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Mahendragarh-Narnaul News: भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा
Thu, 18 Sep 2025 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:16 PM IST
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फोटो संख्या:79- बाबा पूर्णमल मेरिज पैलेस में श्रीमद्भागवत भागवत कथा के समापन परन हवन करते श्रद्
महेंद्रगढ़। बाबा पूर्णमल मैरिज पैलेस में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का वीरवार को हवन के साथ समापन हो गया।
हवन के उपरांत श्रद्धालुओं प्रसाद वितरित किया गया। कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है।
यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मन वांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पौधरोपण किया गया।
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हवन के उपरांत श्रद्धालुओं प्रसाद वितरित किया गया। कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है।
यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मन वांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पौधरोपण किया गया।
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