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जिलेभर में बाजरा खरीद बंद किए जाने से गुस्साए किसानों ने मंडी के गेट बंद कर किया रास्ता जाम
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सोमवार को बाजरा बेचने पहुंचे किसानों को टोकन जारी नहीं किए गए। गुस्साए किसानों ने अनाज मंडी का गेट बंद कर नारेबाजी की। आक्रोशित किसानों ने ट्रैक्टर को मंडी रोड पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर रोड जाम कर दिया। दोपहर करीब एक बजे किसानों को टोकन देने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद किसानों ने गेट खोला।
महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में करीब 13300 किसानों ने बाजरे का पंजीकरण कराया हुआ है। अब तक लगभग 8800 किसान अपना बाजरा बेच चुके हैं। लगभग 4500 किसानों को बाजरा बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार है। प्रदेश सरकार की ओर से बाजरे की खरीद के लिए 45 दिन का शेड्यूल जारी किया गया था, जिसमें 15 नवंबर तक ही खरीद की जानी थी। करीब एक तिहाई किसान अब भी बाजरा नहीं बेच पाए हैं। सोमवार को किसान अपना बाजरा लेकर मंडी पहुंचे तो उनको टोकन जारी नहीं किए गए। किसानों को बताया गया कि उनके पास 14 नवंबर तक बाजरा खरीद के आदेश थे। अभी उनके पास इसके विस्तार के निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में खरीद नहीं की जा सकती। सुबह 4 बजे से लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का बाजरा नहीं बिका तो किसान आक्रोशित हो गए। गुस्साए किसानों ने अनाज मंडी का मुख्य गेट बंद कर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन करते हुए गेट के सामने बैठ गए। बाद में दोपहर करीब एक बजे किसानों को टोकन देने की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों ने गेट खोल दिया।
मंडी मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने 253 किसानों को टोकन जारी किए। देर शाम तक किसान अपनी बारी का इंतजार करते रहे। खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। हैफेड के परचेजर हरपाल सिंह ने कहा कि अभी हमारे पास खरीद के बारे में निर्देश नहीं आए हैं।
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कनीना मंडी में भी किसानों ने जताया विरोध
सोमवार को सुबह किसानों के बाजरे की खरीद रोक देने के कारण किसानों ने सरकार, प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। अपनी बाजरे की फसल को लेकर किसान कनीना मंडी पहुंचे तो उन्हें खरीद बंद होने की सूचना दी गई। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया।
खंड के गांव क्षेत्रों के किसान सुरेंद्र, अजीत, रविंद्र, अक्षय ,बलवान सिंह, खेड़ी गांव के विनय पाल सिंह, अजीत कुमार, हरपाल सिंह, नरेश, धनोंदा से अभय सिंह, सत्यवीर सिंह, चेलावास से नवीन कुमार, राज सिंह के सहित अन्य किसानों ने बताया कि खरीद एजेंसी की ओर से 14 नवंबर को बाजरा खरीदने के लिए मैसेज किया गया था। दो-तीन दिन की बीच में छुट्टी होने के कारण हमारा बाजरा नहीं बिका। सोमवार को बाजरे के साथ मंडी पहुंचे तो बताया गया कि खरीद बंद हो गई है। किसानों ने कहा कि कई गांवों के किसानों के बाजरे की बिक्री का नंबर दो बार भी आ चुका है। हमारा एक बार भी नंबर नहीं आया। सुबह चार बजे से ही बाजरे की बिक्री को लेकर मंडी के गेट के सामने ट्रैक्टर को लेकर खड़े हैं। बारिश का मौसम है। प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है खरीद बंद अब हम क्या करें, कहां जाएं। किसानों ने उपमंडल अधिकारी रणबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। सरकार से बाजरा खरीद कराने की गुहार लगाई है। खरीद एजेंसी के परचेजर जगदीश यादव ने कहा शाम 4 बजे एक पत्र मिला है, जिसमें लिखा गया है कि जिला उपायुक्त की ओर से सत्यापित शेड्यूल के अनुसार बाजरा खरीदा जाएगा।
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महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में करीब 13300 किसानों ने बाजरे का पंजीकरण कराया हुआ है। अब तक लगभग 8800 किसान अपना बाजरा बेच चुके हैं। लगभग 4500 किसानों को बाजरा बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार है। प्रदेश सरकार की ओर से बाजरे की खरीद के लिए 45 दिन का शेड्यूल जारी किया गया था, जिसमें 15 नवंबर तक ही खरीद की जानी थी। करीब एक तिहाई किसान अब भी बाजरा नहीं बेच पाए हैं। सोमवार को किसान अपना बाजरा लेकर मंडी पहुंचे तो उनको टोकन जारी नहीं किए गए। किसानों को बताया गया कि उनके पास 14 नवंबर तक बाजरा खरीद के आदेश थे। अभी उनके पास इसके विस्तार के निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में खरीद नहीं की जा सकती। सुबह 4 बजे से लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का बाजरा नहीं बिका तो किसान आक्रोशित हो गए। गुस्साए किसानों ने अनाज मंडी का मुख्य गेट बंद कर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन करते हुए गेट के सामने बैठ गए। बाद में दोपहर करीब एक बजे किसानों को टोकन देने की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों ने गेट खोल दिया।
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मंडी मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने 253 किसानों को टोकन जारी किए। देर शाम तक किसान अपनी बारी का इंतजार करते रहे। खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। हैफेड के परचेजर हरपाल सिंह ने कहा कि अभी हमारे पास खरीद के बारे में निर्देश नहीं आए हैं।
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कनीना मंडी में भी किसानों ने जताया विरोध
सोमवार को सुबह किसानों के बाजरे की खरीद रोक देने के कारण किसानों ने सरकार, प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। अपनी बाजरे की फसल को लेकर किसान कनीना मंडी पहुंचे तो उन्हें खरीद बंद होने की सूचना दी गई। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया।
खंड के गांव क्षेत्रों के किसान सुरेंद्र, अजीत, रविंद्र, अक्षय ,बलवान सिंह, खेड़ी गांव के विनय पाल सिंह, अजीत कुमार, हरपाल सिंह, नरेश, धनोंदा से अभय सिंह, सत्यवीर सिंह, चेलावास से नवीन कुमार, राज सिंह के सहित अन्य किसानों ने बताया कि खरीद एजेंसी की ओर से 14 नवंबर को बाजरा खरीदने के लिए मैसेज किया गया था। दो-तीन दिन की बीच में छुट्टी होने के कारण हमारा बाजरा नहीं बिका। सोमवार को बाजरे के साथ मंडी पहुंचे तो बताया गया कि खरीद बंद हो गई है। किसानों ने कहा कि कई गांवों के किसानों के बाजरे की बिक्री का नंबर दो बार भी आ चुका है। हमारा एक बार भी नंबर नहीं आया। सुबह चार बजे से ही बाजरे की बिक्री को लेकर मंडी के गेट के सामने ट्रैक्टर को लेकर खड़े हैं। बारिश का मौसम है। प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है खरीद बंद अब हम क्या करें, कहां जाएं। किसानों ने उपमंडल अधिकारी रणबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। सरकार से बाजरा खरीद कराने की गुहार लगाई है। खरीद एजेंसी के परचेजर जगदीश यादव ने कहा शाम 4 बजे एक पत्र मिला है, जिसमें लिखा गया है कि जिला उपायुक्त की ओर से सत्यापित शेड्यूल के अनुसार बाजरा खरीदा जाएगा।