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Mahendragarh-Narnaul News: सार्वजनिक शौचालय बिना देखभाल बने खंडहर, विभाग नही दे रहा ध्यान
Tue, 09 Apr 2024 02:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 09 Apr 2024 02:46 AM IST
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मंडी अटेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गए है। सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद भी इन शौचालयों का लाभ नागरिकों नहीं मिला।
आंकड़ों के अनुसार अटेली नांगल खंड के अंतर्गत 43 गांव आते हैं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2018 में प्रत्येक गांव में 3 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि 9 गांवों में 27 लाख रुपए देकर शौचालयों का निर्माण कार्य किया गया तथा बाकी गांवों में पंचायत के माध्यम से शौचालयों का निर्माण हुआ। इसी प्रक्रिया के चलते 2015 में जिला महेंद्रगढ़ को ओडीएफ घोषित किया गया लेकिन धरातल पर नजर डालें तो सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। बनाएं गए शौचालय पानी को तरस रहे हैं साथ में गंदगी की ढेर लगे हुए हैं। सरकार, प्रशासन व पंचायत इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। ग्रामीण आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं।
सरकार की ओर से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया था ताकि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच ने जाएं। इस योजना में सरकार के लाखों रुपए खर्च हुए हैं। अगर फिर भी जिस गांव में शौचालयों की देखरेख नहीं हो रही, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मोनिका सैनी, ब्लाक कोऑर्डिनेटर मंडी अटेली।
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आंकड़ों के अनुसार अटेली नांगल खंड के अंतर्गत 43 गांव आते हैं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2018 में प्रत्येक गांव में 3 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि 9 गांवों में 27 लाख रुपए देकर शौचालयों का निर्माण कार्य किया गया तथा बाकी गांवों में पंचायत के माध्यम से शौचालयों का निर्माण हुआ। इसी प्रक्रिया के चलते 2015 में जिला महेंद्रगढ़ को ओडीएफ घोषित किया गया लेकिन धरातल पर नजर डालें तो सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। बनाएं गए शौचालय पानी को तरस रहे हैं साथ में गंदगी की ढेर लगे हुए हैं। सरकार, प्रशासन व पंचायत इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। ग्रामीण आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं।
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सरकार की ओर से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया था ताकि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच ने जाएं। इस योजना में सरकार के लाखों रुपए खर्च हुए हैं। अगर फिर भी जिस गांव में शौचालयों की देखरेख नहीं हो रही, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मोनिका सैनी, ब्लाक कोऑर्डिनेटर मंडी अटेली।