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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी सजाई
Mon, 20 May 2024 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 20 May 2024 12:06 AM IST
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फोटो नंबर- 17 चांदूवाड़ा के धार्मिक रामलीला मैदान में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित लोग। स्त्रोत
नारनौल। शहर के मोहल्ला चांदुवाड़ा स्थित श्री रामलीला धार्मिक मैदान में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को श्रीकृष्ण भगवान का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। उत्सव के लिए भक्तों ने पंडाल को फूलों से और गुब्बारों से सजाया गया।
कथा व्यास पंडित नवीन कौशिक ने कथा के मार्मिक रहस्य को उजागर करते हुए भक्तों को अनेक प्रसंग सुनाएं। उन्होंने बताया कि पूजा और सेवा करके भगत भगवान को भी अपने वश में कर सकता है। भक्त प्रहलाद की कथा बताते हुए व्यास जी ने बताया कि भक्त के जीवन में बहुत सी बाधाएं आती है लेकिन उसे घबराना नही चाहिए और भगवान पर भरोसा रखना चाहिए।
कथा में आचार्य ने भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें भी भगवान राम की तरह मर्यादा में रहकर अपना जीवन यापन करना चाहिए और हमें भगवान राम के जीवन से सीख कर धर्म के मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। कथा में विशेष रूप से उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान का जन्म जेल में हुआ और किस प्रकार वासुदेव जी भगवान को टोकरी में रखकर नंद बाबा के घर लेकर के आए और बृजवासियों ने बड़े धूमधाम से भगवान कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। इस दौरान आचार्य राजेश बोहरा, राजेंद्र शास्त्री, पंडित गगन भारद्वाज, भूपेश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री व खुशाल शास्त्री आदि विद्वान ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान ललित सैनी और अमित गोयल से पूजन संपन्न करवाया। इसके अलावा सह यजमान जोगिंदर बंसल, मनीष बंसल, जय प्रकाश अग्रवाल, विजय यादव, अशोक यादव, ललित भारद्वाज एवं अमित सैनी भी पूजन में मौजूद रहे।
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कथा व्यास पंडित नवीन कौशिक ने कथा के मार्मिक रहस्य को उजागर करते हुए भक्तों को अनेक प्रसंग सुनाएं। उन्होंने बताया कि पूजा और सेवा करके भगत भगवान को भी अपने वश में कर सकता है। भक्त प्रहलाद की कथा बताते हुए व्यास जी ने बताया कि भक्त के जीवन में बहुत सी बाधाएं आती है लेकिन उसे घबराना नही चाहिए और भगवान पर भरोसा रखना चाहिए।
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कथा में आचार्य ने भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें भी भगवान राम की तरह मर्यादा में रहकर अपना जीवन यापन करना चाहिए और हमें भगवान राम के जीवन से सीख कर धर्म के मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। कथा में विशेष रूप से उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान का जन्म जेल में हुआ और किस प्रकार वासुदेव जी भगवान को टोकरी में रखकर नंद बाबा के घर लेकर के आए और बृजवासियों ने बड़े धूमधाम से भगवान कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। इस दौरान आचार्य राजेश बोहरा, राजेंद्र शास्त्री, पंडित गगन भारद्वाज, भूपेश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री व खुशाल शास्त्री आदि विद्वान ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान ललित सैनी और अमित गोयल से पूजन संपन्न करवाया। इसके अलावा सह यजमान जोगिंदर बंसल, मनीष बंसल, जय प्रकाश अग्रवाल, विजय यादव, अशोक यादव, ललित भारद्वाज एवं अमित सैनी भी पूजन में मौजूद रहे।
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