पावर हाउस पर जड़ा ताला, लगाया जाम
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10 दिनों से बिजली किल्लत से परेशान लोगों ने पावर हाउस पर ताला जड़ दिया और अधिकारी न पहुंचने पर धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। गांव छापड़ी बीबीपुर समेत आधा दर्जन गांवों में पिछले दस दिनों से बिजली किल्लत बनी हुई थी। ग्रामीण इस बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके थे लेकिन कोई समधान न होने पर लोगों ने सोमवार सुबह पावर हाउस पर ताला जड़ दिया। अधिकारी नहीं पहुंचने पर बाद में उन्होंने धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग को जाम कर दिया। इसके उपरांत विभाग के कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार तथा थाना प्रभारी डॉ. हरिओम ने जल्द समाधान का भरोसा देकर करीब 2 बजे जाम खुलवाया।
सरपंच अड़ीसाल, निहाल सिंह, फूलचंद, प्रेमचंद व ओमप्रकाश नांगल पीपा ने बताया कि बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई। 24 घंटे में मुश्किल से 4-5 घंटे सप्लाई मिल रही है। इस दौरान भी कई झटके झेलने पड़ रहे थे। परीक्षा नजदीक होने के कारण विद्यार्थियों को फेल होने की चिंता सताने लगी है। विभाग के अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक तौर पर स्थिति से अवगत करवा दिया। समाधान नहीं होने पर सोमवार सुबह रूट के आंतरी, कमानियां, नांगल पीपा, धोलेड़ा व खातोली जाट सहित सात गांवों की पंचायत बुलाई गई। जिसमें पावर हाउस की तालाबंदी का फैसला लिया गया। योजना के मुताबिक सुबह 10 बजे मैन गेट पर ताला ठोक दिया। इसकी सूचना होने के बावजूद मौके पर अधिकारी नहीं आए। इससे क्रोधित ग्रामीणों ने एक बजे धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग को जाम कर दिया।
जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी धोलेड़ा आए। उन्हें जाम खुलवाने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद विभाग के कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार तथा लाइनमैन सुरेश कुमार जाम स्थल पहुंचे। जिन्हें देखकर ग्रामीणों का गुस्सा उबाल खा गया तथा नारेबाजी आरंभ कर दी। उन्होंने बताया कि विभाग शाम गलत शेड्यूल के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भीड़ को शांत करने में थाना प्रभारी को कड़ी मसक्कत करनी पड़ी। कनिष्ठ अभियंता द्वारा ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली गई तथा उच्चाधिकारियों से मिलकर मंगलवार तक समाधान का आश्वासन दिया। जिस पर शांत हुए ग्रामीणों ने सड़क मार्ग बहाल कर दिया।
दोबारा सड़क मार्ग जाम करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के अभाव में गांवों की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई। कड़कड़ाती सर्दियों में महिलाओं को दूर-दराज की टंकियों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। मजबूर होकर उन्हें तालाबंदी तथा सड़क जाम करना पड़ा। विभाग ने मंगलवार तक शेड्यूल में बदलाव करवाकर नियमित बिजली सप्लाई का भरोसा दिया है। समाधान नहीं होने पर दोबारा तालाबंदी एवं जाम की रूपरेखा बनाई जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजेंगे
कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार ने बताया कि बिजली सप्लाई के शेड्यूल एमडी कार्यालय द्वारा बनाया जाता है। उसके मुताबिक वितरण करना उनकी मजबूरी है। शेड्यूल में बदलाव करने का शिकायत पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार बिजली मिलेगी।