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Mahendragarh-Narnaul News: अगेती बाजरे की फसल पर किसानों ने चलाया ट्रैक्टर
Sat, 13 Sep 2025 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:08 AM IST
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फोटो संख्या:64- गांव अगिहार में बाजरे की खड़ी फसल पर की गई जुताई--संवाद
महेंद्रगढ़। इस बार मौसम की मार से किसानों की परेशानी बढ़ने के साथ अब प्रति एकड़ बाजरे की कटाई भी दस हजार रुपये प्रति एकड़ पहुंच गई है। अगेती बाजरे की फसलों में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हो चुका है।
किसान अब खेतों में जो सिरटे सुरक्षित हैं उन्हें काटकर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। मुनाफे से अधिक लागत को देखते हुए किसान अब रबी सीजन की बिजाई की तैयारी में जुट गए हैं। गांव अगिहार निवासी किसान राजेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण पहले ही बाजरे की अगेती फसल बर्बाद हो गई है और अब बढ़ी हुई मजदूरी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
सिरटों में जमवार होने से पहले ही काफी नुकसान हो गया है। दस हजार रुपये प्रति एकड़ मजदूरी पहुंच चुकी है। एक एकड़ में दस हजार रुपये मजदूरी देने के बाद केवल पशुचारा ही बचेगा। यह भी गलने लगा है। अब ऐसे में किसान के सामने ट्रैक्टर चलाने के अलावा कोई चारा नहीं है। केवल दस प्रतिशत सिरटे सुरक्षित हैं। इन्हें काटकर खेतों की जुताई करा रहे हैं।
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वहीं कपास की फसल भी बारिश के कारण खराब हो गई है। इस बार दोनों ही फसलों में बारिश से काफी नुकसान हो गया है। अब किसान रबी सीजन में अच्छी फसल की उम्मीद में तैयारियों में जुट गए हैं।
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किसान अब खेतों में जो सिरटे सुरक्षित हैं उन्हें काटकर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। मुनाफे से अधिक लागत को देखते हुए किसान अब रबी सीजन की बिजाई की तैयारी में जुट गए हैं। गांव अगिहार निवासी किसान राजेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण पहले ही बाजरे की अगेती फसल बर्बाद हो गई है और अब बढ़ी हुई मजदूरी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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सिरटों में जमवार होने से पहले ही काफी नुकसान हो गया है। दस हजार रुपये प्रति एकड़ मजदूरी पहुंच चुकी है। एक एकड़ में दस हजार रुपये मजदूरी देने के बाद केवल पशुचारा ही बचेगा। यह भी गलने लगा है। अब ऐसे में किसान के सामने ट्रैक्टर चलाने के अलावा कोई चारा नहीं है। केवल दस प्रतिशत सिरटे सुरक्षित हैं। इन्हें काटकर खेतों की जुताई करा रहे हैं।
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वहीं कपास की फसल भी बारिश के कारण खराब हो गई है। इस बार दोनों ही फसलों में बारिश से काफी नुकसान हो गया है। अब किसान रबी सीजन में अच्छी फसल की उम्मीद में तैयारियों में जुट गए हैं।

फोटो संख्या:64- गांव अगिहार में बाजरे की खड़ी फसल पर की गई जुताई--संवाद