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पोर्टल पर फसल पंजीकरण का समय बढ़ाया, अब 15 फरवरी तक का दिया समय
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हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रबी फसल बेचने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। अब पंजीकरण की तिथि को 31 जनवरी से बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया गया है।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा अपने कृषि उत्पादों को मंडियों में बेचने तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि से संबंधित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल फसल डॉट हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि फसल का पंजीकरण करवाने के लिए परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि किसान ऑनलाइन या नजदीकी अटल सेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 भी जारी किया गया है। किसान इनमें से किसी भी माध्यम से अपनी फसल का पंजीकरण करवाएं। पंजीकृत करवाते समय किसान अपने पास मोबाइल जरूर रखें।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा रबी सीजन 2021-22 के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर गेहूं, सरसों, दहलन, सूरजमुखी, चना और जौ बेचने के इच्छुक किसानों के लिए आवेदन करने के लिए पोर्टल 15 फरवरी तक खुला रहेगा। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों की फसलों का बुआई से लेकर मंडियों में बिक्री तक मदद मिलेगी। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुई फसल के मुआवजे एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को बोई गई फसल का नाम, खेती का रकबा, फसली महीना, बैंक खाता संख्या एवं मोबाइल नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
किसानों को फसलों की बुआई से लेकर मंडियों में बिक्री तक मिलेगी मदद
अब तक जिले में 64803 किसानों ने रबी फसल को समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण करवाने में जिले के किसान दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने बताया कि यमुनानगर 74.81 फीसदी के साथ पहले नंबर पर है। जिले में लगभग 74.23 फीसदी एरिया के लिए पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 1.08 लाख हेक्टेयर के लिए पंजीकरण करवाया गया है।
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उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा अपने कृषि उत्पादों को मंडियों में बेचने तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि से संबंधित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल फसल डॉट हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि फसल का पंजीकरण करवाने के लिए परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
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उन्होंने बताया कि किसान ऑनलाइन या नजदीकी अटल सेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 भी जारी किया गया है। किसान इनमें से किसी भी माध्यम से अपनी फसल का पंजीकरण करवाएं। पंजीकृत करवाते समय किसान अपने पास मोबाइल जरूर रखें।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा रबी सीजन 2021-22 के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर गेहूं, सरसों, दहलन, सूरजमुखी, चना और जौ बेचने के इच्छुक किसानों के लिए आवेदन करने के लिए पोर्टल 15 फरवरी तक खुला रहेगा। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों की फसलों का बुआई से लेकर मंडियों में बिक्री तक मदद मिलेगी। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुई फसल के मुआवजे एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को बोई गई फसल का नाम, खेती का रकबा, फसली महीना, बैंक खाता संख्या एवं मोबाइल नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
किसानों को फसलों की बुआई से लेकर मंडियों में बिक्री तक मिलेगी मदद
अब तक जिले में 64803 किसानों ने रबी फसल को समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण करवाने में जिले के किसान दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने बताया कि यमुनानगर 74.81 फीसदी के साथ पहले नंबर पर है। जिले में लगभग 74.23 फीसदी एरिया के लिए पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 1.08 लाख हेक्टेयर के लिए पंजीकरण करवाया गया है।