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Mahendragarh-Narnaul News: अधिकतम एक्यूआई<bha>@</bha> 157, प्रदूषण बढ़ा तो लगेगा ग्रैप तीन
Fri, 01 Nov 2024 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 01 Nov 2024 11:33 PM IST
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नारनौल।
दिवाली पर पटाखों के धुएं से प्रदूषण स्तर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। अब आने वाले समय में प्रदूषण स्तर ओर भी बढ़ सकता है। ऐसे में अभी से सावधान होने की जरूरत है। अभी जिले में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) दो नियम ही लागू है, अगर ऐसे ही प्रदूषण स्तर बढ़ता रहा तो हालात खराब हो जाएंगे। इसके बाद ग्रैप तीन लागू किया जाएगा। इसमें अनेक पाबंदी भी लगा दी जाएगी।
दशहरा के पास भी नारनौल का एक्यूआई स्तर 200 के पास पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद हवा की गति में बदलाव हो गया और एक्यूआई स्तर 100 के पास आ गया था। लेकिन अब दिवाली के बाद एक्यूआई बढ़ेगा, इससे बीमार लोगों को परेशानी शुरू हो जाएगी। शुक्रवार दोपहर नारनौल का अधिकतम एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 157 दर्ज किया गया।
अब एक्यूआई के बारे में चल सकेगा पता
ल्धु सचिवालय में लगाए गए प्रदूषण मापक यंत्र को शुक्रवार को ठीक गया है। यह मापक यंत्र करीब सप्ताह भर पहले खराब हो गया था। इसके कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से आधिकारिक तौर पर एक्यूआई स्तर नहीं बताया जा रहा था। अब मापक यंत्र ठीक होने से एक्यूआई के बारे में पता चल सकेगा।
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शून्य से 50 के बीच रहता है स्वास्थ्य के लिए अच्छा:
एक्यूआई 0 से 50 के अच्छा रहता है। 51 से 100 संतोषजनक रहता है। इस समय मामूली सी सांस लेने में परेशानी हो सकती है। एक्यूआई 100 से 200 के बीच पहुंचने पर फेफड़े, अस्थमा व हृदय रोग वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 201 से 300 खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो जाती है। 301 से 400 के बीच बहुत खराब श्रेणी में आता है। इससे श्वसन संबंधी बीमारी होने का खतरा हो जाता है। 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है। यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित करता है। वहीं बीमार लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
अभी जिले में ग्रैप दो ही लागू है। प्रदूषण मापक यंत्र कुछ दिन से खराब था, जिसे शुक्रवार को ठीक कर दिया गया है, अगर प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होगी तो ग्रैप तीन लागू किया जाएगा।
कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नारनौल।
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दिवाली पर पटाखों के धुएं से प्रदूषण स्तर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। अब आने वाले समय में प्रदूषण स्तर ओर भी बढ़ सकता है। ऐसे में अभी से सावधान होने की जरूरत है। अभी जिले में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) दो नियम ही लागू है, अगर ऐसे ही प्रदूषण स्तर बढ़ता रहा तो हालात खराब हो जाएंगे। इसके बाद ग्रैप तीन लागू किया जाएगा। इसमें अनेक पाबंदी भी लगा दी जाएगी।
दशहरा के पास भी नारनौल का एक्यूआई स्तर 200 के पास पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद हवा की गति में बदलाव हो गया और एक्यूआई स्तर 100 के पास आ गया था। लेकिन अब दिवाली के बाद एक्यूआई बढ़ेगा, इससे बीमार लोगों को परेशानी शुरू हो जाएगी। शुक्रवार दोपहर नारनौल का अधिकतम एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 157 दर्ज किया गया।
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अब एक्यूआई के बारे में चल सकेगा पता
ल्धु सचिवालय में लगाए गए प्रदूषण मापक यंत्र को शुक्रवार को ठीक गया है। यह मापक यंत्र करीब सप्ताह भर पहले खराब हो गया था। इसके कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से आधिकारिक तौर पर एक्यूआई स्तर नहीं बताया जा रहा था। अब मापक यंत्र ठीक होने से एक्यूआई के बारे में पता चल सकेगा।
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शून्य से 50 के बीच रहता है स्वास्थ्य के लिए अच्छा:
एक्यूआई 0 से 50 के अच्छा रहता है। 51 से 100 संतोषजनक रहता है। इस समय मामूली सी सांस लेने में परेशानी हो सकती है। एक्यूआई 100 से 200 के बीच पहुंचने पर फेफड़े, अस्थमा व हृदय रोग वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 201 से 300 खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो जाती है। 301 से 400 के बीच बहुत खराब श्रेणी में आता है। इससे श्वसन संबंधी बीमारी होने का खतरा हो जाता है। 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है। यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित करता है। वहीं बीमार लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
अभी जिले में ग्रैप दो ही लागू है। प्रदूषण मापक यंत्र कुछ दिन से खराब था, जिसे शुक्रवार को ठीक कर दिया गया है, अगर प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होगी तो ग्रैप तीन लागू किया जाएगा।
कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नारनौल।