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लोगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करें योजनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 17 May 2016 12:15 AM IST
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अधिकारी जिले में विकास की जो भी योजनाएं बनाएं, उसमें इस बात का भी ख्याल रखें कि जिन लोगों के लिए वे काम कर रहे हैं उनके सुझाव उसमें शामिल हों। जो लोग उस समस्या से जूझ रहे हैं उन्हीं के पास उसका समाधान होगा। अफसर अपना ज्ञान उन पर न थोपें बल्कि उसमें उसकी भागीदारी करें।
यह निर्देश सोमवार को सिविल एविएशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डा. महावीर सिंह ने लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए। सिंह ने जिले की विभिन्न योजनाओं का अध्ययन भी किया। 1989 बैच के आइएएस अधिकारी डा. महावीर सिंह ने इससे पहले कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से लगभग तीन दशक में जिले में हुए बदलाव के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जिले में जमीनी स्तर पर किस तरह की समस्याएं हैं उनका सही आंकलन करके तथा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करके विकास कार्य करवाए जाएं। सरकार को इस दक्षिणी हरियाणा में किस क्षेत्र में सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है उसकी एक रूपरेखा ग्रामीणों के माध्यम से तैयार करनी है ताकि जो भी योजना बने वो सही ढंग से धरातल पर उतरे।
सिंह ने कहा कि उनके ग्रामीण दौरे में एक बात उभर कर आई है कि यहां 70 फीसदी रोजगार खेती से है। खेती में क्या संभावनाएं हैं इस बारे में एक योजना बनाने की जरूरत है। यहां पर पानी की कमी है तो फसल के विविधिकरण पर जोर दिया जाए। बागवानी पर विशेष फोकस करें ताकि कम से कम पानी में किसानों को ज्यादा आमदनी हो। अगर हम किसानों की आमदनी नहीं बढ़ा पाए तो देश के लिए तरक्की करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने इजराइल देश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दक्षिणी हरियाणा से भी कम बारिश होती है लेकिन फल और सब्जी उत्पादन में पूरे विश्व में उनकी धाक है। इजराइल ने जल संरक्षण व टपका सिंचाई को इतना मजबूत कर लिया है कि वहां का किसान पानी न होते हुए भी आर्थिक रूप से मजबूत है और हमारा पानी होते हुए भी मजबूर है।
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छात्राओं को शिक्षण संस्थान तक पहुंचाने के लिए करें रूपरेखा तैयार
स्कूली व कालेज की छात्राओं को उनके शिक्षण संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए सिविल एविएशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डा. महावीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा व रोडवेज विभाग मिलकर इसमें एक रूपरेखा तैयार करें। रूट व बसों की संख्या का एक मोटा-मोटा आंकलन कर लें। उसके बाद इस योजना को लागू किया जा सकता है। सरकार का तो विशेष फोकस ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर ही है। अधिकारी सही ढंग से इसकी रूपरेखा बनाएं इसका इंतजाम एसएसए से किया जा सकता है। कम से कम 5 से अधिक किलोमीटर के रूट को कवर किया जा सकता है। इसका अच्छा सा नक्शा तैयार करें। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा, एसडीएम महेंद्रगढ़ उमेद सिंह मोहन, एसडीएम कनीना इंजीनियर संदीप सिंह, एसडीएम नारनौल सुरेश कुमार कासवां तथा नगराधीश कैप्टन मनोज खत्री आदि थे।
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यह निर्देश सोमवार को सिविल एविएशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डा. महावीर सिंह ने लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए। सिंह ने जिले की विभिन्न योजनाओं का अध्ययन भी किया। 1989 बैच के आइएएस अधिकारी डा. महावीर सिंह ने इससे पहले कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से लगभग तीन दशक में जिले में हुए बदलाव के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जिले में जमीनी स्तर पर किस तरह की समस्याएं हैं उनका सही आंकलन करके तथा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करके विकास कार्य करवाए जाएं। सरकार को इस दक्षिणी हरियाणा में किस क्षेत्र में सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है उसकी एक रूपरेखा ग्रामीणों के माध्यम से तैयार करनी है ताकि जो भी योजना बने वो सही ढंग से धरातल पर उतरे।
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सिंह ने कहा कि उनके ग्रामीण दौरे में एक बात उभर कर आई है कि यहां 70 फीसदी रोजगार खेती से है। खेती में क्या संभावनाएं हैं इस बारे में एक योजना बनाने की जरूरत है। यहां पर पानी की कमी है तो फसल के विविधिकरण पर जोर दिया जाए। बागवानी पर विशेष फोकस करें ताकि कम से कम पानी में किसानों को ज्यादा आमदनी हो। अगर हम किसानों की आमदनी नहीं बढ़ा पाए तो देश के लिए तरक्की करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने इजराइल देश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दक्षिणी हरियाणा से भी कम बारिश होती है लेकिन फल और सब्जी उत्पादन में पूरे विश्व में उनकी धाक है। इजराइल ने जल संरक्षण व टपका सिंचाई को इतना मजबूत कर लिया है कि वहां का किसान पानी न होते हुए भी आर्थिक रूप से मजबूत है और हमारा पानी होते हुए भी मजबूर है।
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छात्राओं को शिक्षण संस्थान तक पहुंचाने के लिए करें रूपरेखा तैयार
स्कूली व कालेज की छात्राओं को उनके शिक्षण संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए सिविल एविएशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डा. महावीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा व रोडवेज विभाग मिलकर इसमें एक रूपरेखा तैयार करें। रूट व बसों की संख्या का एक मोटा-मोटा आंकलन कर लें। उसके बाद इस योजना को लागू किया जा सकता है। सरकार का तो विशेष फोकस ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर ही है। अधिकारी सही ढंग से इसकी रूपरेखा बनाएं इसका इंतजाम एसएसए से किया जा सकता है। कम से कम 5 से अधिक किलोमीटर के रूट को कवर किया जा सकता है। इसका अच्छा सा नक्शा तैयार करें। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा, एसडीएम महेंद्रगढ़ उमेद सिंह मोहन, एसडीएम कनीना इंजीनियर संदीप सिंह, एसडीएम नारनौल सुरेश कुमार कासवां तथा नगराधीश कैप्टन मनोज खत्री आदि थे।