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Mahendragarh-Narnaul News: एसटीपी को लेकर विधायक डाॅ. अभय यादव ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

Fri, 23 Feb 2024 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 23 Feb 2024 12:12 AM IST
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Regarding STP, MLA Dr. Abhay Yadav raised the issue in the assembly
डाॅ. अभयसिंह यादव।
नारनौल।
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हरियाणा विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान वीरवार को नांगल चौधरी के विधायक डाॅ. अभय सिंह यादव के प्रश्न के उत्तर में हरियाणा शहरी स्थानीय विभाग के मंत्री कमल गुप्ता ने बताया कि नारनौल नगर परिषद का वर्षों से निष्क्रिय पड़ा जलशोधन संयंत्र अगले एक वर्ष के अंदर नवीनीकरण उपरांत चालू कर दिया जाएगा।

विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 में स्थापित यह जल संशोधन संयंत्र अपनी परीक्षण अवधि भी पूरा नहीं कर पाया और आठ करोड़ से अधिक की लागत से बनी यह परियोजना आज निष्क्रिय और निरर्थक पड़ी है।
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उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक बात यह है कि विभाग के उत्तर अनुसार 7.52 करोड़ रुपये की राशि काम करने वाली एजेंसी को अदा भी किया जा चुका है। नारनौल में स्थापित तीनों जल संशोधन संयंत्रों द्वारा शोधित जल को कृषि भूमि में सिंचाई के लिए प्रयोग करने के लिए नांगल चौधरी हलके के तीन गांव भांखरी, गोद, बलाह कलां एवं बलाह खुर्द की लगभग ढाई हजार एकड़ जमीन की सिंचाई के लिए तीस करोड़ रुपये से अधिक की लागत से योजना बनाई गई है जो लगभग पूरी हो चुकी है और सिंचाई के लिए तैयार है, परंतु दुर्भाग्यवश नगर परिषद नारनौल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के तीन एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) जिनसे शोधित जल प्राप्त होना था वह अभी निष्क्रिय पड़े हैं। उन्होंने कहा कि एसटीपी को पूर्ण रूप से नवीनीकरण की जरूरत है क्योंकि उसकी मशीनरी लंबे समय से न चलने के कारण खराब हो चुकी है।
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शहरी स्थानीय मंत्री ने विधायक को आश्वस्त करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट की मरम्मत करने के लिए आवश्यक राशि जन स्वास्थ्य विभाग को आज ही भेज दी गई है और अगले एक वर्ष में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। जब तीनों संयंत्रों से शोधित जल उपलब्ध होने लगेगा तो यह सिंचाई परियोजना महीने में कम से कम 25 दिन इन चारों गांवों को पानी देने की स्थिति में आ जाएगी।
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