{"_id":"66630af608bfd829140df984","slug":"eight-years-rigorous-imprisonment-and-a-fine-of-rs-15-000-imposed-in-the-case-of-raping-a-minor-in-narnaul-2024-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Narnaul: नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आठ साल कठोर कारावास, 15 हजार रुपए का लगाया जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Narnaul: नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आठ साल कठोर कारावास, 15 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
Fri, 07 Jun 2024 06:58 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 07 Jun 2024 06:58 PM IST
सार
नारनौल में 19 अक्तूबर 2011 को नाबालिग पीड़िता के बयान पर थाना महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। जिसमें दोषी जगदीश उर्फ जग्गा के द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ गलत काम करने के आरोप थे। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना महेंद्रगढ़ पुलिस ने अविलंब अभियोग पंजीबद्ध किया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को न्यायालय ने 8 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ न्यायालय ने लीगल एड को पीड़िता के परिवार को 50 हजार की सहायता राशि प्रदान करने के आदेश भी दिए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने महिला विरुद्ध अपराध व पॉक्सो एक्ट के तहत बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करने के निर्देश दिए हुए हैं।
विज्ञापन
इस मामले में भी महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा की गई दमदार एवं उत्कृष्ट पैरवी पर नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने के मामले में शशि चौहान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी जगदीश उर्फ जग्गा को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है और जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने दोषी जगदीश उर्फ जग्गा को धारा 376 आईपीसी के तहत 8 वर्ष कठोर कारावास की सजा व 15 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
क्या था मामला
19 अक्तूबर 2011 को नाबालिग पीड़िता के बयान पर थाना महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। जिसमें दोषी जगदीश उर्फ जग्गा के द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ गलत काम करने के आरोप थे। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना महेंद्रगढ़ पुलिस ने अविलंब अभियोग पंजीबद्ध किया था। जांच इकाई के द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया था। इसके बाद 2012 में आरोपी पीओ घोषित हो गया था। जिसे 2022 में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और मामले की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।
विज्ञापन
न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए दोषी को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और जांच इकाई की उत्कृष्ट पैरवी एवं प्रॉसीक्यूशन द्वारा पेश की गई मजबूत दलीलों से दोषियों की सजा में कोई नरमी नहीं बरती गई। न्यायालय ने अभियोग में सुनवाई करते हुए दोषी को उक्त मामले में कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं।