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Mahendragarh-Narnaul News: इकलौता बेटा था कंवरपाल, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Tue, 03 Jun 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 03 Jun 2025 01:17 AM IST
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फोटो संख्या:66- सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी को क्रेन के माध्यम से निकालते लोग--संवाद
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ के उन्हाणी गांव के पास हुए सड़क हादसे में गुरुग्राम जिले के गांव फखरपुर के कंवरपाल उर्फ मोनू (24) की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। एक मार्च को जिस दिन बहन की शादी हुई थी उसी दिन कंवरपाल का लगन आया था। हादसे में कवंरपाल के अलावा गुरुग्राम के सिकोपुर के रहने वाले गौरव और सचिन, और बीराखेड़ी, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अंकित की मौत हो गई।
कंवरपाल पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी की तैयारी के साथ-साथ प्रॉपर्टी डिलिंग का काम भी करता था। पिता को उम्मीद थी कि बेटा अब बड़ा हो चुका है तथा शादी के बाद वह भी परिवार की जिम्मेदारी उठाएगा, लेकिन सोमवार को हुए हादसे ने परिवार के सारे सपने एक झटके में तोड़ दिए। गांव फखरपुर निवासी विष्णु ने बताया कि हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है।
कंवरपाल के पिता उदयभान गांव में ही किराना की दुकान चलते हैं। साथ ही खेती-किसानी का काम करते हैं। छह माह पूर्व ही दादा समेसिंह का निधन हुआ था। कंवरपाल अपने पिता उदयभान का खेती-बाड़ी के काम में हाथ बंटाते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद ही दो माह पूर्व कंवरपाल की शादी हुई थी।
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गांव निंबेहड़ा में कुआं पूजन समारोह में शामिल होने आए थे चारो दोस्त
गांव निंबेहड़ा निवासी सौनू ने बताया कि मृतक गौरव उसका रिश्ते में मामा लगता था। वहीं कंवरपाल उर्फ मोन से भी रिश्तेदारी थी। अंकित व सचिन चारों आपस में दोस्त थे। सभी रविवार रात को कुआं पूजन समारोह में शामिल होने आए थे। समारोह से वापस जाते समय हादसे में चारों की मौत हो गई।
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कंवरपाल पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी की तैयारी के साथ-साथ प्रॉपर्टी डिलिंग का काम भी करता था। पिता को उम्मीद थी कि बेटा अब बड़ा हो चुका है तथा शादी के बाद वह भी परिवार की जिम्मेदारी उठाएगा, लेकिन सोमवार को हुए हादसे ने परिवार के सारे सपने एक झटके में तोड़ दिए। गांव फखरपुर निवासी विष्णु ने बताया कि हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है।
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कंवरपाल के पिता उदयभान गांव में ही किराना की दुकान चलते हैं। साथ ही खेती-किसानी का काम करते हैं। छह माह पूर्व ही दादा समेसिंह का निधन हुआ था। कंवरपाल अपने पिता उदयभान का खेती-बाड़ी के काम में हाथ बंटाते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद ही दो माह पूर्व कंवरपाल की शादी हुई थी।
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गांव निंबेहड़ा में कुआं पूजन समारोह में शामिल होने आए थे चारो दोस्त
गांव निंबेहड़ा निवासी सौनू ने बताया कि मृतक गौरव उसका रिश्ते में मामा लगता था। वहीं कंवरपाल उर्फ मोन से भी रिश्तेदारी थी। अंकित व सचिन चारों आपस में दोस्त थे। सभी रविवार रात को कुआं पूजन समारोह में शामिल होने आए थे। समारोह से वापस जाते समय हादसे में चारों की मौत हो गई।

फोटो संख्या:66- सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी को क्रेन के माध्यम से निकालते लोग--संवाद