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Mahendragarh-Narnaul News: आज से नौ दिनों तक मंदिरों में गूंजेंगे माता रानी के जयकारे
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फोटाे नंबर-13चैत्र नवरात्र को लेकर प्रचीन मॉं चामुंडा देवी मंदिर को सजाता कारीगर। संवाद
नारनौल। आज से नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इससे देशभर के मंदिरों में ''जय माता दी'' के जयकारे गूंजेंगे और मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिरों में विशेष आरती व अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।
नवरात्र को लेकर शहर के मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर में माता के शृंगार व मंदिर को सजा रहे हैं। आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है और अगले 9 दिनों तक देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष 72 साल के बाद अमावस्या और नवरात्र का आरंभ एक ही दिन होने का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इस वर्ष 19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त: सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:58 बजे तक
कलश स्थापना की विधि
सुबह स्नानादि के बाद ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को साफ करें।
मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और उस पर कलश स्थापित करें।
कलश में जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें।
मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दीप जलाएं और पूजा करें।
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नवरात्र को लेकर शहर के मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर में माता के शृंगार व मंदिर को सजा रहे हैं। आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है और अगले 9 दिनों तक देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
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आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष 72 साल के बाद अमावस्या और नवरात्र का आरंभ एक ही दिन होने का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इस वर्ष 19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त: सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:58 बजे तक
कलश स्थापना की विधि
सुबह स्नानादि के बाद ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को साफ करें।
मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और उस पर कलश स्थापित करें।
कलश में जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें।
मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दीप जलाएं और पूजा करें।