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धौलेड़ा सब स्टेशन पर डेढ़ घंटे तालाबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:06 AM IST
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सब स्टेशन पर जड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विभागीय आदेशानुसार ग्रामीणों को घरेलू फीडर से बिजली सप्लाई मिलनी चाहिए लेकिन बिगोपुर के उपभोक्ताओं को यह सुविधा नहीं मिली। इससे परेशान ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह करीब 10 बजे बजे धौलेड़ा सब स्टेशन की तालाबंदी कर दी। इसके बाद धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग को बाधित कर रोष प्रदर्शन किया गया। निगम के एसडीओ हनुमान यादव, थाना प्रभारी प्रभारी सतबीर सिंह ने वीरवार को समाधान करवाने का भरोसा दिया। जिससे संतुष्ट ग्रामीणों ने 11.30 बजे तालाबंदी खोल दी।
ग्रामीणों ने बताया कि घरेलू फीडर द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं को 18 घंटे बिजली सप्लाई देने की घोषणा हुई थी। नांगल चौधरी सब स्टेशन के अधिकतर गांव सुविधाजनक फीडरों से जुड़ चुके, लेकिन बिगोपुर को अभी कृषि फीडर से सप्लाई मिल रही है। निगम द्वारा हल्की क्वालिटी की केबल बिछाकर सप्लाई गई है। लोड पड़ने के कारण केबल जलने व शाट होने की समस्या बढ़ गई। स्पार्किंग से गांव में दर्जनों आगजनी हो चुकी, इसके अलावा जानलेवा हादसे का अंदेशा बना रहता है। जनवरी महीने में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तार बिछाने की गुहार लगाई गई थी। उन्होंने 10-15 दिन में तार बिछाने का भरोसा दिया गया। जिसे पांच महीने से अधिक समय बीत चुका, अभी समाधान नहीं हुआ। मंगलवार की शाम नारनौल अधीक्षक अभियंता कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई गई। सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा उबाल खा गया। जिन्होंने बुधवार को गांव में बैठक आयोजित की। जिसमें पावर हाउस पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया। 10.30 बजे कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर समाधान का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण विभागीय अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। करीब 11 बजे एसडीओ हनुमान यादव धोलेड़ा पावर हाउस पर पहुंचे।
दो साल में चार लिखित आश्वासन
उन्होंने बताया कि मार्च 2014 में पावर हाउस की तालाबंदी कर जर्जर केबल बदलने की मांग की गई थी। तत्कालीन एसडीओ ने 2 महीने में समाधान करवाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद 6 मई 2014,जनवरी 2015 तथा मार्च 2015 में रोड़ जाम व तालाबंदी की गई। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन भी दिया, किंतु समस्या यथावत बनी है।
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कई बार हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर केबल में सर्किट होने के कारण दर्जनों आगजनी के हादसे हो चुके। बारिश के दौरान मकानों में करंट की संभावना बनी रहती है। जिससे अधिकारी अवगत हैं, इसके बावजूद अनजान बने हुए हैं। उन्होंने कहा निगम को सात दिन में जर्जर केबल बदलने के अलावा घरेलू फीडर से सप्लाई देनी होगी।
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ग्रामीणों ने बताया कि घरेलू फीडर द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं को 18 घंटे बिजली सप्लाई देने की घोषणा हुई थी। नांगल चौधरी सब स्टेशन के अधिकतर गांव सुविधाजनक फीडरों से जुड़ चुके, लेकिन बिगोपुर को अभी कृषि फीडर से सप्लाई मिल रही है। निगम द्वारा हल्की क्वालिटी की केबल बिछाकर सप्लाई गई है। लोड पड़ने के कारण केबल जलने व शाट होने की समस्या बढ़ गई। स्पार्किंग से गांव में दर्जनों आगजनी हो चुकी, इसके अलावा जानलेवा हादसे का अंदेशा बना रहता है। जनवरी महीने में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तार बिछाने की गुहार लगाई गई थी। उन्होंने 10-15 दिन में तार बिछाने का भरोसा दिया गया। जिसे पांच महीने से अधिक समय बीत चुका, अभी समाधान नहीं हुआ। मंगलवार की शाम नारनौल अधीक्षक अभियंता कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई गई। सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा उबाल खा गया। जिन्होंने बुधवार को गांव में बैठक आयोजित की। जिसमें पावर हाउस पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया। 10.30 बजे कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर समाधान का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण विभागीय अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। करीब 11 बजे एसडीओ हनुमान यादव धोलेड़ा पावर हाउस पर पहुंचे।
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दो साल में चार लिखित आश्वासन
उन्होंने बताया कि मार्च 2014 में पावर हाउस की तालाबंदी कर जर्जर केबल बदलने की मांग की गई थी। तत्कालीन एसडीओ ने 2 महीने में समाधान करवाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद 6 मई 2014,जनवरी 2015 तथा मार्च 2015 में रोड़ जाम व तालाबंदी की गई। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन भी दिया, किंतु समस्या यथावत बनी है।
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कई बार हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर केबल में सर्किट होने के कारण दर्जनों आगजनी के हादसे हो चुके। बारिश के दौरान मकानों में करंट की संभावना बनी रहती है। जिससे अधिकारी अवगत हैं, इसके बावजूद अनजान बने हुए हैं। उन्होंने कहा निगम को सात दिन में जर्जर केबल बदलने के अलावा घरेलू फीडर से सप्लाई देनी होगी।