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डीएवी के गैर शिक्षण कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम भेजा मांगों का ज्ञापन
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कनीना में धरने पर नारेबाजी करते शिक्षक व गैर शिक्षण कर्मचारी
- फोटो : Narnol
कनीना। बाबा मोलड़नाथ पार्क में डीएवी कॉलेज व स्कूल में काम करने वाले शिक्षक व गैर शिक्षण कर्मचारियों ने एक दिन का धरना देकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ऑनलाइन ज्ञापन भेजा। कर्मचारी समय सिंह, विजयपाल, कुलदीप, लीलाराम, महेश कुमार ने बताया कि डीएवी स्कूल 2018 में बंद हो गया था तथा लॉकडाउन के दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज भी बंद कर दिया गया। इसमें कार्यरत आठ शिक्षक, 18 गैर शिक्षण कर्मचारी व सात दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को संस्थान ने निकाल दिया है।
महेंद्रगढ़ में डीएवी स्कूल में लगे कर्मचारियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। जबकि कनीना में डीएवी स्कूल व कॉलेज में लगे हुए कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। सभी की मांग यही है कि इनको भी कहीं भी स्कूल में शिफ्ट किया जाए।
कर्मचारी कुलदीप ने बताया कि सभी कर्मी 12 से 26 वर्ष तक अपनी सेवाएं डीएवी संस्थान को दे चुके हैं। अब सभी की उम्र अधिक हो गई है न तो सरकारी भर्तियां देख सकते और ना ही कहीं दूसरी संस्थान में जा सकते। विजयपाल ने संस्थान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब पूरा संस्थान ही बंद हो गया फिर भी संस्थान ने भेदभाव करते हुए दो क्लर्क, एक सुपरदारी, दो माली, दो गार्ड, एक सफाई कर्मी को रखा हुआ है। मांग है कि जितने भी कर्मचारियों को बाहर निकाला है इनको डीएवी संस्थान में किसी भी स्कूल या कॉलेज में शिफ्ट किया जाए।
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महेंद्रगढ़ में डीएवी स्कूल में लगे कर्मचारियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। जबकि कनीना में डीएवी स्कूल व कॉलेज में लगे हुए कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। सभी की मांग यही है कि इनको भी कहीं भी स्कूल में शिफ्ट किया जाए।
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कर्मचारी कुलदीप ने बताया कि सभी कर्मी 12 से 26 वर्ष तक अपनी सेवाएं डीएवी संस्थान को दे चुके हैं। अब सभी की उम्र अधिक हो गई है न तो सरकारी भर्तियां देख सकते और ना ही कहीं दूसरी संस्थान में जा सकते। विजयपाल ने संस्थान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब पूरा संस्थान ही बंद हो गया फिर भी संस्थान ने भेदभाव करते हुए दो क्लर्क, एक सुपरदारी, दो माली, दो गार्ड, एक सफाई कर्मी को रखा हुआ है। मांग है कि जितने भी कर्मचारियों को बाहर निकाला है इनको डीएवी संस्थान में किसी भी स्कूल या कॉलेज में शिफ्ट किया जाए।
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