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Mahendragarh-Narnaul News: राजकीय स्कूल तिगरा का भवन जर्जर
Tue, 04 Aug 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:03 AM IST
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फोटो 13तिगरा स्कूल में बने कमरों के बाहर का दृश्य।संवाद
मंडी अटेली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिगरा का भवन लगातार जर्जर होता जा रहा है। बरसात के मौसम में स्कूल की हालत और भी बदतर हो जाती है। छतों से पानी टपकने, दीवारों से पलस्तर गिरने और परिसर में जलभराव होने के कारण छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों ने भवन को जल्द कंडम घोषित कर नया भवन बनाने की मांग उठाई है।
स्कूल में कक्षा छह से बारहवीं तक कुल 154 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां 10 पीजीटी, चार टीजीटी, एक एबीआरसी और तीन सेवादारों सहित कुल 19 कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है। इसके बावजूद भवन की जर्जर स्थिति के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान प्राचार्य कक्ष से लेकर लगभग सभी कक्षा-कक्षों की छत टपकती है, जबकि दीवारों का पलस्तर भी लगातार गिर रहा है। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
स्कूल भवन की छत और दीवारों में कई स्थानों पर बड़ी दरारें आ चुकी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दो कक्षा-कक्षों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बारिश होने पर स्कूल परिसर में जलभराव हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवाजाही में भी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार कक्षाओं का संचालन भी बाधित हो जाता है।
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विद्यालय प्रशासन का कहना है कि भवन की खराब स्थिति की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। साथ ही लोक निर्माण विभाग को भवन का निरीक्षण कर उसे कंडम घोषित करने के लिए भी पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवन को तत्काल कंडम घोषित किया जाए तथा नए विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
वर्जन:
विद्यालय भवन की हालत खराब है, जिसके बारे में शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही कंडम घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है। इसके कंडम घोषित होने के बाद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।-अनिल कुमार, प्राचार्य।
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स्कूल में कक्षा छह से बारहवीं तक कुल 154 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां 10 पीजीटी, चार टीजीटी, एक एबीआरसी और तीन सेवादारों सहित कुल 19 कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है। इसके बावजूद भवन की जर्जर स्थिति के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान प्राचार्य कक्ष से लेकर लगभग सभी कक्षा-कक्षों की छत टपकती है, जबकि दीवारों का पलस्तर भी लगातार गिर रहा है। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
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स्कूल भवन की छत और दीवारों में कई स्थानों पर बड़ी दरारें आ चुकी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दो कक्षा-कक्षों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बारिश होने पर स्कूल परिसर में जलभराव हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवाजाही में भी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार कक्षाओं का संचालन भी बाधित हो जाता है।
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विद्यालय प्रशासन का कहना है कि भवन की खराब स्थिति की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। साथ ही लोक निर्माण विभाग को भवन का निरीक्षण कर उसे कंडम घोषित करने के लिए भी पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवन को तत्काल कंडम घोषित किया जाए तथा नए विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
वर्जन:
विद्यालय भवन की हालत खराब है, जिसके बारे में शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही कंडम घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है। इसके कंडम घोषित होने के बाद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।-अनिल कुमार, प्राचार्य।