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Mahendragarh-Narnaul News: कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
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नारनौल। कोरोना को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर नागरिक अस्पताल तक सभी अस्पतालों में लगभग 400 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जाएगी। इसमें लगभग 125 ऑक्सीन बेड तथा 35 वेंटिलेटर बेड बना जा रहे हैं। इसके अलावा सभी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर भी बना दिए गए हैं। विभाग की ओर से कोरोना संबंधित तैयारियों को लेकर नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से डाटा जुटा लिए हैं। साथ ही जिले आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल जिले के 16 निजी अस्पतालों से भी बैड की संख्या मांगी गई है और अलर्ट रहने के आदेश जारी किए हैं। अमर उजाला ने 24 दिसंबर एवं 26 दिसंबर अंक में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहने की खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद विभाग हरकत में आया है। सोमवार को सिविल सर्जन जिले के सभी सरकारी अस्पताल इंचार्जों की ऑनलाइन मीटिंग लेकर उन्हें डाटा उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे।
बता दें कि ओमिक्रोन के नए वेरिएंट के खतरे से बचाव के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए थे। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी सिविल सर्जनों को कोरोना से संबंधित गाइडलाइनें भी जारी की थीं। सरकार के आदेश जारी होनेे के बाद अस्पताल सतर्क नहीं हुआ था। वैक्सीन खत्म हो गई थी, आईसीयू वार्ड को ताला लगा हुआ था, सोशल डिस्टेंसिंग एवं स्टाफ मास्क नहीं पहन रहा था। अमर उजाला टीम ने अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया था। इसके बाद 24 और 26 दिसंबर के माई सिटी के प्रथम पेज पर यह खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। 26 दिसंबर को सिविल सर्जन ने सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक सभी सरकारी अस्पताल के इंचार्जों की ऑनलाइन मीटिंग ली थी। इस दौरान उन्होंने सरकार की ओर से आए कोरोना एसओपी के बारे में अवगत करवाया तथा उनसे कोरोना तैयारियों को लेकर डाटा भी मांगा गया था। वह डाटा भी एकत्रित कर लिया गया है।
आईसीयू वार्ड किया तैैयार
नागरिक अस्पताल में कोरोना की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले दो साल से बंद पड़ा आईसीयू वार्ड को तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को आईसीयू वार्ड की सफाई की गई तथा उसके अंदर रखा अन्य सामान वहां से हटा दिया गया है। चिकित्सक ने सभी वेंटिलेटर को चालू कर चेक भी किया। सभी वेंटिलेटर चालू हालात में मिले। अब जरूरत पड़ने पर वार्ड का प्रयोग किया जा सकेगा। अस्पताल के अंदर फ्लू कॉर्नर पर मरीज चेक किए जा रहे हैं तथा आने वाले मरीजों का तापमान भी चेक किया जा रहा है।
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यहां बनेंगे आइसोलेशन बेड
पहली एवं दूसरी लहर की तरह इस बार भी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में आइसोलशन बेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा नागरिक अस्पताल नारनौल, महेंद्रगढ़, उप नागरिक अस्पताल कनीना सहित सभी सात सामुदायिक केंद्रों पर आइसोलेशन बेड की व्यवस्था होगी। कोरोना को लेकर लगभग 350 से 400 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जा रही है। अभी सभी अस्पताल सामान्य मरीजों को भर्ती कर सकेंगी। कोविड लहर आने पर उनको कोविड मरीजों की जरूरत के हिसाब प्रयोग किया जाएगा।
125 बेड ऑक्सीजन तथा 35 से 40 वेंटिलेटर आईसीयू बेड की रहेेगी व्यवस्था
कोविड लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन बेड भी तैयार कर रही है। विभिन्न अस्पतालों के अंदर 125 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 35 से 40 आईसीयू वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था रहेगी।20 वेंटिलेटर नागरिक अस्पताल नारनौल, पांच वेंटिलेटर महेंद्रगढ़ तथा 20 वेंटिलेटर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटिकरा में है।
ऑक्सीजन की रहेगी पर्याप्त पूर्ति
