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कोरम पूरा होने के बाद ही पास होगा भवन का नक्शा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:54 PM IST
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अब 100 किलोवाट और उससे अधिक लोड वाली संस्थानों का कनेक्टिड लोड है अथवा 120 केवीए या इससे अधिक अनुबंध मांग वाले सभी भवन का नक्शा ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के नार्म पूरा करने पर ही पास किया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 को राज्य सरकार में प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए अक्षय ऊर्जा विभाग /हरेडा को राज्य स्तर पर प्राधिकृत किया गया है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 की धारा 18 के तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए ऊर्जा संरक्षण भवन कोड को लागू करने के लिए हरियाणा सरकार, अक्षय ऊर्जा विभाग ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत ऊर्जा संरक्षण भवन कोड उन सभी व्यावसायिक समूहों, शापिंग माल्स, व्यवसायिक भवनों, होटल, मोटल, रेस्तरां, ट्रांजिट कम बोर्डिंग हाउस, समारोह स्थान, जंज धर, सैरगाह, सिनेमाघर, सभागार, क्लब, गोष्ठी केंद्र, संगीतहाल, कार्यालय भवन, बैंक, जन सहायता संस्थाएं, अस्पताल, संस्थागत देखभाल केंद्र, संस्थागत भवन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, साइबर पार्क तथा व्यवसायिक प्रोसेस आउटसोर्सिंग भवन में लागू किया जाना अनिवार्य कर दिया है। जिनका कनेक्टिड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक है।
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ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के तहत बिल्डिंग प्लान, मेकेनिकल सिस्टम, बिल्डिंग को गर्म व ठंडा करने के सिस्टम, अंदर व बाहर लाइटिंग व्यवस्था, गर्म पानी की उपलब्धता, बिजली पावर एवं बिजली की मोटरें आदि शामिल है। ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के तहत निर्मित भवनों में ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। जिससे कम से कम ऊर्जा की खपत हो। प्राकृतिक रोशनी व हवा का कैसे ज्यादा से ज्यादा प्रयोग किया जा सकता है। यह अधिनियम लागू हो गया है। अब 120 दिन बाद संबंधित विभाग 100 किलोवाट व उससे अधिक जिन संस्थानों का कनेक्टिड लोड है अथवा 120 केवीए या इससे अधिक अनुबंध मांग वाले उपरोक्त सभी भवन का नक्शा, ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के नार्म पूरा करने पर ही पास करेंगे। उपरोक्त भवन मालिक या भवन निर्माण करने वाला उपरोक्त भवन बनाने में ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता के नियमों की अवहेलना करता है तो उस पर संबंधित विभाग नियमानुसार कार्यवाही करेगा जिसमें भवन का लाइसेंस अनापत्ति प्रमाण पत्र/अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं की जाएगी।
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अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 को राज्य सरकार में प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए अक्षय ऊर्जा विभाग /हरेडा को राज्य स्तर पर प्राधिकृत किया गया है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 की धारा 18 के तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए ऊर्जा संरक्षण भवन कोड को लागू करने के लिए हरियाणा सरकार, अक्षय ऊर्जा विभाग ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत ऊर्जा संरक्षण भवन कोड उन सभी व्यावसायिक समूहों, शापिंग माल्स, व्यवसायिक भवनों, होटल, मोटल, रेस्तरां, ट्रांजिट कम बोर्डिंग हाउस, समारोह स्थान, जंज धर, सैरगाह, सिनेमाघर, सभागार, क्लब, गोष्ठी केंद्र, संगीतहाल, कार्यालय भवन, बैंक, जन सहायता संस्थाएं, अस्पताल, संस्थागत देखभाल केंद्र, संस्थागत भवन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, साइबर पार्क तथा व्यवसायिक प्रोसेस आउटसोर्सिंग भवन में लागू किया जाना अनिवार्य कर दिया है। जिनका कनेक्टिड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक है।
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ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के तहत बिल्डिंग प्लान, मेकेनिकल सिस्टम, बिल्डिंग को गर्म व ठंडा करने के सिस्टम, अंदर व बाहर लाइटिंग व्यवस्था, गर्म पानी की उपलब्धता, बिजली पावर एवं बिजली की मोटरें आदि शामिल है। ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के तहत निर्मित भवनों में ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। जिससे कम से कम ऊर्जा की खपत हो। प्राकृतिक रोशनी व हवा का कैसे ज्यादा से ज्यादा प्रयोग किया जा सकता है। यह अधिनियम लागू हो गया है। अब 120 दिन बाद संबंधित विभाग 100 किलोवाट व उससे अधिक जिन संस्थानों का कनेक्टिड लोड है अथवा 120 केवीए या इससे अधिक अनुबंध मांग वाले उपरोक्त सभी भवन का नक्शा, ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के नार्म पूरा करने पर ही पास करेंगे। उपरोक्त भवन मालिक या भवन निर्माण करने वाला उपरोक्त भवन बनाने में ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता के नियमों की अवहेलना करता है तो उस पर संबंधित विभाग नियमानुसार कार्यवाही करेगा जिसमें भवन का लाइसेंस अनापत्ति प्रमाण पत्र/अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं की जाएगी।