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एमडीयू ने दिया सेमेस्टर 3 का आउट ऑफ सेलेबस पेपर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:44 PM IST
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय हमेशा ही गलतियां करता रहा है। विश्वविद्यालय की सोमवार को एक और गलती सामने आई है। विश्वविद्यालय ने सोमवार को बीए, बीकॉम, एवं बीएससी रिअपीयर तीसरे सेेमेस्टर का अंग्रेजी का पेपर आउट ऑफ सेलेबस भेज दिया। एमडीयू की इस गलती का विद्यार्थियों ने रोष जताया। इस मौके पर उन्होंने विवि के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर को रद्द कर सेलेबस के अनुसार परीक्षा करवाने की मांग की है।
गौरतबल है कि बीए तीसरे सेमेस्टर अंग्रेजी का रिअपीयर का पेपर सोमवार सुबह 9.30 से 12.50 बजे तक चला। अंग्रेजी का प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों में वितरित किये जाने के बाद परीक्षार्थियों ने जब उसे पढ़ा तो वो हैरान रह गए। पूरा पेपर उनके सैलेबस से बाहर था, उनको कुछ समझ नहीं आया कि वो क्या करें। जबकि उन्होंने इसकी सूचना परीक्षा केंद्र के सुप्रीडेंडेंट को दी तो उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जो पेपर आए हैं वो ही पेपर आपको वितरित किए गए हैं। उनका यह जबाव सुनकर परीक्षार्थी और भी अधिक परेशान हो गए। परीक्षार्थी अपने कमरे में चुपचाप बैठे रहे। परीक्षा में कुछ लिख ही नहीं पाए। जबकि कुछ विद्यार्थी थोड़े समय बाद ही परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आ गए थे।
30 नवंबर वाला पेपर था सही
विद्यार्थियों ने बताया कि 30 नवंबर को उनका रिअपीयर अंग्रेजी का ही पेपर था। उस दिन उनको कोड न. 92101 एन पेपर दिया था जो उनके सेेलेबस के अनुसार सही था। लेकिन पेपर उस समय किसी कारण वश रद्द कर दिया गया था। उसके बाद विश्वविद्यालय पेपर की 26 दिसबंर तारीख निर्धारित की गई थी। सोमवार को आउट ऑफ सेलेबस पेपर आ गया जिससे अनेकों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। अगर पेपर को रद्द नहीं किया तो वो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेवारी विवि प्रशासन की होगी।
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बाक्स:
100 विद्यार्थी हुए प्रभावित
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में परीक्षाओं के लिए 2 सेंटर 505 और 506 बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्र 505 में 47 एवं 506 में 53 परीक्षार्थी अंग्रेजी की परीक्षा देने वाले थे। दोनों ही परीक्षा केंद्रों पर पुराने सेलेबस के अनुसार विद्यार्थियों को पेपर दिए गए थे।
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आज अंग्रेेजी 3 सेमेस्टर रिअपीयर की परीक्षा थी। परीक्षा में पूरा सेलेबस बाहर से था। पेपर में कुछ समझ ही नहीं आया। पहले वाला पेपर सही था उसे विवि ने रद्द कर दिया। अगर पेपर दोबार नहीं करवाया गया तो छात्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। -सुखन
कई दिनों से पेपर की तैयारी कर रहा था। आज पेपर देने आया तो पेपर सेलेबस से बाहर मिला। विश्वविद्यालय बार-बार गलती कर हमें परेशान कर रही है। विश्वविद्यालय पेपर रद्द कर दोबार से नये सेलेबस के अनुसार पेपर करवाए। -सतीश
कोड 920101 एन नये सेलेबस का कोड है जबकि 92101 पुराने सेलेबस का कोड था। आज हमें 92101 कोड का पेपर मिला था जो पुराने सेलेबस के अनुसार का था। विश्वविद्याल पेपर को रद्द कर दोबारा से करवाए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।- राहुल
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विश्वविद्यालय की गलतियां बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। 30 नवंबर को पेपर करवाया उसे रद्द कर दिया। आज पेपर आउट ऑफ सेलेबस दे दिया। दो बार पेपर हो जाने के बाद भी पेपर नहीं हो पाया है। पेपर को दोबारा से नये सेलेबस अनुसार करवाया जाना चाहिए -सतीश
बाक्स:
