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पार्षद गए भ्रमण पर, कई के मोबाइल बंद
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:21 AM IST
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नगर परिषद चुनाव
- फोटो : फाइल फोटो
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22 जून को होने वाले नगर परिषद के प्रधान और उपप्रधान पद के चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी पूरे सवाब पर है। अचानक आई चुनावी तिथि के कारण कुर्सी की लालसा लिए दावेदार और पार्षद भ्रमण पर निकल गए हैं। वहीं कुछ पार्षदों के मोबाइल भी स्विच आफ आने लगे हैं। ऐसे में यह पता लगाना बड़ा मुश्किल हो गया है कि पार्षद कहां गए हैं। इस बीच सोमवार दोपहर को शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा अचानक रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने नारनौल और नांगल चौधरी के विधायकों से मुलाकात की।
इस बार नगर परिषद चेयरमैन ओबीसी वर्ग से बनेगा। गत 22 मई को नगर परिषद के 25 वार्डों के चुनाव में इस बार 09 सैनी, चार अनुसूचित जाति, चार यादव, 3-3 ब्राह्मण व वैश्य, एक जांगिड व एक सुनार शामिल हैं। ऐसे में मुख्य रूप से सैनी व अहीर के बीच से ही कोई प्रधान पद के लिए चुना जाना है, क्योंकि अन्य जांगिड़ व सुनार एक-एक ही पार्षद हैं। इसलिए इनको अन्यों का समर्थन लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। अब इन अहीर व सैनी उम्मीदवार में से एक अहीर और दो सैनी उम्मीदवारों का नाम शहर में प्रधान पद के लिए लिया जा रहा है।
डेट की घोषणा होते ही रातोंरात हुए सौदे
रविवार को जैसे ही प्रधान और उपप्रधान के लिए चुनावी तिथि की घोषणा हुई, वैसे ही प्रधान व उपप्रधान पद की चाह रखने वाले पार्षद और पार्षदों के दलाल सक्रिय हो गए हैं। जिसके बाद सुबह से ही इन पार्षदों को घूमाने या ले जाने का दौर शुरू हो गया। प्रधान पद के दावेदार एक-एक पार्षदों को अपने साथ जोड़ने और तथा उन्हें ले जाने लग गए। जिसके कारण पार्षदों के फोन भी स्विच आफ हो गए है।
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भाजपा बना सकती है किसी को सारथी
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर यह भी आ रही है कि भाजपा के पास बीसी के पार्षद कम होने से वह किसी को अपना सारथी बना सकती है। ऐसे में कोई न कोई एक पार्षद अपनी पूर्व की पार्टी छोड़कर भाजपा में जा सकता है। इसकी तैयारियां भी जोर शोर से हो रही हैं। इसके लिए पार्टी व पार्षद दोनों ही तैयार हैं।
शिक्षामंत्री ने ली बैठक
वहीं पार्षदों की उठापटक की दौड़ में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा सोमवार दोपहर को अचानक रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां पर उन्होंने नारनौल के विधायक ओमप्रकाश, नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह को भी बुलाया। वहीं भाजपा पार्टी के कुछ अन्य स्थानीय नेता भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार मंत्री जी ने करीब 20 मिनट इस बारे में गुप्त चर्चा की।
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इस बार नगर परिषद चेयरमैन ओबीसी वर्ग से बनेगा। गत 22 मई को नगर परिषद के 25 वार्डों के चुनाव में इस बार 09 सैनी, चार अनुसूचित जाति, चार यादव, 3-3 ब्राह्मण व वैश्य, एक जांगिड व एक सुनार शामिल हैं। ऐसे में मुख्य रूप से सैनी व अहीर के बीच से ही कोई प्रधान पद के लिए चुना जाना है, क्योंकि अन्य जांगिड़ व सुनार एक-एक ही पार्षद हैं। इसलिए इनको अन्यों का समर्थन लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। अब इन अहीर व सैनी उम्मीदवार में से एक अहीर और दो सैनी उम्मीदवारों का नाम शहर में प्रधान पद के लिए लिया जा रहा है।
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डेट की घोषणा होते ही रातोंरात हुए सौदे
रविवार को जैसे ही प्रधान और उपप्रधान के लिए चुनावी तिथि की घोषणा हुई, वैसे ही प्रधान व उपप्रधान पद की चाह रखने वाले पार्षद और पार्षदों के दलाल सक्रिय हो गए हैं। जिसके बाद सुबह से ही इन पार्षदों को घूमाने या ले जाने का दौर शुरू हो गया। प्रधान पद के दावेदार एक-एक पार्षदों को अपने साथ जोड़ने और तथा उन्हें ले जाने लग गए। जिसके कारण पार्षदों के फोन भी स्विच आफ हो गए है।
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भाजपा बना सकती है किसी को सारथी
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर यह भी आ रही है कि भाजपा के पास बीसी के पार्षद कम होने से वह किसी को अपना सारथी बना सकती है। ऐसे में कोई न कोई एक पार्षद अपनी पूर्व की पार्टी छोड़कर भाजपा में जा सकता है। इसकी तैयारियां भी जोर शोर से हो रही हैं। इसके लिए पार्टी व पार्षद दोनों ही तैयार हैं।
शिक्षामंत्री ने ली बैठक
वहीं पार्षदों की उठापटक की दौड़ में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा सोमवार दोपहर को अचानक रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां पर उन्होंने नारनौल के विधायक ओमप्रकाश, नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह को भी बुलाया। वहीं भाजपा पार्टी के कुछ अन्य स्थानीय नेता भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार मंत्री जी ने करीब 20 मिनट इस बारे में गुप्त चर्चा की।