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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिकों को सुरक्षित तरीके से निकालने की रिहर्सल
Tue, 27 May 2025 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 27 May 2025 12:40 AM IST
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फोटो नंबर-09मॉक ड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम।
नारनौल।
किसी भी प्रकार की आपदा की हालात में हम कितने तैयार है, इस बात को परखने के लिए सोमवार को लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती तथा पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ की मौजूदगी में हुई इस रिहर्सल में सुबह ठीक 9 बजे रिक्टर पैमाने पर 7.4 की तीव्रता का भूकंप की सूचना मिलते ही सायरन बजा और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को सूचित किया। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
इस दौरान एसडीआरएफ, रेडक्रॉस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व अन्य टीमों ने घायलों को बाहर निकाल कर प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद एनडीआरएफ 7वीं बटालियन भटिंडा की टीम असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी की कमान में पहुंची तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाला।
एनडीआरएफ द्वारा भवन के नीचे दबे हुए नागरिकों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की रिहर्सल की गई।
इस दौरान एनडीआरएफ की तरफ से एनडीआरएफ स्टोर, कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन पोस्ट तथा मेडिकल पोस्ट स्थापित की गई थी। इस टीम में सबसे पहले बिजली तथा गैस आदि के कनेक्शन काटे। इसके साथ ही खोज तथा बचाव कार्य शुरू किया। गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए इस टीम ने जल्द से जल्द घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल में भिजवाया।
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इस मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) हमेशा आपात स्थिति के लिए तैयार रहता है। इस टीम के पास सभी प्रकार के टूल व संसाधन होते हैं जिनके माध्यम से बचाव त्वरित गति से होता है।
इस मौके पर एसडीएम रमित यादव, नगराधीश मंजीत कुमार, डीएसपी दिनेश कुमार, डीएसपी हरदीपसिंह, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार, टीम कमांडर इंस्पेक्टर शिवकुमार, सब इंस्पेक्टर मोहन के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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किसी भी प्रकार की आपदा की हालात में हम कितने तैयार है, इस बात को परखने के लिए सोमवार को लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती तथा पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ की मौजूदगी में हुई इस रिहर्सल में सुबह ठीक 9 बजे रिक्टर पैमाने पर 7.4 की तीव्रता का भूकंप की सूचना मिलते ही सायरन बजा और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को सूचित किया। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
इस दौरान एसडीआरएफ, रेडक्रॉस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व अन्य टीमों ने घायलों को बाहर निकाल कर प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद एनडीआरएफ 7वीं बटालियन भटिंडा की टीम असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी की कमान में पहुंची तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाला।
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एनडीआरएफ द्वारा भवन के नीचे दबे हुए नागरिकों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की रिहर्सल की गई।
इस दौरान एनडीआरएफ की तरफ से एनडीआरएफ स्टोर, कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन पोस्ट तथा मेडिकल पोस्ट स्थापित की गई थी। इस टीम में सबसे पहले बिजली तथा गैस आदि के कनेक्शन काटे। इसके साथ ही खोज तथा बचाव कार्य शुरू किया। गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए इस टीम ने जल्द से जल्द घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल में भिजवाया।
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इस मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) हमेशा आपात स्थिति के लिए तैयार रहता है। इस टीम के पास सभी प्रकार के टूल व संसाधन होते हैं जिनके माध्यम से बचाव त्वरित गति से होता है।
इस मौके पर एसडीएम रमित यादव, नगराधीश मंजीत कुमार, डीएसपी दिनेश कुमार, डीएसपी हरदीपसिंह, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार, टीम कमांडर इंस्पेक्टर शिवकुमार, सब इंस्पेक्टर मोहन के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।