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Mahendragarh-Narnaul News: गौरा मैया सजाए पलना गजानन झूले ललना.... महिलाओं ने गाए भजन गीत
Sun, 15 Sep 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 15 Sep 2024 12:10 AM IST
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फोटो संख्या:52- श्रीगणेश उत्सव के दौरान झांकी निकालते श्रद्धालु--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों व घरों में विराजमान श्रीगणेश का 17 सितंबर को विसर्जन किया जाएगा। उत्सव के सातवें दिन मोहल्ला सैनीपुरा में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर व प्राचीन शिव मंदिर में प्रतिदिन महिलाओं द्वारा भगवान श्रीगणेश के भजन कीर्तन किया गया।
खालड़ा फैन ग्रुप के सदस्य मनीष राजपूत ने बताया कि महिला मंडल की ओर से गौरा मैया सजाये पलना गजानन झूले ललना, आज की राम रुक जाना गजानन हमरी नगरिया में, जय गोरी के नंदन कर रहे तुमरो वंदन सहित अन्य भजनों का गुणगान किया गया। वहीं छोटे बच्चों के द्वारा श्री गणेश की झांकी निकाली गई।
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि 17 सितंबर मंगलवार अनंत चतुर्दशी को भगवान श्रीगणेश का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन से पहले भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। मोदक, लड्डू का भोग लगाएं आरती करें। भगवान गणेश विधा बुद्धि का शुभ वर मांगे और विदा करें तथा अगले साल फिर आने की प्रार्थना कर पवित्र नदी के जल विसर्जन करें। भगवान गणेश जल तत्व के अधिपति देवता हैं। इसलिए उनकी प्रतिमा का विसर्जन जल में किया जाता है। 17 सितंबर को सुबह 1:15 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक तथा शाम 3:23 बजे से शाम 4:55 बजे तक मूर्ति विसर्जन का शुभ मुहूर्त रहेगा।
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खालड़ा फैन ग्रुप के सदस्य मनीष राजपूत ने बताया कि महिला मंडल की ओर से गौरा मैया सजाये पलना गजानन झूले ललना, आज की राम रुक जाना गजानन हमरी नगरिया में, जय गोरी के नंदन कर रहे तुमरो वंदन सहित अन्य भजनों का गुणगान किया गया। वहीं छोटे बच्चों के द्वारा श्री गणेश की झांकी निकाली गई।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि 17 सितंबर मंगलवार अनंत चतुर्दशी को भगवान श्रीगणेश का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन से पहले भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। मोदक, लड्डू का भोग लगाएं आरती करें। भगवान गणेश विधा बुद्धि का शुभ वर मांगे और विदा करें तथा अगले साल फिर आने की प्रार्थना कर पवित्र नदी के जल विसर्जन करें। भगवान गणेश जल तत्व के अधिपति देवता हैं। इसलिए उनकी प्रतिमा का विसर्जन जल में किया जाता है। 17 सितंबर को सुबह 1:15 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक तथा शाम 3:23 बजे से शाम 4:55 बजे तक मूर्ति विसर्जन का शुभ मुहूर्त रहेगा।
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