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Mahendragarh-Narnaul News: प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी प्रिया, रोज 5 घंटे दाग रही निशाने
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फोटो 02 प्रिया
नारनौल। कनीना की रहने वाली प्रिया ने कभी नहीं सोचा था कि टीवी पर ओलंपिक में मनु भाकर को शूटिंग करते देखना उसकी जिंदगी बदल देगा। साल 2024 के ओलंपिक में मनु भाकर को देखते-देखते उसके मन में भी पिस्टल उठाने का सपना जन्म ले लिया। आज वही सपना उसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक ले आया है।
महज एक साल के अभ्यास में ही प्रिया ने हरियाणा प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा बुल्स आई निशाने लगाए। अब वह 13 से 30 जुलाई तक देहरादून में होने वाली प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी में दिन-रात जुटी हैं और रोज करीब 5 घंटे निशाने दाग रही हैं।
प्रिया ने स्कूल में खेल प्रशिक्षण मिलने के बाद कनीना की खेल नर्सरी में नियमित अभ्यास शुरू किया। प्रिया बताती है कि ओलंपिक में उसे उम्मीद थी कि मनु भाकर गोल्ड जीतेंगी लेकिन कांस्य पदक मिलने पर उसे हल्की निराशा हुई। उसी पल ने उसके अंदर शूटिंग के प्रति जुनून जगा दिया।
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16 अक्टूबर 2007 को एक फौजी के घर जन्मी प्रिया कहती है कि शायद पिस्टल उसके खून में है। उसके पिता ने देश सेवा के लिए हथियार उठाया था और वह अब देश के लिए गोल्ड जीतने का सपना लेकर पिस्टल चला रही है। प्रिया ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है।
17 साल की उम्र में पिस्टल थामने वाली प्रिया का सपना साफ है एक दिन ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करना और गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा करना।
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महज एक साल के अभ्यास में ही प्रिया ने हरियाणा प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा बुल्स आई निशाने लगाए। अब वह 13 से 30 जुलाई तक देहरादून में होने वाली प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी में दिन-रात जुटी हैं और रोज करीब 5 घंटे निशाने दाग रही हैं।
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प्रिया ने स्कूल में खेल प्रशिक्षण मिलने के बाद कनीना की खेल नर्सरी में नियमित अभ्यास शुरू किया। प्रिया बताती है कि ओलंपिक में उसे उम्मीद थी कि मनु भाकर गोल्ड जीतेंगी लेकिन कांस्य पदक मिलने पर उसे हल्की निराशा हुई। उसी पल ने उसके अंदर शूटिंग के प्रति जुनून जगा दिया।
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16 अक्टूबर 2007 को एक फौजी के घर जन्मी प्रिया कहती है कि शायद पिस्टल उसके खून में है। उसके पिता ने देश सेवा के लिए हथियार उठाया था और वह अब देश के लिए गोल्ड जीतने का सपना लेकर पिस्टल चला रही है। प्रिया ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है।
17 साल की उम्र में पिस्टल थामने वाली प्रिया का सपना साफ है एक दिन ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करना और गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा करना।