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गांव तिगरा की पंचायत ने डीजे और सांग पर लगाया प्रतिबंध
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 23 Apr 2016 11:22 PM IST
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गांव तिगरा की पंचायत ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ते हुए गांव की सात गरीब लड़कियों को 51 सौ रुपये का चेक प्रदान कर आर्थिक सहायता दी। सरपंच की इस पहल का ग्रामीणों ने दिल खोलकर स्वागत किया। गांव में आयोजित ग्राम सभा में इन लड़कियों को चेक बांटे गए।
गांव के सरपंच वेदप्रकाश उर्फ धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में एसईपीओ करतार सिंह, ग्राम सचिव अभय सिंह, नोडल अधिकारी लालचंद, कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव, पशु चिकित्सक डा. धर्मेंद्र, मुख्याध्यापक मोर मुकट सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। ग्राम सभा में सबसे अच्छी बात यह रही है कि गांव में हर व्यक्ति को पूरा सुना गया। उपस्थित लोगों ने गांव की मुख्य समस्याओं को कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज करवाया। गांव में गरीब लोगों की सूची तैयार की गई जो स्वयं मकान बनाने में असमर्थ है। ग्राम सभा का असल उद्देश्य ग्राम सभा में देखने को मिला। ग्राम उदय से भारत उदय के अंतर्गत होने वाली ग्राम सभा में हर विभाग के अधिकारी होने से लोगों को एक ही स्थान पर अपनी समस्या रखने का मंच मिल जाता है। गांव में ही कार्यक्रम होने से अधिकारी उस पर अमल भी करने का प्रयास करता है। ग्राम सभा में गांव को कृषि सौंदर्य के तहत मिली अवार्ड की राशि का मामला ग्राम सभा में जोर सोर से उठाया गया। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि यह मामला ग्राम सभा में भी अनसुलझा रह गया।
कृषि विभाग के अधिकारी इस मामले को सुलझाने में अपने आप को बेबस बताया तो ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति रोष जरूर पैदा हुआ। कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव ने कहा कि वे भी मानते है कि उनके गांव को कृषि के लिए मिली दस लाख की राशि कृषि कार्यों में खर्च नहीं हुई इसका उन्हें दुख है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी आवाज उच्च अधिकारियों के पास भी उठाया था लेकिन चैक पंचायत के नाम से देने से कृषि विभाग अपने अनुरूप यह राशि खर्च नहीं करवा सका। गांव के चौकीदार ने गांव में खुले चल रहे नलों पर टूंटी लगाने तथा टूंटी न लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने की बात रखी तो उपस्थित लोगों ने इसे उचित बताते हुए इस बात को स्वीकार किया। गांव में गंदे पानी की निकासी, खेल स्टेडियम, हरिजन चौपाल की मरम्मत, जोहड़ में पानी भरने जैसी अनेक समस्या ग्राम सभा में गंभीरता से लोगों ने उठाई। जो ग्राम सचिव अभय सिंह ने ग्राम सभा में डाल दिया। गांव के सरपंच धर्मेंद्र ने ग्राम सभा में एलान किया कि गांव की हर गरीब असहाय कन्या जो रुपये के कारण नहीं पढ़ पा रही है उनकी निजी कोष से सहायता करने की बात कही। वहीं गांव खेड़ी में सरपंच नरेंद्र की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में नोडल अधिकारी डा. अनिल कुमार, ग्राम सचिव पूर्ण सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। ग्राम सभा में गांव का ठेका बंद करवाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं गांव में डीजे व सांग पर प्रतिबंध करने का फैसला लिया गया। गांव खेड़ी से नारनौल के लिए स्पेशल महिला बस लागू करने की मांग का प्रस्ताव भी पास किया गया। कन्या के जन्म पर ग्राम पंचायत द्वारा माता को सम्मानित करने जैसे अहम निर्णय लिए गए।
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गांव के सरपंच वेदप्रकाश उर्फ धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में एसईपीओ करतार सिंह, ग्राम सचिव अभय सिंह, नोडल अधिकारी लालचंद, कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव, पशु चिकित्सक डा. धर्मेंद्र, मुख्याध्यापक मोर मुकट सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। ग्राम सभा में सबसे अच्छी बात यह रही है कि गांव में हर व्यक्ति को पूरा सुना गया। उपस्थित लोगों ने गांव की मुख्य समस्याओं को कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज करवाया। गांव में गरीब लोगों की सूची तैयार की गई जो स्वयं मकान बनाने में असमर्थ है। ग्राम सभा का असल उद्देश्य ग्राम सभा में देखने को मिला। ग्राम उदय से भारत उदय के अंतर्गत होने वाली ग्राम सभा में हर विभाग के अधिकारी होने से लोगों को एक ही स्थान पर अपनी समस्या रखने का मंच मिल जाता है। गांव में ही कार्यक्रम होने से अधिकारी उस पर अमल भी करने का प्रयास करता है। ग्राम सभा में गांव को कृषि सौंदर्य के तहत मिली अवार्ड की राशि का मामला ग्राम सभा में जोर सोर से उठाया गया। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि यह मामला ग्राम सभा में भी अनसुलझा रह गया।
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कृषि विभाग के अधिकारी इस मामले को सुलझाने में अपने आप को बेबस बताया तो ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति रोष जरूर पैदा हुआ। कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव ने कहा कि वे भी मानते है कि उनके गांव को कृषि के लिए मिली दस लाख की राशि कृषि कार्यों में खर्च नहीं हुई इसका उन्हें दुख है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी आवाज उच्च अधिकारियों के पास भी उठाया था लेकिन चैक पंचायत के नाम से देने से कृषि विभाग अपने अनुरूप यह राशि खर्च नहीं करवा सका। गांव के चौकीदार ने गांव में खुले चल रहे नलों पर टूंटी लगाने तथा टूंटी न लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने की बात रखी तो उपस्थित लोगों ने इसे उचित बताते हुए इस बात को स्वीकार किया। गांव में गंदे पानी की निकासी, खेल स्टेडियम, हरिजन चौपाल की मरम्मत, जोहड़ में पानी भरने जैसी अनेक समस्या ग्राम सभा में गंभीरता से लोगों ने उठाई। जो ग्राम सचिव अभय सिंह ने ग्राम सभा में डाल दिया। गांव के सरपंच धर्मेंद्र ने ग्राम सभा में एलान किया कि गांव की हर गरीब असहाय कन्या जो रुपये के कारण नहीं पढ़ पा रही है उनकी निजी कोष से सहायता करने की बात कही। वहीं गांव खेड़ी में सरपंच नरेंद्र की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में नोडल अधिकारी डा. अनिल कुमार, ग्राम सचिव पूर्ण सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। ग्राम सभा में गांव का ठेका बंद करवाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं गांव में डीजे व सांग पर प्रतिबंध करने का फैसला लिया गया। गांव खेड़ी से नारनौल के लिए स्पेशल महिला बस लागू करने की मांग का प्रस्ताव भी पास किया गया। कन्या के जन्म पर ग्राम पंचायत द्वारा माता को सम्मानित करने जैसे अहम निर्णय लिए गए।
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