फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Leopard attacked two cattle in Narnaul

Narnaul: तेंदुए का कहर, गोलवा में कटडे़ व डाबला में मवेशी पर किया हमला, ग्रामीणों में डर का माहौल

Wed, 23 Jul 2025 03:15 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल Published by: शाहिल शर्मा Updated Wed, 23 Jul 2025 03:15 PM IST
सार

बीती रात को गोलवा गांव में तेंदुए ने एक कटड़े को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीणों की हलचल देख वह भाग निकला।

विज्ञापन
Leopard attacked two cattle in Narnaul
तेंदुआ। - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बीते 10 दिनों से सक्रिय तेंदुए ने बीती रात को एक बार फिर से क्षेत्र के गांव गोलवा में एक कटड़े व साथ लगते राजस्थान के डाबला गांव में एक मवेशी पर हमला कर दहशत फैला दी जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है। अब ग्रामीण को घरों से बाहर निकलने से डर लगने लगा है। 
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक बीती रात को गोलवा गांव में तेंदुए ने एक कटड़े को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीणों की हलचल देख वह भाग निकला। इससे एक दिन पहले साथ लगते राजस्थान के डाबला गांव में खेतों में गए एक मवेशी पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद दोनों गांवों में डर का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद वन्य जीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गांव वालों की मांग है कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि क्षेत्र में लोगों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
विज्ञापन


गौरतलब है कि बीते दस दिन पहले कुछ ग्रामीणों ने गांव गोलवा और गांगुताना सड़क के पास झाड़ियों में तेंदुए की हलचल देखी थी। तेंदुआ कुछ ही दूरी पर बैठा था और राहगीरों की आहट पर झाड़ियों में गायब हो गया। तेंदुआ दिखाई देने पर उन्होंने उसकी वीडियो भी बना ली। जिसके बाद उन्होंने गांव व अन्य सोशल मीडिया के ग्रुपों पर इस वीडियो को डालकर लोगों को तेंदुआ के बारे में सचेत किया, साथ ही इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी थी। जिसके बाद मौके पर वन विभाग की टीम पंहुची थी। लेकिन बारिश के कारण कोई खास जानकारी नहीं जुटा पाई। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले भी गांव के आसपास तेंदूआ देखा गया था। उस दौरान गांव के ही सुबेसिंह जागेदार की करीब 20 बकरियों व दो भैंसों को अपना निवाला बनाया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed