगोपुर, जैनपुर, खातोली गांव में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रहती है। शिकायत मिलने पर वायु गुणवत्ता सुधार आयोग ने 11 नवंबर को जिले में ग्रेप-3 नियम लागू कर दिए। साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को शक्ति पूर्वक आदेशों को लागू करने की हिदायत दी गई थी।
संचालकों को दिए थे नोटिस
संचालकों को आदेशों की अवहेलना करने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अल्टीमेटम दिया गया था लेकिन धरातल पर विभागीय आदेश हवा बनकर रह गए, क्योंकि सभी जोन के क्रशरों पर 24 घंटे पत्थरों की पिसाई हो रही है। जिस कारण पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा पर अंकुश नहीं लगा और लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।
पानी का नहीं होता छिड़काव
ग्रामीणों ने बताया कि क्रशर संचालक कन्वेयरों पर पानी का छिड़काव तक नहीं कराते हैं। सूखी डस्ट उड़ने से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में गांवों की हवा प्रदूषित बनी हुई है। क्रशर जोन के नजदीकी गांवों में दमा रोगियों को सांस लेना मुश्किल हो गया।
ओवरलोड डंपरों ने तोड़े लिंक मार्ग
अशोक कुमार, दलीप कुमार, महेशचंद, बिक्रम सिंह, संदीप कुमार ने बताया कि क्रशर जोन में आने-जाने वाले सभी डंपर ग्रामीण लिंक सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। क्षमता से अधिक लोड पड़ने से मेघोत, जैनपुर समेत कई गांवों की सड़कों गड्ढों में तब्दील हो गई। जहां छोटे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
वर्जन
वायु की गुणवत्ता खराब होने पर ग्रेप-3 के नियम लागू है। धोलेड़ा, बिगोपुर समेत सभी संचालकों को माइंस व क्रशरों का संचालन बंद रखने की हिदायत दी है। आदेशों की अवहेलना पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा व औचक निरीक्षण करने की रूपरेखा बनाई गई है। वायु की गुणवत्ता सामान्य होने तक ग्रेप-3 के नियम लागू रहेंगे। -अनुज नरवाल, एसडीओ
विज्ञापन
ऐसे में विभागीय आदेश मजाक बनकर रह गए वहीं लोगों को विभिन्न बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को नारनौल व नांगल चौधरी का एक्यूआई 200 के करीब दर्ज किया गया।
विज्ञापन
नांगल चौधरी-निजामपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों की सीमा में संचालित 300 से अधिक क्रशरों पर रोजाना हजारों मीट्रिक टन पत्थरों की पिसाई होती है जिसकी डस्ट से गांवों का पर्यावरण प्रदूषित बना हुआ है।
विज्ञापन
इससे धोलेड़ा, बिगोपुर, जैनपुर, खातोली गांव में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रहती है। शिकायत मिलने पर वायु गुणवत्ता सुधार आयोग ने 11 नवंबर को जिले में ग्रेप-3 नियम लागू कर दिए। साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को शक्ति पूर्वक आदेशों को लागू करने की हिदायत दी गई थी।
संचालकों को दिए थे नोटिस
संचालकों को आदेशों की अवहेलना करने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अल्टीमेटम दिया गया था लेकिन धरातल पर विभागीय आदेश हवा बनकर रह गए, क्योंकि सभी जोन के क्रशरों पर 24 घंटे पत्थरों की पिसाई हो रही है। जिस कारण पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा पर अंकुश नहीं लगा और लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।
पानी का नहीं होता छिड़काव
ग्रामीणों ने बताया कि क्रशर संचालक कन्वेयरों पर पानी का छिड़काव तक नहीं कराते हैं। सूखी डस्ट उड़ने से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में गांवों की हवा प्रदूषित बनी हुई है। क्रशर जोन के नजदीकी गांवों में दमा रोगियों को सांस लेना मुश्किल हो गया।
ओवरलोड डंपरों ने तोड़े लिंक मार्ग
अशोक कुमार, दलीप कुमार, महेशचंद, बिक्रम सिंह, संदीप कुमार ने बताया कि क्रशर जोन में आने-जाने वाले सभी डंपर ग्रामीण लिंक सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। क्षमता से अधिक लोड पड़ने से मेघोत, जैनपुर समेत कई गांवों की सड़कों गड्ढों में तब्दील हो गई। जहां छोटे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
वर्जन
वायु की गुणवत्ता खराब होने पर ग्रेप-3 के नियम लागू है। धोलेड़ा, बिगोपुर समेत सभी संचालकों को माइंस व क्रशरों का संचालन बंद रखने की हिदायत दी है। आदेशों की अवहेलना पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा व औचक निरीक्षण करने की रूपरेखा बनाई गई है। वायु की गुणवत्ता सामान्य होने तक ग्रेप-3 के नियम लागू रहेंगे। -अनुज नरवाल, एसडीओ