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8 घंटे बत्ती गुल, आधा शहर परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:19 AM IST
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महेंद्रगढ़। शनिवार की रात्रि को दो तीन जगह फाल्ट हो जाने की वजह से आधा शहर में बिजली सप्लाई बंद रही। लोगों को आठ घंटे तक गर्मी की मार झेलनी पड़ी। लोगों के इंर्वटर भी बोल गए। सबसे अधिक परेशानी तो अस्पताल में मरीजों और तामीरदारों को उठानी पड़ी। मरीजों और उनके परिजनों को पूरी रात्रि बैठकर गुजारनी पड़ी जबकि महेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल हॉट लाइन से जुड़ा हुआ है उसके बाद भी यहां पर निरंतर कट लगते रहते हैं।
अनाज मंडी और ब्रहमदेव चौक पर तार टूट गए तथा दूसरा रेलवे रोड पर एवं वाल्मीकि बस्ती में स्थित ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया। बिजली निगम के कर्मचारियों को सबसे अधिक परेशान वाल्मीकि बस्ती के फाल्ट ने किया। कई देर तक कर्मचारी इधर से उधर लाइन को चैक करने में लगाते रहे। काफी मशक्त के बाद बिजली कर्मचारी को फाल्ट मिला। लगभग सुबह दस बजे बिजली सुचारु रूप से चालू की गई।
मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
रात्रि को सिविल अस्पताल की लाइट न रहने से मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि रविवार का छुट्टी का दिन होनेे के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ इतनी नहीं थी। इमरजेंसी का इंर्वटर भी सुबह दस बजे तक बोल गया था। अस्पताल के महिला वार्ड में मरीज एवं उनके परिजन हाथ के पंखे से हिला रहे थे। उन्होंने बताया कि पूरी रात्रि से लाइट नहीं है जिस कारण वे काफी परेशान हैं।
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नाम की है हॉट लाइन
सिविल अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ रखा है। लेकिन उसके बाद भी अग्रसर देखने को मिलता है कि यहां बिजली के लंबे-लंबे कट लगते हैं इससे मरीज परेशान होते हैं। यह अस्पताल की कोई नहीं बात नहीं है कि रात्रि को इतना लंब कट लगा है। इससे पहले भी बिजली के मामले में अस्पताल काफी सुर्खियों में रहा है। लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ हैं। अस्पताल के मरीजों का मानना है कि अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ा हुआ भी है या नहीं। अगर जोड़ा हुआ है तो इतने लंबे कट कैसे लगते हैं। अगर नहीं जोड़ा हुआ तो उसे जोड़ना चाहिए।
आधा शहर रहा परेशान
आपको बता दें कि शहर बिजली निगम ने सीटी-1 और सीटी-2 के नाम से दो भागों में बांटा गया है। सीटी-1 में रात्रि कट के कारण लोग रात्रि को सो नहीं पाए। आदर्श कॉलोनी, कर्मचारी कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी, अनाज मंडी, दीवान कॉलोनी, सिविल अस्पताल, रेलवे रोड, गऊशाला रोड, मसानी मोहल्ला, वाल्मीकि मोहल्ला, मोहल्ला खटीकान आदि स्थानों पर रात्रि को लाइट नहीं रही। शहर के लगभग 25 हजार लोगों को लाइट न होने से परेशानी उठानी पड़ी।
बाक्स:
नहीं है जरनेटर सुविधा
महेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल 50 बेड का अस्पताल है । हर रोज लगभग 400 के करीब ओपीडी आती हैं, इमरजेेंसी में भी लगभग 100 के करीब ओपीडी हो जाती हैं लेकिन अस्पताल में जरनेट की व्यवस्था नहीं है। लाइट जाने पर मरीजों को खासा परेशान होना पड़ता है। मरीजों के साथ आए परिजनों का कहना है कि अस्पताल में जरनेटर होना चाहिए ताकि लाइट जाने पर मरीजों को परेशान न होना पड़े।
इस संबंध में मुकेश ने बताया कि रात्रि से अस्पताल में लाइट नहीं है। पूरी रात्रि उन्हें बैठकर निकाली है। ऐसी गर्मी में लाइट तो होना आवश्यक है ।
इस संबंध में शिव शंकर ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे लाइट होनी चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो। रात्रि डेढ़ बजे से लाइट नहीं अभी दस बजे हुए हैं और लाइट अभी भी नहीं आई जबकि गर्मी बहुत तेज पड़ रही है।