अगर कोविड लहर आ गई तो स्वास्थ्य विभाग के पास ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा है। जिले में एक ऑक्सीजन प्लांट नारनौल तथा एक कनीना में लगा हुआ है। नारनौल अस्पताल के अंदर लगा ऑक्सीजन प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन तथा कनीना ऑक्सीजन प्लांट पर 250 लिटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन होता है।
कोरोना अलर्ट को लेकर विभिन्न अस्पतालों से डाटा जुटाया गया है। यह डाटा केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कोरोना से लड़ने के बिलकुल तैयार है। -डॉ. अविनाश पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।
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बता दें कि ओमिक्रोन के नए वेरिएंट के खतरे से बचाव के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए थे। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी सिविल सर्जनों को कोरोना से संबंधित गाइडलाइनें भी जारी की थीं। सरकार के आदेश जारी होनेे के बाद अस्पताल सतर्क नहीं हुआ था। वैक्सीन खत्म हो गई थी, आईसीयू वार्ड को ताला लगा हुआ था, सोशल डिस्टेंसिंग एवं स्टाफ मास्क नहीं पहन रहा था। अमर उजाला टीम ने अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया था। इसके बाद 24 और 26 दिसंबर के माई सिटी के प्रथम पेज पर यह खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। 26 दिसंबर को सिविल सर्जन ने सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक सभी सरकारी अस्पताल के इंचार्जों की ऑनलाइन मीटिंग ली थी। इस दौरान उन्होंने सरकार की ओर से आए कोरोना एसओपी के बारे में अवगत करवाया तथा उनसे कोरोना तैयारियों को लेकर डाटा भी मांगा गया था। वह डाटा भी एकत्रित कर लिया गया है।
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आईसीयू वार्ड किया तैैयार
नागरिक अस्पताल में कोरोना की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले दो साल से बंद पड़ा आईसीयू वार्ड को तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को आईसीयू वार्ड की सफाई की गई तथा उसके अंदर रखा अन्य सामान वहां से हटा दिया गया है। चिकित्सक ने सभी वेंटिलेटर को चालू कर चेक भी किया। सभी वेंटिलेटर चालू हालात में मिले। अब जरूरत पड़ने पर वार्ड का प्रयोग किया जा सकेगा। अस्पताल के अंदर फ्लू कॉर्नर पर मरीज चेक किए जा रहे हैं तथा आने वाले मरीजों का तापमान भी चेक किया जा रहा है।
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यहां बनेंगे आइसोलेशन बेड
पहली एवं दूसरी लहर की तरह इस बार भी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में आइसोलशन बेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा नागरिक अस्पताल नारनौल, महेंद्रगढ़, उप नागरिक अस्पताल कनीना सहित सभी सात सामुदायिक केंद्रों पर आइसोलेशन बेड की व्यवस्था होगी। कोरोना को लेकर लगभग 350 से 400 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जा रही है। अभी सभी अस्पताल सामान्य मरीजों को भर्ती कर सकेंगी। कोविड लहर आने पर उनको कोविड मरीजों की जरूरत के हिसाब प्रयोग किया जाएगा।
125 बेड ऑक्सीजन तथा 35 से 40 वेंटिलेटर आईसीयू बेड की रहेेगी व्यवस्था
कोविड लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन बेड भी तैयार कर रही है। विभिन्न अस्पतालों के अंदर 125 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 35 से 40 आईसीयू वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था रहेगी।20 वेंटिलेटर नागरिक अस्पताल नारनौल, पांच वेंटिलेटर महेंद्रगढ़ तथा 20 वेंटिलेटर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटिकरा में है।
ऑक्सीजन की रहेगी पर्याप्त पूर्ति
अगर कोविड लहर आ गई तो स्वास्थ्य विभाग के पास ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा है। जिले में एक ऑक्सीजन प्लांट नारनौल तथा एक कनीना में लगा हुआ है। नारनौल अस्पताल के अंदर लगा ऑक्सीजन प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन तथा कनीना ऑक्सीजन प्लांट पर 250 लिटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन होता है।
कोरोना अलर्ट को लेकर विभिन्न अस्पतालों से डाटा जुटाया गया है। यह डाटा केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कोरोना से लड़ने के बिलकुल तैयार है। -डॉ. अविनाश पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।