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खुले में शौच मुक्ति पर सरपंच सम्मानित
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:00 AM IST
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स्थानीय सभागार भवन में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के सौजन्य से शनिवार को सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त राज नारायण कौशिक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर 150वीं गांधी जयंती के अवसर पर 1 से 15 अक्तूबर तक चलने वाले स्वच्छता पखवाड़ा के बारे में चर्चा की गई। वहीं श्यामपुरा के सरपंच को जिला व खंड स्तर पर गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने पर दो लाख रुपये का चेक भेंट किया।
उपायुक्त ने कहा स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को खुले में शौच मुक्त बनाना है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों से जनता को जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे है। पहले शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों को मानसिक तौर पर तैयार किया जाता था आज खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों व दिक्कतों से अवगत करवा कर शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
उन्होंने सरपंचों से काम के आधार पर अपनी पहचान बनाने की अपील की जिससे आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा होगी वही स्वयं भी गर्व की अनुभूति होगी। उन्होंने जिला को 30 नवंबर तक खुले में शौच मुक्त करने के कार्य को निर्धारित अवधि से पूर्व पूरा करने की अपील की।
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अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा ने कहा कि जिला में केवल जिला को खुले में शौच मुक्त करवाने में केवल चार प्रतिशत का कार्य शेष है।
गठित निगरानी कमेटी इस कार्य को पूरा करवाने में सहयोग करे जिससे भविष्य में होने वाले निरीक्षण के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आए। खुले में शौच करने की दिक्कत विशेष कर महिलाओं, अपंग, बीमार व्यक्ति व बुजुर्गों को अधिक होती है हम सबका दायित्व बनता है परिवार में इन सदस्यों की दिक्कत को समझते हुए शौचालय का प्रयोग भी करे। उन्होंने श्यामपुरा के सरपंच का अनुसरण करने की भी अपील की।
इस अवसर जिला प्रमुख राजेश देवी, जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया, उप पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने भी अपने अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य मंत्री सुशासन सहयोगी सैम सोलोमन दासुरू, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कुलदीप सिंह के अतिरिक्त विभिन्न स्कूलों के प्रवक्ता, ग्राम सचिव, गांव के नोडल अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग से सीडीपीओ भी उपस्थित थी।
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उपायुक्त ने कहा स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को खुले में शौच मुक्त बनाना है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों से जनता को जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे है। पहले शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों को मानसिक तौर पर तैयार किया जाता था आज खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों व दिक्कतों से अवगत करवा कर शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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उन्होंने सरपंचों से काम के आधार पर अपनी पहचान बनाने की अपील की जिससे आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा होगी वही स्वयं भी गर्व की अनुभूति होगी। उन्होंने जिला को 30 नवंबर तक खुले में शौच मुक्त करने के कार्य को निर्धारित अवधि से पूर्व पूरा करने की अपील की।
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अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा ने कहा कि जिला में केवल जिला को खुले में शौच मुक्त करवाने में केवल चार प्रतिशत का कार्य शेष है।
गठित निगरानी कमेटी इस कार्य को पूरा करवाने में सहयोग करे जिससे भविष्य में होने वाले निरीक्षण के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आए। खुले में शौच करने की दिक्कत विशेष कर महिलाओं, अपंग, बीमार व्यक्ति व बुजुर्गों को अधिक होती है हम सबका दायित्व बनता है परिवार में इन सदस्यों की दिक्कत को समझते हुए शौचालय का प्रयोग भी करे। उन्होंने श्यामपुरा के सरपंच का अनुसरण करने की भी अपील की।
इस अवसर जिला प्रमुख राजेश देवी, जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया, उप पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने भी अपने अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य मंत्री सुशासन सहयोगी सैम सोलोमन दासुरू, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कुलदीप सिंह के अतिरिक्त विभिन्न स्कूलों के प्रवक्ता, ग्राम सचिव, गांव के नोडल अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग से सीडीपीओ भी उपस्थित थी।