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ई-केवाईसी के लिए किसानों को सरकार ने दिया मौका
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नारनौल। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए सभी किसान अपना जल्द ई-केवाईसी करवा लें। जो किसान ई-केवाईसी नहीं करवाएगा उसको आगामी किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं मिलेगी। ये बातें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह ने रविवार को कृषि विभाग के मीटिंग हॉल में आयोजित अधिकारियों की बैठक में कहीं।
उन्होंने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में लगभग एक लाख लाभार्थी हैं जिसमें से अभी तक 81 हजार 706 ने अपना ई-केवाईसी करवा लिया है। जिला के कुल 81 फीसदी किसानों ने अपना ई-केवाईसी करवाया है। अभी भी जिला में 19421 किसानों ने ईकेवाईसी नहीं करवाया है। अगर यह किसान अपना ईकेवाईसी नहीं करवाएंगे तो इन्हें आगामी किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं मिलेगी और वे इस योजना से सदा के लिए बाहर हो जाएंगे। इस योजना के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन सरकार ने किसानों को एक और मौका दिया है।
महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को इस बारे में जागरूक करें और उन्हें बताएं कि अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर करवाएं अथवा स्वयं पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर अपना ई-केवाईसी करें। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को किसान सम्मान निधि का लाभ देने के लिए ई-केवाईसी जरूरी है। इस सिस्टम से अपात्र लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। सरकार का मकसद है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना से न छूट पाए। सिस्टम में सौ फीसदी पारदर्शिता के लिए यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में खरीफ सीजन की फसल की सरकारी बिक्री के लिए 66.38 फ़ीसदी क्षेत्र पंजीकृत हो चुका है। उन्होंने इस लक्ष्य को 75 फीसदी तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. संजय यादव, डॉ. अजय कुमार, डॉ. योगेश व डॉ. बलराम यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में लगभग एक लाख लाभार्थी हैं जिसमें से अभी तक 81 हजार 706 ने अपना ई-केवाईसी करवा लिया है। जिला के कुल 81 फीसदी किसानों ने अपना ई-केवाईसी करवाया है। अभी भी जिला में 19421 किसानों ने ईकेवाईसी नहीं करवाया है। अगर यह किसान अपना ईकेवाईसी नहीं करवाएंगे तो इन्हें आगामी किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं मिलेगी और वे इस योजना से सदा के लिए बाहर हो जाएंगे। इस योजना के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन सरकार ने किसानों को एक और मौका दिया है।
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महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को इस बारे में जागरूक करें और उन्हें बताएं कि अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर करवाएं अथवा स्वयं पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर अपना ई-केवाईसी करें। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को किसान सम्मान निधि का लाभ देने के लिए ई-केवाईसी जरूरी है। इस सिस्टम से अपात्र लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। सरकार का मकसद है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना से न छूट पाए। सिस्टम में सौ फीसदी पारदर्शिता के लिए यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में खरीफ सीजन की फसल की सरकारी बिक्री के लिए 66.38 फ़ीसदी क्षेत्र पंजीकृत हो चुका है। उन्होंने इस लक्ष्य को 75 फीसदी तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. संजय यादव, डॉ. अजय कुमार, डॉ. योगेश व डॉ. बलराम यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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