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Mahendragarh-Narnaul News: जिले के तालाबों के संरक्षण व जीर्णोद्धार का लिया संकल्प
Sat, 03 Jun 2023 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 03 Jun 2023 12:31 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय(हकेंवि) में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही कार्यक्रमों की शृंखला के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान किया गया। विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग द्वारा हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण एवं विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सहयोग से आयोजित इस विशेषज्ञ व्याख्यान में वाटर मैन ऑफ इंडिया डॉ. राजेंद्र सिंह मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन प्रभाकर के वर्मा भी उपस्थित रहे। अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने तालाबों को बचाने का आह्वान करते हुए कहा कि तालाबों की दशा सुधरने से गांवों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। मुख्यातिथि वाटर मैन ऑफ इंडिया डॉ. राजेंद्र सिंह ने तालाबों के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह से तालाबों को पुनर्जीवित कर जल व प्रकृति का संरक्षण तथा कृषि भूमि का विकास संभव है। उन्होंने पुरातन भारतीय परंपरा और संस्कृति के माध्यम से बताया कि युवाओं को शिक्षा से अधिक महत्व विद्या को देना चाहिए। जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने इस अवसर पर बेहद अनोखे अंदाज में वर्षा जल संरक्षण, सूर्य की भूमिका और जलवायु परिवर्तन के विषय पर भी प्रकाश डाला। इससे पूर्व में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन प्रभाकर के वर्मा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्राधिकरण के गठन, उसके उद्देश्यों और उसके द्वारा अभी तक के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी दी गई।
प्राधिकरण किस तरह से अमृत सरोवर योजना व उससे इतर हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों में तालाबों के संरक्षण और उनके पुनर्विकास के कार्य में जुटा है। इस कार्य में होने वाले तकनीकी के उपयोग और उससे मिल रहे उल्लेखनीय परिणामों पर भी प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर महेंद्रगढ़ जिले में तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का संकल्प स्थानीय ग्रामीणों, गावों से आए प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने लिया। इस अवसर पर प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, प्रो. पवन कुमार मौर्य, प्रो. विकास गर्ग, प्रो. पवन कुमार, डॉ. दुष्यंत, डॉ. अनूप यादव, डॉ. विक्रम सिंह सहित भारी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी व स्थानीय गावों से आए ग्रामीण व उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहें।
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कार्यक्रम में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन प्रभाकर के वर्मा भी उपस्थित रहे। अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने तालाबों को बचाने का आह्वान करते हुए कहा कि तालाबों की दशा सुधरने से गांवों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। मुख्यातिथि वाटर मैन ऑफ इंडिया डॉ. राजेंद्र सिंह ने तालाबों के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह से तालाबों को पुनर्जीवित कर जल व प्रकृति का संरक्षण तथा कृषि भूमि का विकास संभव है। उन्होंने पुरातन भारतीय परंपरा और संस्कृति के माध्यम से बताया कि युवाओं को शिक्षा से अधिक महत्व विद्या को देना चाहिए। जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने इस अवसर पर बेहद अनोखे अंदाज में वर्षा जल संरक्षण, सूर्य की भूमिका और जलवायु परिवर्तन के विषय पर भी प्रकाश डाला। इससे पूर्व में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन प्रभाकर के वर्मा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्राधिकरण के गठन, उसके उद्देश्यों और उसके द्वारा अभी तक के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी दी गई।
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प्राधिकरण किस तरह से अमृत सरोवर योजना व उससे इतर हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों में तालाबों के संरक्षण और उनके पुनर्विकास के कार्य में जुटा है। इस कार्य में होने वाले तकनीकी के उपयोग और उससे मिल रहे उल्लेखनीय परिणामों पर भी प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर महेंद्रगढ़ जिले में तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का संकल्प स्थानीय ग्रामीणों, गावों से आए प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने लिया। इस अवसर पर प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, प्रो. पवन कुमार मौर्य, प्रो. विकास गर्ग, प्रो. पवन कुमार, डॉ. दुष्यंत, डॉ. अनूप यादव, डॉ. विक्रम सिंह सहित भारी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी व स्थानीय गावों से आए ग्रामीण व उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहें।
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