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अमर उजाला के माध्यम से ही उन्हें इस बात की जानकारी हुई है। परीक्षा केंद्र के सुुप्रीडेंडेंट द्वारा अगर रिकवेस्ट भेजी गई तो पेपर दोबार से करवा दिया जाएगा। -जितेंद्र भारद्वाज-रजिस्ट्रार एमडीयू
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गौरतबल है कि बीए तीसरे सेमेस्टर अंग्रेजी का रिअपीयर का पेपर सोमवार सुबह 9.30 से 12.50 बजे तक चला। अंग्रेजी का प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों में वितरित किये जाने के बाद परीक्षार्थियों ने जब उसे पढ़ा तो वो हैरान रह गए। पूरा पेपर उनके सैलेबस से बाहर था, उनको कुछ समझ नहीं आया कि वो क्या करें। जबकि उन्होंने इसकी सूचना परीक्षा केंद्र के सुप्रीडेंडेंट को दी तो उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जो पेपर आए हैं वो ही पेपर आपको वितरित किए गए हैं। उनका यह जबाव सुनकर परीक्षार्थी और भी अधिक परेशान हो गए। परीक्षार्थी अपने कमरे में चुपचाप बैठे रहे। परीक्षा में कुछ लिख ही नहीं पाए। जबकि कुछ विद्यार्थी थोड़े समय बाद ही परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आ गए थे।
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30 नवंबर वाला पेपर था सही
विद्यार्थियों ने बताया कि 30 नवंबर को उनका रिअपीयर अंग्रेजी का ही पेपर था। उस दिन उनको कोड न. 92101 एन पेपर दिया था जो उनके सेेलेबस के अनुसार सही था। लेकिन पेपर उस समय किसी कारण वश रद्द कर दिया गया था। उसके बाद विश्वविद्यालय पेपर की 26 दिसबंर तारीख निर्धारित की गई थी। सोमवार को आउट ऑफ सेलेबस पेपर आ गया जिससे अनेकों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। अगर पेपर को रद्द नहीं किया तो वो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेवारी विवि प्रशासन की होगी।
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100 विद्यार्थी हुए प्रभावित
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में परीक्षाओं के लिए 2 सेंटर 505 और 506 बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्र 505 में 47 एवं 506 में 53 परीक्षार्थी अंग्रेजी की परीक्षा देने वाले थे। दोनों ही परीक्षा केंद्रों पर पुराने सेलेबस के अनुसार विद्यार्थियों को पेपर दिए गए थे।
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आज अंग्रेेजी 3 सेमेस्टर रिअपीयर की परीक्षा थी। परीक्षा में पूरा सेलेबस बाहर से था। पेपर में कुछ समझ ही नहीं आया। पहले वाला पेपर सही था उसे विवि ने रद्द कर दिया। अगर पेपर दोबार नहीं करवाया गया तो छात्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। -सुखन
कई दिनों से पेपर की तैयारी कर रहा था। आज पेपर देने आया तो पेपर सेलेबस से बाहर मिला। विश्वविद्यालय बार-बार गलती कर हमें परेशान कर रही है। विश्वविद्यालय पेपर रद्द कर दोबार से नये सेलेबस के अनुसार पेपर करवाए। -सतीश
कोड 920101 एन नये सेलेबस का कोड है जबकि 92101 पुराने सेलेबस का कोड था। आज हमें 92101 कोड का पेपर मिला था जो पुराने सेलेबस के अनुसार का था। विश्वविद्याल पेपर को रद्द कर दोबारा से करवाए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।- राहुल
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विश्वविद्यालय की गलतियां बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। 30 नवंबर को पेपर करवाया उसे रद्द कर दिया। आज पेपर आउट ऑफ सेलेबस दे दिया। दो बार पेपर हो जाने के बाद भी पेपर नहीं हो पाया है। पेपर को दोबारा से नये सेलेबस अनुसार करवाया जाना चाहिए -सतीश
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यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अमर उजाला के माध्यम से ही उन्हें इस बात की जानकारी हुई है। परीक्षा केंद्र के सुुप्रीडेंडेंट द्वारा अगर रिकवेस्ट भेजी गई तो पेपर दोबार से करवा दिया जाएगा। -जितेंद्र भारद्वाज-रजिस्ट्रार एमडीयू