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Mahendragarh-Narnaul News: नपा हर माह सफाई पर खर्च कर रही है 15 लाख रुपये, स्वयं के संसाधनों पर नहीं ध्यान
Mon, 11 Nov 2024 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 11 Nov 2024 12:44 AM IST
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महेंद्रगढ़। नगर पालिका (नपा) हर माह 15 लाख रुपये खर्च कर पूरे शहर में साफ सफाई करवा रही है, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
नगर पालिका के चार टैंपों व दो ट्रैक्टर खराब पड़े है। करीब पचास हजार की आबादी वाले शहर में साफ सफाई के लिए सिर्फ 85 सफाई कर्मचारी हैं। हालांकि नपा की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर 15 लाख रुपये ठेकेदार को दिए जा रहे हैं। ठेकेदार की ओर से केवल ट्रैक्टर व बुलडोजर ही उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि कर्मचारी नपा के हैं।
आधे से अधिक शहर में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे नगर पालिका उप प्रधान व पार्षद नाखुश हैं। नगर पालिका उप प्रधान मंजू कौशिक, पार्षद राजेश सैनी, सुरेंद्र फौजी, पार्षद प्रतिनिधि यशपाल, अश्वनी सोनी ने बताया कि नगर पालिका की ओर से 15 लाख रुपये खर्च कर सफाई के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। लेकिन ठेकेदार की ओर से सफाई करवाई जा रही हैं उससे कोई भी सतुंष्ट नहीं है। ठेकेदार के 10 ट्रैक्टर व तीन बुलडोजर करवाने के लिए आते हैं, लेकिन शहर के मुख्य जगहों व चौक-चौराहों व वार्डों में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।
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15 लाख खर्च कर नपा स्वयं के लिए जुटा सकती है संसाधन
उप प्रधान व पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका के पास पांच टैंपों व तीन ट्रैक्टर है। उनमें से एक टैंपों व एक ट्रैक्टर शहर में चल रहा है, जबकि चार टैंपों वर्कशॉप में ठीक करवाने के लिए खड़े किए गए हैं। उनकी भी नगर पालिका की ओर से पेमेंट बकाया। वहीं दो ट्रैक्टर नपा के सामने खाली जगह खड़े मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से एक ट्रैक्टर के टायरों में हवा तक नहीं है। पार्षदों का कहना है कि हर माह 15 लाख रुपये ठेकेदार पर खर्च करने की बजाय इतने बजट में हर माह संसधानाें को ठीक कराने के साथ-साथ अतिरिक्त वाहन की खरीद व अन्य संसाधन जुटा सकती है। नपा के पास अपने संसाधन होंगे तो स्थाई समाधान होगा। शहर से करीब 20 टन सूखा और गीला कचरा प्रतिदिन निकल रहा है। इसे शहर से बाहर मोदाश्रम के पास डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा है। ठेकेदार के पास 50 हजार की आबादी व बाजारों का कचरा उठाने के किए पर्याप्त कर्मचारी नहीं है। ठेकेदार के ट्रैक्टर व जेसीबी पर 48600 रुपये जीएटी के साथ खर्च किए जा रहे है। अगर यह खर्च ठेकेदार को न देकर नपा के खुद के वाहनों पर खर्च किया जाए तो नगर पालिका के सभी वाहन ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा नए वाहन भी खरीदे जा सकते है। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर डे़ढ वर्ष पहले खत्म हो गया था। इसके बाद नगर पालिका ने मार्च माह में वर्क ऑर्डर जारी कर सफाई व्यवस्था शुरू की गई।
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शहर के प्रत्येक वार्ड में सफाई के लिए ट्रैक्टर व टैंपो पहुंच रहे हैं, लेकिन निगरानी नहीं होने के कारण कर्मचारी भी खानापूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में सफाई का स्वयं निरीक्षण करेंगे तथा निगरानी रखेंगे तो व्यवस्था सुधर सकती है। कर्मचारियों को जहां सफाई की आवश्यकता है वहां लगाया जाए। इसके लिए पार्षदों से भी सहयोग की अपील की जाती है।
-- - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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नगर पालिका के चार टैंपों व दो ट्रैक्टर खराब पड़े है। करीब पचास हजार की आबादी वाले शहर में साफ सफाई के लिए सिर्फ 85 सफाई कर्मचारी हैं। हालांकि नपा की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर 15 लाख रुपये ठेकेदार को दिए जा रहे हैं। ठेकेदार की ओर से केवल ट्रैक्टर व बुलडोजर ही उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि कर्मचारी नपा के हैं।
आधे से अधिक शहर में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे नगर पालिका उप प्रधान व पार्षद नाखुश हैं। नगर पालिका उप प्रधान मंजू कौशिक, पार्षद राजेश सैनी, सुरेंद्र फौजी, पार्षद प्रतिनिधि यशपाल, अश्वनी सोनी ने बताया कि नगर पालिका की ओर से 15 लाख रुपये खर्च कर सफाई के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। लेकिन ठेकेदार की ओर से सफाई करवाई जा रही हैं उससे कोई भी सतुंष्ट नहीं है। ठेकेदार के 10 ट्रैक्टर व तीन बुलडोजर करवाने के लिए आते हैं, लेकिन शहर के मुख्य जगहों व चौक-चौराहों व वार्डों में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।
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15 लाख खर्च कर नपा स्वयं के लिए जुटा सकती है संसाधन
उप प्रधान व पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका के पास पांच टैंपों व तीन ट्रैक्टर है। उनमें से एक टैंपों व एक ट्रैक्टर शहर में चल रहा है, जबकि चार टैंपों वर्कशॉप में ठीक करवाने के लिए खड़े किए गए हैं। उनकी भी नगर पालिका की ओर से पेमेंट बकाया। वहीं दो ट्रैक्टर नपा के सामने खाली जगह खड़े मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से एक ट्रैक्टर के टायरों में हवा तक नहीं है। पार्षदों का कहना है कि हर माह 15 लाख रुपये ठेकेदार पर खर्च करने की बजाय इतने बजट में हर माह संसधानाें को ठीक कराने के साथ-साथ अतिरिक्त वाहन की खरीद व अन्य संसाधन जुटा सकती है। नपा के पास अपने संसाधन होंगे तो स्थाई समाधान होगा। शहर से करीब 20 टन सूखा और गीला कचरा प्रतिदिन निकल रहा है। इसे शहर से बाहर मोदाश्रम के पास डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा है। ठेकेदार के पास 50 हजार की आबादी व बाजारों का कचरा उठाने के किए पर्याप्त कर्मचारी नहीं है। ठेकेदार के ट्रैक्टर व जेसीबी पर 48600 रुपये जीएटी के साथ खर्च किए जा रहे है। अगर यह खर्च ठेकेदार को न देकर नपा के खुद के वाहनों पर खर्च किया जाए तो नगर पालिका के सभी वाहन ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा नए वाहन भी खरीदे जा सकते है। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर डे़ढ वर्ष पहले खत्म हो गया था। इसके बाद नगर पालिका ने मार्च माह में वर्क ऑर्डर जारी कर सफाई व्यवस्था शुरू की गई।
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शहर के प्रत्येक वार्ड में सफाई के लिए ट्रैक्टर व टैंपो पहुंच रहे हैं, लेकिन निगरानी नहीं होने के कारण कर्मचारी भी खानापूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में सफाई का स्वयं निरीक्षण करेंगे तथा निगरानी रखेंगे तो व्यवस्था सुधर सकती है। कर्मचारियों को जहां सफाई की आवश्यकता है वहां लगाया जाए। इसके लिए पार्षदों से भी सहयोग की अपील की जाती है।