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Mahendragarh-Narnaul News: डाइट में पार्किंग को लेकर जेबीटी अध्यापकों का विरोध, लगाए भेदभाव के आरोप
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फोटो संख्या:69- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में नारेबाजी करते जेबीटी अध्यापक --संवाद
महेंद्रगढ़। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में बुधवार को एफएलएन ट्रेनिंग के अंतिम दिन पार्किंग व्यवस्था को लेकर जेबीटी अध्यापकों ने विरोध जताया। अध्यापकों ने परिसर में नारेबाजी कर प्रशासन पर भेदभाव करने के आरोप लगाए। वहीं, डाइट प्रशासन ने इन आरोपों को नकारते हुए पार्किंग की कमी को वजह बताया।
राजकीय प्राथमिक शिक्षा समिति के जिला प्रधान अनिल सिंह सिसोठिया ने कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए समान नियम होने चाहिए। पिछले छह दिनों से अध्यापकों की गाड़ियां संस्थान परिसर में खड़ी हो रही थीं, लेकिन अंतिम दिन उन्हें बाहर वाहन खड़े करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जेबीटी अध्यापकों को रोकने के लिए गेट पर कर्मचारी तैनात किए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो विरोध जारी रहेगा।
डाइट के प्राचार्य ईश्वर चंद शर्मा ने बताया कि संस्थान में एफएलएन ट्रेनिंग, केबीसी कार्यक्रम और निजी स्कूलों के करीब 150 प्रिंसिपलों का प्रशिक्षण एक साथ चल रहा था। इससे पार्किंग की समस्या पैदा हुई। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ बैच के अध्यापकों को वाहन बाहर खड़े करने के लिए कहा गया था। प्रिंसिपलों से भी बाहर पार्किंग करने का आग्रह किया गया था। किसी के साथ भेदभाव करने का उद्देश्य नहीं था।
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उन्होंने बताया कि एफएलएन ट्रेनिंग में प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षण संबंधी जानकारी दी जाती है, जबकि अन्य प्रशिक्षणों में किशोर शिक्षा और एचआईवी-एड्स जागरूकता जैसे विषय शामिल हैं।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षा समिति के जिला प्रधान अनिल सिंह सिसोठिया ने कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए समान नियम होने चाहिए। पिछले छह दिनों से अध्यापकों की गाड़ियां संस्थान परिसर में खड़ी हो रही थीं, लेकिन अंतिम दिन उन्हें बाहर वाहन खड़े करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जेबीटी अध्यापकों को रोकने के लिए गेट पर कर्मचारी तैनात किए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो विरोध जारी रहेगा।
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डाइट के प्राचार्य ईश्वर चंद शर्मा ने बताया कि संस्थान में एफएलएन ट्रेनिंग, केबीसी कार्यक्रम और निजी स्कूलों के करीब 150 प्रिंसिपलों का प्रशिक्षण एक साथ चल रहा था। इससे पार्किंग की समस्या पैदा हुई। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ बैच के अध्यापकों को वाहन बाहर खड़े करने के लिए कहा गया था। प्रिंसिपलों से भी बाहर पार्किंग करने का आग्रह किया गया था। किसी के साथ भेदभाव करने का उद्देश्य नहीं था।
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उन्होंने बताया कि एफएलएन ट्रेनिंग में प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षण संबंधी जानकारी दी जाती है, जबकि अन्य प्रशिक्षणों में किशोर शिक्षा और एचआईवी-एड्स जागरूकता जैसे विषय शामिल हैं।