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Mahendragarh-Narnaul News: सपनों की उड़ान भरती कशिश, एनडीए की वर्दी तक पहुंचा हौसले का सफर
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फोटो 01 कशिश यादव
नारनौल। गांव रामबास की बेटी कशिश यादव ने अपने सपनों को पंख लगाकर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी ऊंचाई दूर नहीं होती। छोटी उम्र में देखे गए सपने, कड़ी मेहनत और परिवार के संबल ने कशिश को नेशनल डिफेंस एकेडमी तक पहुंचा दिया।
19 अक्तूबर 2008 को जन्मी कशिश ने पांचवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि वह भारतीय नौसेना का हिस्सा बनेंगी। नेवी में रह चुके पिता ने बेटी के सपनों को समझा और हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। हालांकि सपनों की यह उड़ान आसान नहीं थी।
कशिश की सफलता के पीछे रोजाना 6-7 घंटे की पढ़ाई और फिजिकल ट्रेनिंग का बड़ा योगदान रहा जिसमें उनकी मां राजबाला देवी की भूमिका अहम रही। आज कशिश उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सपने तो देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने की हिम्मत जुटा रहे हैं।
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दूसरे प्रयास में लहराया परचम
फरवरी 2024 में पहली बार एनडीए की परीक्षा देने पर कशिश लिखित परीक्षा में तो सफल रहीं लेकिन मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आ सका। यह पल निराशा भरा था लेकिन कशिश ने हार मानने के बजाय अपने सपनों को और मजबूत पकड़ लिया। पहले से ज्यादा मेहनत के साथ कशिश ने दूसरी बार परीक्षा की तैयारी की। अप्रैल 2025 में दिए गए दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई। अगस्त में घोषित परिणाम में कशिश ने ऑल इंडिया 190वीं रैंक हासिल की।
महाराष्ट्र में ले रही है ट्रेनिंग
12 जनवरी से कशिश महाराष्ट्र के खड़गवासला स्थित एनडीए में चार साल की ट्रेनिंग ले रही हैं। इस दौरान उन्हें बीटेक की पढ़ाई के साथ तीनों सेनाओं की संयुक्त ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कशिश भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा करेंगी।
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19 अक्तूबर 2008 को जन्मी कशिश ने पांचवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि वह भारतीय नौसेना का हिस्सा बनेंगी। नेवी में रह चुके पिता ने बेटी के सपनों को समझा और हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। हालांकि सपनों की यह उड़ान आसान नहीं थी।
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कशिश की सफलता के पीछे रोजाना 6-7 घंटे की पढ़ाई और फिजिकल ट्रेनिंग का बड़ा योगदान रहा जिसमें उनकी मां राजबाला देवी की भूमिका अहम रही। आज कशिश उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सपने तो देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने की हिम्मत जुटा रहे हैं।
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दूसरे प्रयास में लहराया परचम
फरवरी 2024 में पहली बार एनडीए की परीक्षा देने पर कशिश लिखित परीक्षा में तो सफल रहीं लेकिन मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आ सका। यह पल निराशा भरा था लेकिन कशिश ने हार मानने के बजाय अपने सपनों को और मजबूत पकड़ लिया। पहले से ज्यादा मेहनत के साथ कशिश ने दूसरी बार परीक्षा की तैयारी की। अप्रैल 2025 में दिए गए दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई। अगस्त में घोषित परिणाम में कशिश ने ऑल इंडिया 190वीं रैंक हासिल की।
महाराष्ट्र में ले रही है ट्रेनिंग
12 जनवरी से कशिश महाराष्ट्र के खड़गवासला स्थित एनडीए में चार साल की ट्रेनिंग ले रही हैं। इस दौरान उन्हें बीटेक की पढ़ाई के साथ तीनों सेनाओं की संयुक्त ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कशिश भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा करेंगी।