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Mahendragarh-Narnaul News: खाद नहीं होने से मायूस लौटे किसान
Fri, 10 Oct 2025 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:27 PM IST
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फोटो नंबर- 13नारनौल स्थित बंद पड़ा खाद केंद्र। संवाद
नारनौल। अनाज मंडी स्थित सरकारी केंद्र पर खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को मायूस लौटना पड़ा। 12 दिनों में केवल 6 दिन ही खाद का वितरण किया गया।
शेष 6 दिनों में अवकाश व खाद नहीं होने के कारण वितरण नहीं किया गया। वहीं इस समय सरसों बिजाई से पहले किसानों के बीच डीएपी की जबरदस्त मांग बनी हुई है। लेकिन खाद का नियमित वितरण नहीं होने के कारण किसानों को खाद केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पोर्टल अपडेट होने के बाद, जिस व्यक्ति के नाम पर बाजरे का पंजीकरण हैं, उसे ही खाद वितरित किया जाएगा। पोर्टल अपडेट होने से पहले पंजीकरण करवाने वाले व्यक्ति के परिवार के सदस्य भी पहचान पत्र दिखाकर खाद प्राप्त कर सकते थे लेकिन पोर्टल अपडेट होने के बाद अब केवल पंजीकरण में जिस व्यक्ति का नाम है उसी को टोकन दिए जा रहे हैं। यदि पिता के नाम फसल का पंजीकरण है और बेटा खाद लेने आ रहा है तो मशीन द्वारा टोकन ही नहीं काटा जा रहा।
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लगातार दो दिन से खाद केंद्र के चक्कर काट रहा हूं लेकिन खाद प्राप्त नहीं कर सका। पहले दिन देरी से आया था इसलिए टोकन नंबर नहीं मिल पाया। दूसरे दिन समय पर आया तो खाद ही उपलब्ध नहीं है। खाद प्राप्त करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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रतन सिंह, किसान,गांव गहली
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उम्र 80 वर्ष है और बाजरे की फसल का पंजीकरण उसके नाम पर है। अपने बेटे को पंजीकरण पर्ची देकर खाद लेने केंद्र पर भेजा था लेकिन जिसके नाम पंजीकरण है उसी को खाद मिल पाएगा। इसलिए खाद अभी तक प्राप्त नहीं हो पाया। आज स्वयं लेने आया तो खाद ही नहीं मिली। नए-नए नियम किसानों को सुविधा से ज्यादा परेशानी ही दे रहे हैं। -भगवान दास, किसान,गांव-कोजिंदा
वर्जन :
नारनौल स्थित खाद केंद्र पर शनिवार सुबह तक खाद की खेप पहुंच जाएगी। वहीं अन्य खाद केंद्रों पर आवश्यकता अनुसार पहुंचाई जा रही है। गांवों में बने सरकारी उपकेंद्रों पर भी खाद का वितरण शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। 1870 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।
संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक,कृषि विभाग, नारनौल।
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शेष 6 दिनों में अवकाश व खाद नहीं होने के कारण वितरण नहीं किया गया। वहीं इस समय सरसों बिजाई से पहले किसानों के बीच डीएपी की जबरदस्त मांग बनी हुई है। लेकिन खाद का नियमित वितरण नहीं होने के कारण किसानों को खाद केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पोर्टल अपडेट होने के बाद, जिस व्यक्ति के नाम पर बाजरे का पंजीकरण हैं, उसे ही खाद वितरित किया जाएगा। पोर्टल अपडेट होने से पहले पंजीकरण करवाने वाले व्यक्ति के परिवार के सदस्य भी पहचान पत्र दिखाकर खाद प्राप्त कर सकते थे लेकिन पोर्टल अपडेट होने के बाद अब केवल पंजीकरण में जिस व्यक्ति का नाम है उसी को टोकन दिए जा रहे हैं। यदि पिता के नाम फसल का पंजीकरण है और बेटा खाद लेने आ रहा है तो मशीन द्वारा टोकन ही नहीं काटा जा रहा।
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लगातार दो दिन से खाद केंद्र के चक्कर काट रहा हूं लेकिन खाद प्राप्त नहीं कर सका। पहले दिन देरी से आया था इसलिए टोकन नंबर नहीं मिल पाया। दूसरे दिन समय पर आया तो खाद ही उपलब्ध नहीं है। खाद प्राप्त करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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रतन सिंह, किसान,गांव गहली
उम्र 80 वर्ष है और बाजरे की फसल का पंजीकरण उसके नाम पर है। अपने बेटे को पंजीकरण पर्ची देकर खाद लेने केंद्र पर भेजा था लेकिन जिसके नाम पंजीकरण है उसी को खाद मिल पाएगा। इसलिए खाद अभी तक प्राप्त नहीं हो पाया। आज स्वयं लेने आया तो खाद ही नहीं मिली। नए-नए नियम किसानों को सुविधा से ज्यादा परेशानी ही दे रहे हैं। -भगवान दास, किसान,गांव-कोजिंदा
वर्जन :
नारनौल स्थित खाद केंद्र पर शनिवार सुबह तक खाद की खेप पहुंच जाएगी। वहीं अन्य खाद केंद्रों पर आवश्यकता अनुसार पहुंचाई जा रही है। गांवों में बने सरकारी उपकेंद्रों पर भी खाद का वितरण शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। 1870 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।
संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक,कृषि विभाग, नारनौल।