{"_id":"5d9f73bd8ebc3e01431c176f","slug":"politcal-assembly-election-narnol-news-rtk52248777","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारनौल और अटेली विधानसभा में एक-एक बार हुआ था त्रिकोणीय मुकाबला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारनौल और अटेली विधानसभा में एक-एक बार हुआ था त्रिकोणीय मुकाबला
विज्ञापन
नारनौल और अटेली विधानसभा सीटों पर चुनाव में ऐसे कम ही अवसर आए जब प्रत्याशियों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ हो। अटेली विधानसभा में 11 बार दो प्रत्याशियों में सीधी टक्कर हुई, जबकि त्रिकोणीय मुकाबला एक बार ही देखने को मिला। वहीं नारनौल में भी 11 बार सीधा मुकाबला और एक बार त्रिकोणीय टक्कर देखी गई। साल 2000 में नारनौल से मूलाराम को 21.82 फीसदी, राधेश्याम को 21.21 फीसदी व चांदनाथ को 16.95 फीसदी वोट मिले थे। अटेली में साल 2009 अनीता यादव 22.44, संतोष यादव को 21.53 व अजीत सिंह को 20.85 फीसदी वोट मिले थे।
बता दें कि नारनौल व अटेली में विधानसभा में साल 1967 से 2014 तक 12 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। नारनौल विधानसभा में साल 1967, 1968, 1972,1977, 1982, 1987, 1991, 1996, 2005, 2009 व 2014 में दोनों प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर में जीता हार का फैसला हुआ था। लेकिन, साल 2000 में चुनाव काफी रोमांचक रहा। इसमें तीनों आजाद उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। इसमें मूलाराम को 21.82 फीसदी, राधेश्याम को 21.21 व चांद नाथ को 16.95 फीसदी वोट मिले थे।
अटेली में 2009 में हुआ था त्रिकोणीय मुकाबला
अटेली विधानसभा में भी 11 बार सीधे मुकाबले में जीत हार का फैसला हुआ। इसमें साल 1967, 1968, 1972, 1977,1982, 1987, 1991, 1996, 2000, 2005 व 2014 में दो प्रत्याशियों के बीच जीत-हार का मुकाबला हुआ था। वहीं साल 2009 में तीन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर हुई। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी अनीता यादव 22.44, बीजेपी की संतोष यादव को 21.53 व इनेलो के अजीत सिंह को 20.85 फीसदी वोट मिले थे।
विज्ञापन
नांगल चौधरी में दो बार रहा सीधा मुकाबला
नए परिसीमन के बाद 2009 व 2014 में नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में दो बार सीधे मुकाबले हुए। जबकि 2009 में इनेलो प्रत्याशी राव बहादुर सिंह की एकतरफा जीत हुई थी। लेकिन, दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर रही। इस मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम शर्मा ने 24.57 व हरियाणा जनहित कांग्रेस प्रत्याशी मूलाराम ने 24.10 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। वहीं 2014 में हुए चुनाव में बीजेपी व इनेलो के बीच कांटे की टक्कर रही। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. अभय सिंह यादव ने इनेलो प्रत्याशी मंजू देवी को 981 वोटों से हराया था।
विज्ञापन
बता दें कि नारनौल व अटेली में विधानसभा में साल 1967 से 2014 तक 12 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। नारनौल विधानसभा में साल 1967, 1968, 1972,1977, 1982, 1987, 1991, 1996, 2005, 2009 व 2014 में दोनों प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर में जीता हार का फैसला हुआ था। लेकिन, साल 2000 में चुनाव काफी रोमांचक रहा। इसमें तीनों आजाद उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। इसमें मूलाराम को 21.82 फीसदी, राधेश्याम को 21.21 व चांद नाथ को 16.95 फीसदी वोट मिले थे।
विज्ञापन
अटेली में 2009 में हुआ था त्रिकोणीय मुकाबला
अटेली विधानसभा में भी 11 बार सीधे मुकाबले में जीत हार का फैसला हुआ। इसमें साल 1967, 1968, 1972, 1977,1982, 1987, 1991, 1996, 2000, 2005 व 2014 में दो प्रत्याशियों के बीच जीत-हार का मुकाबला हुआ था। वहीं साल 2009 में तीन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर हुई। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी अनीता यादव 22.44, बीजेपी की संतोष यादव को 21.53 व इनेलो के अजीत सिंह को 20.85 फीसदी वोट मिले थे।
विज्ञापन
नांगल चौधरी में दो बार रहा सीधा मुकाबला
नए परिसीमन के बाद 2009 व 2014 में नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में दो बार सीधे मुकाबले हुए। जबकि 2009 में इनेलो प्रत्याशी राव बहादुर सिंह की एकतरफा जीत हुई थी। लेकिन, दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर रही। इस मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम शर्मा ने 24.57 व हरियाणा जनहित कांग्रेस प्रत्याशी मूलाराम ने 24.10 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। वहीं 2014 में हुए चुनाव में बीजेपी व इनेलो के बीच कांटे की टक्कर रही। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. अभय सिंह यादव ने इनेलो प्रत्याशी मंजू देवी को 981 वोटों से हराया था।