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पर्यावरण संरक्षण हम सबकी साझी जिम्मेदारी : प्रो. टंकेश्वर कुमार
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महेंद्रगढ़। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी साझी जिम्मेदारी इसको संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। ये बातें हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जलवायु परिवर्तन, सतत विकास के शुभारंभ पर कहीं।
यह सम्मेलन हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ जलवायु संकट व सतत विकास के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वैज्ञानिक प्रो. जगवीर सिंह ने नीति-परक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जबकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. कृष्ण कुमार विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के डीन प्रो. दिनेश कुमार की भी उपस्थिति रही।
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पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. अनीता सिंह ने वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में विभाग की प्रतिबद्धता व सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय की ग्रीन कैंपस पहल पर विशेष जोर देते हुए शोध एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को साझा किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन कोई एक नहीं बल्कि हम सब मिलकर कर सकते हैं। प्रो. कृष्ण कुमार ने पर्यावरण के प्रति दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए मानव और प्रकृति के गहरे अंतर्संबंध पर बल दिया।
डॉ. जगवीर सिंह ने भारत के महत्वाकांक्षी डीप ओशन मिशन की जानकारी देते हुए समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के अन्वेषण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लगभग 7500 किलोमीटर लंबी भारत की तटरेखा के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान का उल्लेख किया।
संयोजक डॉ. भूपेंद्र पी. सिंह ने बताया कि इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ जापान, जर्मनी, अमेरिका, यूएई, नॉर्वे और सऊदी अरब से भी विद्वान भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर प्रो. नीलम सांगवान, प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता एवं प्रो. पवन कुमार मौर्य अध्यक्ष के रूप में, प्रो. मोना शर्मा सह-अध्यक्ष के रूप में व प्रो. अनीता सिंह सह-संयोजक के रूप में योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. अनूप यादव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. खेराज, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनू यादव, प्रो. विकास. प्रो. हरीश, प्रो. जितेंद्र कुमार, उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह मौजूद रहे।
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यह सम्मेलन हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ जलवायु संकट व सतत विकास के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वैज्ञानिक प्रो. जगवीर सिंह ने नीति-परक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जबकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. कृष्ण कुमार विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के डीन प्रो. दिनेश कुमार की भी उपस्थिति रही।
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पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. अनीता सिंह ने वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में विभाग की प्रतिबद्धता व सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय की ग्रीन कैंपस पहल पर विशेष जोर देते हुए शोध एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को साझा किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन कोई एक नहीं बल्कि हम सब मिलकर कर सकते हैं। प्रो. कृष्ण कुमार ने पर्यावरण के प्रति दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए मानव और प्रकृति के गहरे अंतर्संबंध पर बल दिया।
डॉ. जगवीर सिंह ने भारत के महत्वाकांक्षी डीप ओशन मिशन की जानकारी देते हुए समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के अन्वेषण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लगभग 7500 किलोमीटर लंबी भारत की तटरेखा के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान का उल्लेख किया।
संयोजक डॉ. भूपेंद्र पी. सिंह ने बताया कि इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ जापान, जर्मनी, अमेरिका, यूएई, नॉर्वे और सऊदी अरब से भी विद्वान भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर प्रो. नीलम सांगवान, प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता एवं प्रो. पवन कुमार मौर्य अध्यक्ष के रूप में, प्रो. मोना शर्मा सह-अध्यक्ष के रूप में व प्रो. अनीता सिंह सह-संयोजक के रूप में योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. अनूप यादव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. खेराज, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनू यादव, प्रो. विकास. प्रो. हरीश, प्रो. जितेंद्र कुमार, उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह मौजूद रहे।