{"_id":"610977868ebc3ebca96195ea","slug":"haryana-central-university-will-open-for-researchers-from-monday-narnol-news-rtk6198831135","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोधार्थियों के लिए सोमवार से खुलेगा हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोधार्थियों के लिए सोमवार से खुलेगा हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय
विज्ञापन
प्रो. टंकेश्वर कुमार
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महेंद्रगढ़। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद से विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष गतिविधियों के लिए बंद हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंविवि) 9 अगस्त से शोध कार्य के लिए खोला जा रहा है। यह फैसला मंगलवार को कोविड-19 टॉस्क फोर्स की बैठक में कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में लिया गया। हालांकि अभी यह अनुमति दैनिक और साप्ताहिक आधार पर होगी तथा विभागाध्यक्ष व शोध निर्देशक की अनुमति के बाद ही शोधार्थी विश्वविद्यालय आ सकेंगे।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो.टंकेश्वर कुमार की उपस्थिति में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विज्ञान विषयों के शोधार्थियों के लिए प्रयोगशालाओं को खोलने का निर्णय लिया गया। इस व्यवस्था में विश्वविद्यालय द्वारा संबंधित विभाग को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रयोगशाला संबंधी कार्य की अनुमति होगी। इसी तरह विश्वविद्यालय ने विभिन्न राज्यों से आने वाले शोधार्थियों के लिए संबंधित राज्य और हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित कोविड गाइड लाइंस का पालन करने की अनिवार्य निर्धारित की है। इसके अंतर्गत आगंतुकों का टीकाकरण होना आवश्यक है।
कुलपति प्रो.टंकेश्वर कुमार ने कहा कि सभी विषयों के अंतर्गत अध्ययनरत शोधार्थियों को शोध कार्य के लिए निर्धारित अवधि में विश्वविद्यालय में आने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इस अवधि का निर्धारण संबंधित विभागाध्यक्ष और शोध निर्देशक के द्वारा किया जाएगा और इस दौरान विद्यार्थियों के अल्पावधि के लिए अस्थायी रूप से कैंपस में ठहरने का भी इंतजाम रहेगा। साथ ही साथ ऐसे विद्यार्थी जोकि परीक्षा विभाग या अन्य विभाग से संबंधित किसी अति आवश्यक कार्य हेतु विश्वविद्यालय आने के इच्छुक है उन्हें भी विभागाध्यक्ष व शिक्षक प्रभारी की अनुमति के बाद आने कोरोना नियमों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में आने की अनुमति होगी। कोविड-19 टॉस्क फोर्स की इस बैठक में सम्मानित सदस्य शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो.संजीव कुमार, प्रोक्टर प्रो.रविंद्र पाल अहलावत, विधि पीठ के अधिष्ठाता प्रो.राजेश मलिक, कुलसचिव डॉ.जेपी भूकर, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अजय पाल शर्मा तथा सुंदर लाल शर्मा भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो.टंकेश्वर कुमार की उपस्थिति में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विज्ञान विषयों के शोधार्थियों के लिए प्रयोगशालाओं को खोलने का निर्णय लिया गया। इस व्यवस्था में विश्वविद्यालय द्वारा संबंधित विभाग को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रयोगशाला संबंधी कार्य की अनुमति होगी। इसी तरह विश्वविद्यालय ने विभिन्न राज्यों से आने वाले शोधार्थियों के लिए संबंधित राज्य और हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित कोविड गाइड लाइंस का पालन करने की अनिवार्य निर्धारित की है। इसके अंतर्गत आगंतुकों का टीकाकरण होना आवश्यक है।
विज्ञापन
कुलपति प्रो.टंकेश्वर कुमार ने कहा कि सभी विषयों के अंतर्गत अध्ययनरत शोधार्थियों को शोध कार्य के लिए निर्धारित अवधि में विश्वविद्यालय में आने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इस अवधि का निर्धारण संबंधित विभागाध्यक्ष और शोध निर्देशक के द्वारा किया जाएगा और इस दौरान विद्यार्थियों के अल्पावधि के लिए अस्थायी रूप से कैंपस में ठहरने का भी इंतजाम रहेगा। साथ ही साथ ऐसे विद्यार्थी जोकि परीक्षा विभाग या अन्य विभाग से संबंधित किसी अति आवश्यक कार्य हेतु विश्वविद्यालय आने के इच्छुक है उन्हें भी विभागाध्यक्ष व शिक्षक प्रभारी की अनुमति के बाद आने कोरोना नियमों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में आने की अनुमति होगी। कोविड-19 टॉस्क फोर्स की इस बैठक में सम्मानित सदस्य शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो.संजीव कुमार, प्रोक्टर प्रो.रविंद्र पाल अहलावत, विधि पीठ के अधिष्ठाता प्रो.राजेश मलिक, कुलसचिव डॉ.जेपी भूकर, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अजय पाल शर्मा तथा सुंदर लाल शर्मा भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन