{"_id":"58a0ab094f1c1b5b33d84484","slug":"railway-track-speed-electrycity","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द ही बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द ही बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Feb 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
रेलवे ट्रैक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी-फुलेरा रेल मार्ग पर जल्द ही तेज गति से ट्रेनें चलने लगेंगी। इसके लिए यहां पर बिछाई जा रही इलेक्ट्रिक लाइन का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। यह कार्य अगस्त-सितंबर 2015 में शुरू हुआ था जिसका टारगेट मार्च 2016 रखा गया था लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो पाया। अब रेवाड़ी से फुलेरा तक की लाइन पर इलेक्ट्रिक लाइन बिछा दी गई है। संभावना है कि इस साल मार्च में यह काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद इस मार्ग पर रेलगाड़ी को रफ्तार मिलेगी। विद्युतीकरण के बाद यहां पर ट्रेनों की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, फिलहाल यह गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा है।
ज्ञात हो कि दिल्ली से अहमदाबाद तक की रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होना है। इसके तहत रेवाड़ी तक पहले ही विद्युतीकरण लाइन किया जा चुका है। अगस्त-सितंबर 2015 में रेवाड़ी से फुलेरा तक के 214 किलोमीटर के पहले चरण का कार्य रेलवे द्वारा शुरू किया गया था, जो मार्च 2016 में पूरा होना था। लेकिन कार्य बड़ी ही धीमी गति से होने के कारण मार्च तक यह केवल 62 किलोमीटर तक चलकर निजामपुर तक ही पहुंचा था। अब इस कार्य में तेजी लाई गई है तथा अब विद्यतीकरण का काम फुलेरा तक पूरा कर लिया गया है। कुछ स्टेशनों पर पोल गाड़ दिए गए हैं। रेलवे के सूत्रों के अनुसार संभावना व्यक्त की जा रही है कि जहां पर केवल तार बिछाने हैं वहां पर जल्दी ही तार आदि बिछा दिए जाएंगे। नारनौल स्टेशन पर भी पोल गाड़ दिए गए हैं, मगर यहां भी तार बिछने हैं।
214 किलोमीटर में 29 स्टेशन
रेवाड़ी से फुलेरा की दूरी 214 किलोमीटर है। इसके बीच 29 रेलवे स्टेशन आते हैं। पूर्व में कार्य का निरीक्षण करने के लिए जयपुर मंडल के डिवीजन इंजीनियर एके सक्सेना भी यहां का दौरा कर चुके हैं।
विज्ञापन
घटेगा खर्चा, बढ़ेगी स्पीड
नारनौल के स्टेशन अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि लाइन के विद्युतीकरण होने का सबसे अधिक लाभ यह होगा कि वायु व ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। जिसके लिए विश्व भर में जोर-शोर से अभियान चलाया जा रहा है। डीजल का खर्च भी बंद हो जाएगा। जो बिजली की तुलना में कई गुणा अधिक होता है। विद्युतीकरण होने पर ट्रेनों की स्पीड 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। वर्तमान समय में ट्रेनों की स्पीड 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा है।
काठूवास में बनेगा 132 केवी सब स्टेशन
लाइन के विद्युतीकरण के साथ-साथ काठूवास रेलवे स्टेशन के समीप 132 केवीए सब स्टेशन भी बनाया जाएगा। यह पावर स्टेशन 60 बाई 100 वर्ग मीटर में लगाया जाएगा। इससे रेल लाइन को बिजली आपूर्ति की जाएगी। यही नहीं काठूवास में राजस्थान सरकार की ओर से कंटेनर डिपो भी बनाया गया है।
प्रतिदिन इस लाइन से रोज गुजरती हैं करीब 80 मालगाड़ियां
रेवाड़ी-फुलेरा रेलवे ट्रैक पर हर रोज औसतन 80 मालगाड़ियां गुजरती है। इनके अलावा 3 पैसेंजर ट्रेन अप-डाउन, चेतक एक्सप्रेस डेली, बांद्रा-चंडीगढ़ सप्ताह में दो दिन, बांद्रा-दिल्ली एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन, अजमेर से हजरत निजामुद्दीन जन शताब्दी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन चलती है।
2019 में पूरा होगा रेल फ्रेट कॉरिडोर
रेवाड़ी-फुलेरा लाइन के साथ-साथ गुजरात से दिल्ली तक बनने वाले रेल फेट कारिडोर का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके चलते रेवाड़ी से फुलेरा के बीच अर्थ वर्क व लाइन बिछाने का कार्य करीब-करीब पूरा हो गया है। मेन कार्य अर्थ वर्क व लाइन बिछाने का ही होता है। वर्ष 2014 में आरंभ हुए इस कार्य को वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्थानीय लोगों की रेलवे में सुधार करने की मांग वर्षों पुरानी है। रेलवे का विद्युतीकरण होने से लोगों को काफी फायदा होगा तथा समय की बचत होगी। -मुखराम सैनी
रेलवे का विद्युतीकरण के साथ-साथ इस लाइन पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ा दी जानी चाहिए, ताकि यहां के लोगों को फायदा हो। -राम सिंह सैनी
विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा तथा लोग समय पर अपने काम पर पहुंच जाएंगे।-दुलीचंद शर्मा
रेवाड़ी से फुलेरा तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें काफी धीमी गति से चलती हैं। अब विद्युतीकरण के बाद इनकी स्पीड बढ़ेगी तो लोगों को ही फायदा होगा। -यादराम
