{"_id":"6a73865a559c5d39d509e935","slug":"honorarium-for-bhim-awardees-released-after-five-months-narnol-news-c-196-1-nnl1004-143501-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: पांच महीने बाद जारी हुआ भीम अवॉर्डियों का मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: पांच महीने बाद जारी हुआ भीम अवॉर्डियों का मानदेय
विज्ञापन
नारनौल। खेल विभाग ने जिले के तीन भीम अवॉर्डी खिलाड़ियों का लंबित मानदेय जारी कर दिया गया है। प्रत्येक खिलाड़ी को प्रति माह 5,000 रुपये की दर से यह राशि मिली है। बता दें कि जिले में हनुमान सिंह, सुनील कुमार और संदीप पूनिया को भीम मिला हुआ है।
भीम अवॉर्डी हनुमान सिंह ने बताया कि उन्हें वर्ष 1986 में वॉलीबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भीम अवॉर्ड मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रत्येक माह 5 हजार रुपये की पेंशन मिलती है लेकिन इसमें नियमितता का अभाव रहता है।
हनुमान सिंह ने बताया कि उनकी पेंशन 3 माह से लंबित थी, जो हाल ही में प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि खेल नर्सरी में प्रशिक्षण देने वाले कोच का वेतन भी लंबे समय से लंबित चल रहा है।
विज्ञापन
भीम अवॉर्डियों को मिलने वाले मानदेय में अक्सर अनियमितता देखी जाती है। खिलाड़ियों को यह पेंशन दो से तीन माह में एक बार ही मिल पाती है। हाल ही में जारी किया गया भुगतान भी पांच महीने के लंबे इंतजार के बाद हुआ है।
हनुमान सिंह ने बताया कि जब उन्हें भीम अवॉर्ड मिला था, तब जिले में वॉलीबॉल खेलने वाले युवा कम थे। अब विभिन्न प्रतियोगिताओं के कारण वॉलीबॉल सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है। लगभग सभी गांवों में युवा वॉलीबॉल खेलते हैं।
वर्जन :
भीम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 5 हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। कई बार दस्तावेज प्रक्रिया या अन्य कारण के चलते पेंशन के भुगतान में देरी हो जाती है।-नरेंद्र कुंडू, जिला खेल अधिकारी, नारनौल।
विज्ञापन
भीम अवॉर्डी हनुमान सिंह ने बताया कि उन्हें वर्ष 1986 में वॉलीबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भीम अवॉर्ड मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रत्येक माह 5 हजार रुपये की पेंशन मिलती है लेकिन इसमें नियमितता का अभाव रहता है।
विज्ञापन
हनुमान सिंह ने बताया कि उनकी पेंशन 3 माह से लंबित थी, जो हाल ही में प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि खेल नर्सरी में प्रशिक्षण देने वाले कोच का वेतन भी लंबे समय से लंबित चल रहा है।
विज्ञापन
भीम अवॉर्डियों को मिलने वाले मानदेय में अक्सर अनियमितता देखी जाती है। खिलाड़ियों को यह पेंशन दो से तीन माह में एक बार ही मिल पाती है। हाल ही में जारी किया गया भुगतान भी पांच महीने के लंबे इंतजार के बाद हुआ है।
हनुमान सिंह ने बताया कि जब उन्हें भीम अवॉर्ड मिला था, तब जिले में वॉलीबॉल खेलने वाले युवा कम थे। अब विभिन्न प्रतियोगिताओं के कारण वॉलीबॉल सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है। लगभग सभी गांवों में युवा वॉलीबॉल खेलते हैं।
वर्जन :
भीम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 5 हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। कई बार दस्तावेज प्रक्रिया या अन्य कारण के चलते पेंशन के भुगतान में देरी हो जाती है।-नरेंद्र कुंडू, जिला खेल अधिकारी, नारनौल।