{"_id":"5dc4641e8ebc3e5b3d4973d5","slug":"meeting-order-clean-city-narnol-news-rtk5265318155","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छता मामले में नहीं सहन की जाएगी कोताही : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छता मामले में नहीं सहन की जाएगी कोताही : डीसी
विज्ञापन
लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते डीसी जगदीश शर्मा।
- फोटो : Narnol
डीसी जगदीश शर्मा ने जिले के अंतर्गत आने वाली सभी नगर परिषद व पालिका सचिवों को स्वच्छता पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। डीसी वीरवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में ठोस कचरा प्रबंधन के संबंध में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के मामले में किसी भी तरह की कोताही को सहन नहीं की जाएगी। वे खुद स्वच्छता के कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
डीसी ने एक-एक करके सभी नगर परिषद व पालिका सचिवों से घर-घर से कूड़ा उठाने के बारे में रिपोर्ट ली। डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। ऐसे में कहीं पर भी कूड़ा इकठ्ठा करके आग नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का यह दायित्व बनता है कि कार्यालय अथवा घरों के आसपास कोई भी व्यक्ति कूड़े में आग लगाकर प्रदूषण फैलाने का काम करता है तो उसे समझाया जाए। अगर एक बार समझाने के बाद भी कोई नहीं मानता है तो जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। डीसी ने सभी सचिवों को शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सभी पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की गाइडलाइन के अनुसार सभी 18 बिंदुओं का प्रोफॉर्मा भरकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जगदीश शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक प्रयोग को लेकर सरकार एकदम गंभीर है। इसलिए सभी परिषद व पालिका सचिव अपने-अपने क्षेत्रों में पॉलीथिन रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान करें। कॉलेज व स्कूलों में डंपिंग प्वाइंट बनाए जाएं ताकि कूड़े का सही ढंग से निष्पादन किया जा सके। केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ठोस कचरा प्रबंधन में संबंधित नगर पालिकाओं की तकनीकी सहायता करने के लिए निर्देश जारी किए। इसके बाद आईटीआई अप्रेंटिस के संबंध में ली बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित अनुपात के मुताबिक आईटीआई अप्रेंटिस लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसी ने एक-एक करके सभी नगर परिषद व पालिका सचिवों से घर-घर से कूड़ा उठाने के बारे में रिपोर्ट ली। डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। ऐसे में कहीं पर भी कूड़ा इकठ्ठा करके आग नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का यह दायित्व बनता है कि कार्यालय अथवा घरों के आसपास कोई भी व्यक्ति कूड़े में आग लगाकर प्रदूषण फैलाने का काम करता है तो उसे समझाया जाए। अगर एक बार समझाने के बाद भी कोई नहीं मानता है तो जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। डीसी ने सभी सचिवों को शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने सभी पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की गाइडलाइन के अनुसार सभी 18 बिंदुओं का प्रोफॉर्मा भरकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जगदीश शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक प्रयोग को लेकर सरकार एकदम गंभीर है। इसलिए सभी परिषद व पालिका सचिव अपने-अपने क्षेत्रों में पॉलीथिन रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान करें। कॉलेज व स्कूलों में डंपिंग प्वाइंट बनाए जाएं ताकि कूड़े का सही ढंग से निष्पादन किया जा सके। केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ठोस कचरा प्रबंधन में संबंधित नगर पालिकाओं की तकनीकी सहायता करने के लिए निर्देश जारी किए। इसके बाद आईटीआई अप्रेंटिस के संबंध में ली बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित अनुपात के मुताबिक आईटीआई अप्रेंटिस लगाएं।
विज्ञापन