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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में पूछताछ केंद्र नहीं, मरीज परेशान
Fri, 03 May 2024 02:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 03 May 2024 02:50 AM IST
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नारनौल। शहर के जिला नागरिक अस्पताल में स्थानीय लोगों के साथ-साथ जिले भर से लोग इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल परिसर में पूछताछ केंद्र न होने के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
पिछले कई महीनों से नागरिक अस्पताल में पूछताछ केंद्र काउंटर बंद पड़ा है। अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों का कहना है कि यह पूरे जिले का सबसे बडा सरकारी अस्पताल है। यहां दूर-दराज क्षेत्र से लोग इलाज करवाने आते हैं। पूछताछ केंद्र न होने के कारण ओपीडी पर्ची कटवाने के बाद इलाज के लिए किस कमरे में जाना है, जांच किस कमरे होगी या दवाइयां किस कमरे से प्राप्त करनी है। इन सबके लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से यहां वहां भटकना पड़ता है। लोगों की मांग है कि अस्पताल परिसर में पूछताछ केंद्र की व्यवस्था की जाए। इससे लोगों इधर-उधर भटकना न पड़े।
पर्ची कटवाने के बाद काफी समय तो कमरा नंबर ढूंढने में लग जाता है। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। पूछताछ केंद्र की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे लोगों को राहत मिल सके।
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मुकेश कुमार।
एक ही पर्ची पर कई जांच लिख दी जाती हैं, जो अलग-अलग कमरों में होती हैं। कमरा नंबर पता न होने के कारण अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है।
शकुंतला देवी
पूछताछ केंद्र पहले सुचारु रूप से कार्य कर रहा था, मगर कुछ समय से बंद है। मरीजों को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही पूछताछ केंद्र को दोबारा से शुरू किया जाएगा।
सर्बजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल नारनौल।
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पिछले कई महीनों से नागरिक अस्पताल में पूछताछ केंद्र काउंटर बंद पड़ा है। अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों का कहना है कि यह पूरे जिले का सबसे बडा सरकारी अस्पताल है। यहां दूर-दराज क्षेत्र से लोग इलाज करवाने आते हैं। पूछताछ केंद्र न होने के कारण ओपीडी पर्ची कटवाने के बाद इलाज के लिए किस कमरे में जाना है, जांच किस कमरे होगी या दवाइयां किस कमरे से प्राप्त करनी है। इन सबके लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से यहां वहां भटकना पड़ता है। लोगों की मांग है कि अस्पताल परिसर में पूछताछ केंद्र की व्यवस्था की जाए। इससे लोगों इधर-उधर भटकना न पड़े।
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पर्ची कटवाने के बाद काफी समय तो कमरा नंबर ढूंढने में लग जाता है। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। पूछताछ केंद्र की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे लोगों को राहत मिल सके।
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मुकेश कुमार।
एक ही पर्ची पर कई जांच लिख दी जाती हैं, जो अलग-अलग कमरों में होती हैं। कमरा नंबर पता न होने के कारण अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है।
शकुंतला देवी
पूछताछ केंद्र पहले सुचारु रूप से कार्य कर रहा था, मगर कुछ समय से बंद है। मरीजों को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही पूछताछ केंद्र को दोबारा से शुरू किया जाएगा।
सर्बजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल नारनौल।