इस संबंध में बिजली निगम के एसडीओ विजयपाल ने बताया कि रात्रि को दो तीन जगह फाल्ट होने की वजह से लाइट ट्रीप मार गई थी। सुबह फाल्ट को ढुंढकर लाइट को जल्द ही चालू करवा दिया गया था।
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अनाज मंडी और ब्रहमदेव चौक पर तार टूट गए तथा दूसरा रेलवे रोड पर एवं वाल्मीकि बस्ती में स्थित ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया। बिजली निगम के कर्मचारियों को सबसे अधिक परेशान वाल्मीकि बस्ती के फाल्ट ने किया। कई देर तक कर्मचारी इधर से उधर लाइन को चैक करने में लगाते रहे। काफी मशक्त के बाद बिजली कर्मचारी को फाल्ट मिला। लगभग सुबह दस बजे बिजली सुचारु रूप से चालू की गई।
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मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
रात्रि को सिविल अस्पताल की लाइट न रहने से मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि रविवार का छुट्टी का दिन होनेे के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ इतनी नहीं थी। इमरजेंसी का इंर्वटर भी सुबह दस बजे तक बोल गया था। अस्पताल के महिला वार्ड में मरीज एवं उनके परिजन हाथ के पंखे से हिला रहे थे। उन्होंने बताया कि पूरी रात्रि से लाइट नहीं है जिस कारण वे काफी परेशान हैं।
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नाम की है हॉट लाइन
सिविल अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ रखा है। लेकिन उसके बाद भी अग्रसर देखने को मिलता है कि यहां बिजली के लंबे-लंबे कट लगते हैं इससे मरीज परेशान होते हैं। यह अस्पताल की कोई नहीं बात नहीं है कि रात्रि को इतना लंब कट लगा है। इससे पहले भी बिजली के मामले में अस्पताल काफी सुर्खियों में रहा है। लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ हैं। अस्पताल के मरीजों का मानना है कि अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ा हुआ भी है या नहीं। अगर जोड़ा हुआ है तो इतने लंबे कट कैसे लगते हैं। अगर नहीं जोड़ा हुआ तो उसे जोड़ना चाहिए।
आधा शहर रहा परेशान
आपको बता दें कि शहर बिजली निगम ने सीटी-1 और सीटी-2 के नाम से दो भागों में बांटा गया है। सीटी-1 में रात्रि कट के कारण लोग रात्रि को सो नहीं पाए। आदर्श कॉलोनी, कर्मचारी कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी, अनाज मंडी, दीवान कॉलोनी, सिविल अस्पताल, रेलवे रोड, गऊशाला रोड, मसानी मोहल्ला, वाल्मीकि मोहल्ला, मोहल्ला खटीकान आदि स्थानों पर रात्रि को लाइट नहीं रही। शहर के लगभग 25 हजार लोगों को लाइट न होने से परेशानी उठानी पड़ी।
बाक्स:
नहीं है जरनेटर सुविधा
महेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल 50 बेड का अस्पताल है । हर रोज लगभग 400 के करीब ओपीडी आती हैं, इमरजेेंसी में भी लगभग 100 के करीब ओपीडी हो जाती हैं लेकिन अस्पताल में जरनेट की व्यवस्था नहीं है। लाइट जाने पर मरीजों को खासा परेशान होना पड़ता है। मरीजों के साथ आए परिजनों का कहना है कि अस्पताल में जरनेटर होना चाहिए ताकि लाइट जाने पर मरीजों को परेशान न होना पड़े।
इस संबंध में मुकेश ने बताया कि रात्रि से अस्पताल में लाइट नहीं है। पूरी रात्रि उन्हें बैठकर निकाली है। ऐसी गर्मी में लाइट तो होना आवश्यक है ।
इस संबंध में शिव शंकर ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे लाइट होनी चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो। रात्रि डेढ़ बजे से लाइट नहीं अभी दस बजे हुए हैं और लाइट अभी भी नहीं आई जबकि गर्मी बहुत तेज पड़ रही है।
इस संबंध में बिजली निगम के एसडीओ विजयपाल ने बताया कि रात्रि को दो तीन जगह फाल्ट होने की वजह से लाइट ट्रीप मार गई थी। सुबह फाल्ट को ढुंढकर लाइट को जल्द ही चालू करवा दिया गया था।