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Mahendragarh-Narnaul News: खोए मोबाइल की सिम बनी ठगी का हथियार, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार
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नारनौल। साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के इसरा का बास निवासी देसराज को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से निकाली गई राशि का बड़ा हिस्सा आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ था।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार नारनौल निवासी मनोज कुमार ने शिकायत दी थी कि 3 मई को जल महल के पास आयोजित एक समारोह के दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं खो गया था। मोबाइल गुम होने के बाद उन्होंने तुरंत अपनी सिम बंद करवा दी थी लेकिन साइबर ठगों ने उनके मोबाइल नंबर को दूसरी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट करवा लिया।
ठगों ने पोर्ट किए गए नंबर का इस्तेमाल करते हुए 4 मई को मनोज कुमार के यूनियन बैंक और एसबीआई बैंक खातों से कुल 99,999 रुपये निकाल लिए। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 65 हजार रुपये सीधे देसराज के बैंक खाते में भेजे गए थे।
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साक्ष्यों के आधार पर साइबर क्राइम थाना नारनौल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और ठगी की पूरी रकम के लेन-देन की जांच कर रही है।
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पुलिस प्रवक्ता के अनुसार नारनौल निवासी मनोज कुमार ने शिकायत दी थी कि 3 मई को जल महल के पास आयोजित एक समारोह के दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं खो गया था। मोबाइल गुम होने के बाद उन्होंने तुरंत अपनी सिम बंद करवा दी थी लेकिन साइबर ठगों ने उनके मोबाइल नंबर को दूसरी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट करवा लिया।
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ठगों ने पोर्ट किए गए नंबर का इस्तेमाल करते हुए 4 मई को मनोज कुमार के यूनियन बैंक और एसबीआई बैंक खातों से कुल 99,999 रुपये निकाल लिए। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 65 हजार रुपये सीधे देसराज के बैंक खाते में भेजे गए थे।
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साक्ष्यों के आधार पर साइबर क्राइम थाना नारनौल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और ठगी की पूरी रकम के लेन-देन की जांच कर रही है।