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नप ने 26.46 करोड़ का बजट सदन से किया पास, विकास कार्यों में आएगी तेजी

Mon, 24 Feb 2020 10:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 10:33 PM IST
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Narnaul Nagar Parishad's Bujet Meeting orgnise
नगर परिषद की बैठक में मौजूद पार्षद। - फोटो : Narnol
नगर परिषद की सोमवार को बजट बैठक हुई। इसमें वित्त वर्ष 2020-21 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा हुई। इसमें आय व व्यय मिलाकर करीब 26.46 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। इसमें करीब 13.27 करोड़ रुपये की आय व विभिन्न प्रकार के कार्यों पर करीब 13.19 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें पार्षदों ने पार्कों के रखरखाव, सेनिटेशन, पुराने भवनों को तोड़ने व विकास कार्यों के लिए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। अब नए कार्यों के रुपये जोड़कर वित्तवर्ष 2020-21 के बजट को स्वीकृत के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा।
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नप चेयरपर्सन भारती सैनी की अध्यक्षता में बजट बैठक आयोजित की गई। इसमें लेखा अधिकारी अनिल कुमार ने सुबह साढ़े 11 बजे वित्त वर्ष 2020-21 के प्रस्तावित बजट को सदन में रखा। उन्होंने सदन में आय व व्यय का पूरा ब्योरा पेश किया। उन्होंने सदन को बताया कि नगर परिषद ने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से 13 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये आय का लक्ष्य रखा है। वहीं व्यय के लिए 13 करोड़ 19 करोड़ 50 हजार रुपये का प्रस्ताव है। इस पर पार्षदों ने कुछ अन्य कार्यों के लिए बजट रखने का प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित बजट में पार्कों के रखरखाव को लेकर कोई राशि नहीं थी। पार्षद प्रमोद व केशव समेत अन्य पार्षदों ने पार्कों की दशा को देखते हुए बजट में फंड के इंतजाम करने का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी पार्षदों सर्वसम्मति ने बीस लाख रुपये का प्रस्ताव पास किया। इसके साथ सफाई उपकरण के लिए बजट में तीन लाख रुपये का प्रस्ताव था, जिसे पार्षदों ने पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव पास किया। इस दौरान हाउस टैक्स वसूली का मुद्दा भी उठाया गया। सचिव अनिल कुुमार ने कहा कि शहर की सभी सम्पत्तियों का सर्वे चल रहा है। सर्वे पूरा होने पर हाउस टैक्स से आय बढ़ेगी। बैठक के दौरान शहर में पुरानी हो चुकी ऐतिहासिक इमारतों के गिरने की आशंका का मामला भी उठा। ऐसे भवनों को नोटिस देकर गिराने की बात कही गई। इस पर पार्षदों ने कहा कि पहले नप ने इसके लिए फंड न होने का हवाला दिया था। ऐसे में इसके लिए अलग से फंड का इंतजाम हो। पार्षदों की राय के बाद इसके लिए दस लाख रुपये का बजट रखने पर सहमति बनी। बजट में विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव था, जिस पर पार्षदों ने ऐतराज जताया। सचिव अनिल कुमार ने कहा कि शहर के सभी बड़े कार्य सीएम घोषणा के तहत हो रहे हैं। इस पर पार्षदों ने विकास कार्यों के लिए फंड बढ़ाने की बात कही। इसके बाद बीस लाख रुपये करने की सहमति बनी। चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि दस लाख रुपये तक वार्ड वाइज कार्य कराए जा सकते हैं। ऐसे में छोटे-छोटे कार्य करने में किसी पार्षद को दिक्कतें नहीं आएंगी। इसके अलावा अन्य मदद के लिए कुछ न कुछ पैसे रखने के प्रस्ताव पर सहमति मिली। इसके बाद करीब दोपहर 12 बजे बजट बैठक सम्पन्न हो गई। इस दौरान नप के वाइस चेयरमैन मनोज जांगड़ा, ईओ अभय सिंह, सचिव अनिल कुमार, एकाउंट अधिकारी प्रवीन कुमार समेत 28 पार्षदों में से 25 पार्षद मौजूद रहे।
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कई मदों में घटाई गई राशि
वित्त वर्ष 2020-21 में स्थापना मद में करीब 79 लाख रुपये की कमी कर दी गई है। वित्त वर्ष 2019-20 में 87952000 रुपये था, जो कि वर्ष 2020-21 आठ करोड़ रुपये रखा गया है। इसी प्रकार पिछले वित्त वर्ष की अपेक्षा आडिट फीस दो लाख से घटाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। सेवानिवृत्ति लाभ भी पिछले साल की अपेेक्षा 50 लाख से घटाकर 40 लाख, फुटकर खर्चे 1.2 करोड़ रुपये था, जिसे अब 80 लाख कर दिया गया है। डीयूएलबी शेयर पिछले साल पांच लाख था, जब एक लाख, स्ट्रीट लाइट बिल 20 लाख से 10 लाख रुपये कर दिया गया है। रखरखाव में भी कमी की गई है। इसमें पिछले वित्तवर्ष की अपेक्षा पांच लाख रुपये की कमी की गई है। गंदी गोशाल में भी 25 लाख रुपये की कमी की गई है। गोशाला के लिए मंदिर के चढ़ावा देने की योजना है।
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नप द्वारा दिसंबर तक खर्च की गई राशि व आय
नगर परिषद ने 2019-20 व्यय के लिए 14 करोड़ 19 लाख 72 हजार का बजट खर्च के लिए रखा गया था। लेकिन, नगर परिषद द्वारा 31 दिसंबर 2019 तक आठ करोड़ 33 लाख 57 हजार 343 रुपये ही खर्च किए गए हैं। इसमें स्थापना में करीब साढ़े चार करोड़ ही खर्च हुए हैं। विधि शुल्क के रुप में करीब तीन लाख, सेवानिवृत्ति में 47 लाख रुपये, फुटकर खर्चों में करीब 43 लाख, स्ट्रीट लाइन बिल में करीब तीन लाख रुपये, रखरखाव में 27 लाख, सफाई कार्यों में दो करोड़ से 1.94 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नंदी गोशाला पर 39 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि, वर्ष 2019-20 में 15 करोड़ 36 लाख 10 हजार रुपये ही आय का लक्ष्य रखा गया था। 31 दिसंबर 2019 तक नगर परिषद अपने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से मात्र 7 करोड़ 75 लाख 14 हजार 403 रुपये की आय हुई। इसमें मुख्य रूप से हाउस टैक्स से 36 लाख, रेंट से 37 लाख, स्टांप ड्यूटी से दो करीब करोड़, विकास शुल्क से 63 लाख, भवन फीस से 70 लाख, एमआईएस चार्ज से 22 लाख रुपये मिले। इसके अलावा नप को करीब तीन करोड़ रुपये कर्ज लिए हैं।

नारनौल नप की चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि बजट बैठक में पार्षदों के सुझाव के साथ नए मदों की राशि को जोड़कर स्वीकृत के लिए सरकार को भेजा जाएगा। इसमें पार्कों, विकास कार्यों व अन्य मदों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
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