रेलवे का विद्युतीकरण होने के साथ-साथ सवारी गाड़ियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए, ताकि लोगों को फायदा हो सके। -हवासिंह
रेवाड़ी-फुलेरा रेल लाइन को विद्युतीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत फुलेरा तक पोल लगाने व तार बिछाने का काम हो चुका है। नारनौल में केवल स्टेशन पर तार नहीं बिछाई गई हैं। इनके बिछने के बाद संभावना है कि जल्दी ही यहां इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ें। -महेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक, नारनौल
विज्ञापन
ज्ञात हो कि दिल्ली से अहमदाबाद तक की रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होना है। इसके तहत रेवाड़ी तक पहले ही विद्युतीकरण लाइन किया जा चुका है। अगस्त-सितंबर 2015 में रेवाड़ी से फुलेरा तक के 214 किलोमीटर के पहले चरण का कार्य रेलवे द्वारा शुरू किया गया था, जो मार्च 2016 में पूरा होना था। लेकिन कार्य बड़ी ही धीमी गति से होने के कारण मार्च तक यह केवल 62 किलोमीटर तक चलकर निजामपुर तक ही पहुंचा था। अब इस कार्य में तेजी लाई गई है तथा अब विद्यतीकरण का काम फुलेरा तक पूरा कर लिया गया है। कुछ स्टेशनों पर पोल गाड़ दिए गए हैं। रेलवे के सूत्रों के अनुसार संभावना व्यक्त की जा रही है कि जहां पर केवल तार बिछाने हैं वहां पर जल्दी ही तार आदि बिछा दिए जाएंगे। नारनौल स्टेशन पर भी पोल गाड़ दिए गए हैं, मगर यहां भी तार बिछने हैं।
विज्ञापन
214 किलोमीटर में 29 स्टेशन
रेवाड़ी से फुलेरा की दूरी 214 किलोमीटर है। इसके बीच 29 रेलवे स्टेशन आते हैं। पूर्व में कार्य का निरीक्षण करने के लिए जयपुर मंडल के डिवीजन इंजीनियर एके सक्सेना भी यहां का दौरा कर चुके हैं।
विज्ञापन
घटेगा खर्चा, बढ़ेगी स्पीड
नारनौल के स्टेशन अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि लाइन के विद्युतीकरण होने का सबसे अधिक लाभ यह होगा कि वायु व ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। जिसके लिए विश्व भर में जोर-शोर से अभियान चलाया जा रहा है। डीजल का खर्च भी बंद हो जाएगा। जो बिजली की तुलना में कई गुणा अधिक होता है। विद्युतीकरण होने पर ट्रेनों की स्पीड 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। वर्तमान समय में ट्रेनों की स्पीड 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा है।
काठूवास में बनेगा 132 केवी सब स्टेशन
लाइन के विद्युतीकरण के साथ-साथ काठूवास रेलवे स्टेशन के समीप 132 केवीए सब स्टेशन भी बनाया जाएगा। यह पावर स्टेशन 60 बाई 100 वर्ग मीटर में लगाया जाएगा। इससे रेल लाइन को बिजली आपूर्ति की जाएगी। यही नहीं काठूवास में राजस्थान सरकार की ओर से कंटेनर डिपो भी बनाया गया है।
प्रतिदिन इस लाइन से रोज गुजरती हैं करीब 80 मालगाड़ियां
रेवाड़ी-फुलेरा रेलवे ट्रैक पर हर रोज औसतन 80 मालगाड़ियां गुजरती है। इनके अलावा 3 पैसेंजर ट्रेन अप-डाउन, चेतक एक्सप्रेस डेली, बांद्रा-चंडीगढ़ सप्ताह में दो दिन, बांद्रा-दिल्ली एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन, अजमेर से हजरत निजामुद्दीन जन शताब्दी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन चलती है।
2019 में पूरा होगा रेल फ्रेट कॉरिडोर
रेवाड़ी-फुलेरा लाइन के साथ-साथ गुजरात से दिल्ली तक बनने वाले रेल फेट कारिडोर का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके चलते रेवाड़ी से फुलेरा के बीच अर्थ वर्क व लाइन बिछाने का कार्य करीब-करीब पूरा हो गया है। मेन कार्य अर्थ वर्क व लाइन बिछाने का ही होता है। वर्ष 2014 में आरंभ हुए इस कार्य को वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्थानीय लोगों की रेलवे में सुधार करने की मांग वर्षों पुरानी है। रेलवे का विद्युतीकरण होने से लोगों को काफी फायदा होगा तथा समय की बचत होगी। -मुखराम सैनी
रेलवे का विद्युतीकरण के साथ-साथ इस लाइन पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ा दी जानी चाहिए, ताकि यहां के लोगों को फायदा हो। -राम सिंह सैनी
विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा तथा लोग समय पर अपने काम पर पहुंच जाएंगे।-दुलीचंद शर्मा
रेवाड़ी से फुलेरा तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें काफी धीमी गति से चलती हैं। अब विद्युतीकरण के बाद इनकी स्पीड बढ़ेगी तो लोगों को ही फायदा होगा। -यादराम
रेलवे का विद्युतीकरण होने के साथ-साथ सवारी गाड़ियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए, ताकि लोगों को फायदा हो सके। -हवासिंह
रेवाड़ी-फुलेरा रेल लाइन को विद्युतीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत फुलेरा तक पोल लगाने व तार बिछाने का काम हो चुका है। नारनौल में केवल स्टेशन पर तार नहीं बिछाई गई हैं। इनके बिछने के बाद संभावना है कि जल्दी ही यहां इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ें। -महेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक, नारनौल