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आठ माह बाद भी शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना नहीं चढ़ सकी सिरे
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नगर परिषद करीब आठ माह बाद भी शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना को सिरे नहीं चढ़ा सका है। जबकि, नप ने इसके लिए वाहन पहले की खरीद लिए थे और चालक रखने की स्वीकृत भी उपायुक्त से मिल गई थी। इसके बाद भी इस योजना को शुरू नहीं किया जा सका है।
बता दें कि शहर में अभी कूड़ा प्रबंधन को लेकर बेहतर इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में लोग कूड़े को मनमर्जी से इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे शहर में जगह-जगह गंदगी बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखकर अब नप ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना पिछले साल अक्तूबर में बनाई थी। इसके सरकार से स्वीकृत मिल गई थी, लेकिन चुनाव होने के कारण प्रोजेक्ट पर काम नहीं हुआ। इस साल जनवरी में नप ने इसके लिए 10 वाहनों को लेे लिया था, लेकिन चालक व अन्य कारणों से पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य सिरे नहीं चढ़ सका। नप की योजना के अनुसार शहर में प्रमुख जगहों पर कूड़ा सेंटर बनाए जाएंगे। जिससे वार्ड वाइज कूड़े को लिफ्ट किया जा सके। इन जगहों से कूड़े को रघुनाथपुरा ले जाया जाएगा। नप की चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि इसे जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा। बीच में कोरोना महामारी के कारण इसे पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ाया जा सका। इसके साथ ही सूखे- गीले कूड़े को भी अलग करने की योजना है। हालांकि नप ने शहर के प्रमुख जगहों पर 30 डस्टबिन रखवाया हुआ है, लेकिन लोग डस्टबिन में कूड़ा न डालकर बाहर फेंक देते हैं। इससे इसमें पशु मुंह मारते रहते हैं। नप सेक्टर व अन्य मोहल्लों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करा रहा है। नप इसे सभी वार्डों में लागू करने की योजना है।
स्वच्छता सर्वे को लेकर तैयारी शुरू
जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य शुरू होगा। इसे लेकर नप को अभी से तैयारी करनी होगी। इसके लिए डोर टू डोर कूड़ा उठाने और कूड़े का सही निस्तारण जरूरी है। इसके बाद नप को शहर की सफाई पर भी ध्यान देना होगा। जिससे स्वच्छता रैकिंग को सुधार जा सके। इस साल भी नप की स्वच्छता रैकिंग सही नहीं थी। नप क्षेत्र में करीब 80 टन कूड़ा रोजाना निकलता है। नप के पास करीब सवा दो सौ सफाई कर्मचारी हैं।
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डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नप के पास संसाधन है। ईओ के साथ विचार विमर्श करने के बाद नगर आयुक्त की स्वीकृत पर इसे लागू किया जाएगा। नप के पास वाहन और चालक रखने की पहले ही स्वीकृत मिल चुकी थी। इसे लागूूू होने से शहर को स्वच्छ रखने में सहूलियतें मिलेगी।
अनिल कुमार, सचिव नप नारनौल
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बता दें कि शहर में अभी कूड़ा प्रबंधन को लेकर बेहतर इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में लोग कूड़े को मनमर्जी से इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे शहर में जगह-जगह गंदगी बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखकर अब नप ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना पिछले साल अक्तूबर में बनाई थी। इसके सरकार से स्वीकृत मिल गई थी, लेकिन चुनाव होने के कारण प्रोजेक्ट पर काम नहीं हुआ। इस साल जनवरी में नप ने इसके लिए 10 वाहनों को लेे लिया था, लेकिन चालक व अन्य कारणों से पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य सिरे नहीं चढ़ सका। नप की योजना के अनुसार शहर में प्रमुख जगहों पर कूड़ा सेंटर बनाए जाएंगे। जिससे वार्ड वाइज कूड़े को लिफ्ट किया जा सके। इन जगहों से कूड़े को रघुनाथपुरा ले जाया जाएगा। नप की चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि इसे जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा। बीच में कोरोना महामारी के कारण इसे पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ाया जा सका। इसके साथ ही सूखे- गीले कूड़े को भी अलग करने की योजना है। हालांकि नप ने शहर के प्रमुख जगहों पर 30 डस्टबिन रखवाया हुआ है, लेकिन लोग डस्टबिन में कूड़ा न डालकर बाहर फेंक देते हैं। इससे इसमें पशु मुंह मारते रहते हैं। नप सेक्टर व अन्य मोहल्लों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करा रहा है। नप इसे सभी वार्डों में लागू करने की योजना है।
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स्वच्छता सर्वे को लेकर तैयारी शुरू
जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य शुरू होगा। इसे लेकर नप को अभी से तैयारी करनी होगी। इसके लिए डोर टू डोर कूड़ा उठाने और कूड़े का सही निस्तारण जरूरी है। इसके बाद नप को शहर की सफाई पर भी ध्यान देना होगा। जिससे स्वच्छता रैकिंग को सुधार जा सके। इस साल भी नप की स्वच्छता रैकिंग सही नहीं थी। नप क्षेत्र में करीब 80 टन कूड़ा रोजाना निकलता है। नप के पास करीब सवा दो सौ सफाई कर्मचारी हैं।
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डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नप के पास संसाधन है। ईओ के साथ विचार विमर्श करने के बाद नगर आयुक्त की स्वीकृत पर इसे लागू किया जाएगा। नप के पास वाहन और चालक रखने की पहले ही स्वीकृत मिल चुकी थी। इसे लागूूू होने से शहर को स्वच्छ रखने में सहूलियतें मिलेगी।
अनिल कुमार, सचिव नप नारनौल